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Ghaziabad News: उधार के 500 रुपये नहीं देने पर जहर देकर की थी हेल्पर की हत्या, साथी गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 17 Sep 2024 03:53 AM IST
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Helper was murdered by poisoning for not paying Rs 500 as loan, accomplice arrested
साहिबाबाद। औद्योगिक क्षेत्र की एक आयुर्वेदिक कंपनी में हेल्पर महेंद्र सिंह (29) को कर्मचारी धर्मेंद्र उर्फ धीरेंद्र ने उधार के 500 रुपये नहीं देने पर जहर देकर उनकी हत्या कर दी थी। घटना 6 जुलाई 2022 की है। लिंक रोड पुलिस ने बिसरा की जांच में जहर मिलने की पुष्टि के बाद सोमवार को घटना का खुलासा किया। मृतक के भाई ओमप्रकाश का आरोप है कि लिंक रोड थाने में तत्कालीन थाना प्रभारी ने मुकदमा दर्ज और कार्रवाई करने से मना कर दिया। उन्होंने केस में लापरवाही बरतने और जांच के आधार पर कार्रवाई की मांग की है।
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एसीपी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि कंपनी में हेल्पर महेंद्र सिंह की हत्या के मामले में 15 सितंबर को मुकदमा दर्ज कर आरोपी धर्मेंद्र उर्फ धीरेंद्र सिंह पुत्र भरत सिंह निवासी उमरसर थाना गढिया रंगीन जिला शाहजहांपुर को भारद्वाज कट के पास से गिरफ्तार किया है। उसने पूछताछ में बताया कि वह महेंद्र के साथ काम करता था। कंपनी के एक स्टाफ से महेंद्र ने उसके नाम पर 500 रुपये उधार ले लिए थे। इसका पता चलने पर उसने रुपये मांगे तो महेंद्र ने देने से मना कर दिया। इस रंजिश में उसने 6 जुलाई 2022 को कंपनी में रहते हुए उन्हें चूर्ण में जहर मिलाकर खिला दिया। आरोपी को अग्रिम कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया।
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यह था पूरा घटनाक्रम, भाई ने लगाए गंभीर आरोप :
अमरोहा स्थित तहसील हसनपुर थाना आदमपुर के ग्राम गढियाल में रहने वाले महेंद्र सिंह साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की एक आयुर्वेदिक कंपनी में हेल्पर का काम करते थे। वह प्रह्लादगढ़ी में किराये पर पत्नी ज्योति और बेटे सौरभ व गौरव के साथ रहते थे। भाई ओमप्रकाश ने बताया कि 6 जुलाई 2022 को महेंद्र की कंपनी में अचानक तबियत खराब हाे गई। कंपनी से उन्हें बिना इलाज कराए घर भेज दिया गया। दोपहर करीब 12 बजे ज्योति ने परिवार को सूचना दी। वह मौके पर पहुंचे तो वहां भाई की तबीयत खराब देखकर होश उड़ गए। उनका आरोप है कि पता करने में मालूम हुआ कि महेंद्र को कंपनी में जहर दिया गया। उन्होंने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। प्रह्लादगढ़ी पुलिस की मदद से भाई को वसुंधरा के निजी अस्पताल ले गए। वहां डॉक्टर के दौरान महेंद्र ने दम तोड़ दिया। घटनास्थल के आधार पर लिंक रोड पुलिस ने मामले में जांच की। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। तो पुलिस ने बिसरा सुरक्षित रख लिया।
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न्याय के लिए काटते रहे अधिकारियों के चक्कर
उनका आरोप है कि मामले में कार्रवाई के लिए उन्होंने तत्कालीन एसएसपी, एसपी सिटी कार्यालय पर कई बार चक्कर काटे लेकिन कहीं पर सुनवाई नहीं हुई। हाल ही में, लिंक रोड थाने गए तो पता चला कि बिसरा रिपोर्ट हत्या की ओर इशारा कर रही है। इसके बाद परिवार के लोग आला अधिकारियों से मिले और मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
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