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Ghaziabad News: पड़ोसियों की प्रताड़ना या पारिवारिक विवाद...बेटे की आत्महत्या मामले में कोर्ट करेगी खुद जांच

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 01:27 AM IST
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Harassment by Neighbors or Family Disputes... Court to Conduct Its Own Inquiry into Son's Suicide Case
गाजियाबाद। अंकुर विहार क्षेत्र में बेटे की आत्महत्या के मामले में पड़ोसियों की प्रताड़ना और पारिवारिक विवाद के बीच सच्चाई क्या है, इसका पता अब अदालत खुद लगाएगी। विधवा महिला द्वारा पड़ोसियों पर मकान कब्जाने, जातिसूचक अपमान और बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप लगाने के बाद एससी/एसटी एक्ट की विशेष अदालत ने पुलिस जांच पर भरोसा न करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज कर न्यायिक जांच कराने का आदेश दिया है। गायत्री रानी के बयान के लिए दो जुलाई की तारीख तय की गई है।
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गायत्री रानी ने अदालत में दायर प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया कि पड़ोसी संजय पांडे, उनकी पत्नी अर्चना पांडे और पुत्र तुषार पांडे ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके एकमात्र मकान पर कब्जा कर लिया। महिला का दावा है कि उसने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर या अंगूठा नहीं लगाया, जबकि उसके नाम से कूटरचित कागजात तैयार किए गए।
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महिला के अनुसार, उसके पुत्र कमल और संजय पांडे के बीच वाहन के लेनदेन को लेकर विवाद चल रहा था। दिसंबर 2025 में शिकायत के बाद पुलिस चौकी में कथित रूप से समझौते का दबाव बनाया गया। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया और परिवार के साथ मारपीट की गई। आरोप है कि महिला से कोरे कागज पर जबरन अंगूठा भी लगवाया गया।
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महिला का कहना है कि लगातार दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर उसके पुत्र कमल ने 14 फरवरी 2025 को फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि पुलिस रिपोर्ट में आत्महत्या की वजह मां-बेटे के बीच मकान बैनामे को लेकर विवाद बताई गई है।


अदालत ने कहा कि आत्महत्या किन परिस्थितियों में हुई और क्या किसी ने इसके लिए उकसाया, यह जांच का विषय है। साथ ही शिकायत में पुलिसकर्मियों पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं, इसलिए निष्पक्षता के मद्देनजर अदालत खुद मामले की जांच करेगी।
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