फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   hapur news

बारिश का कहर... बंद गोभी की 90 फीसदी फसल चौपट

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 23 Sep 2021 11:26 PM IST
विज्ञापन
hapur news
बारिश के पानी से लबालब भरा बंदगोभी का खेत। - फोटो : HAPUR
बारिश का कहर... बंद गोभी की 90 फीसदी फसल चौपट
विज्ञापन

हापुड़। खेतों में बारिश का पानी भरने से जिले में बंदगोभी की 90 फीसदी फसल चौपट हो गई है। 29 हजार रुपये किलो का बीज खरीदकर किसानों ने 300 हेक्टेयर में बंद गोभी की रोपाई की थी।
दिल्ली नोएडा के करीब होने की वजह से जिले मेें बड़े पैमाने पर सब्जियों की खेती होती है। इस बार महमूदपुर, सांवी, हुमांयूपुर, नवादा, मीरपुर, उबारपुर समेत 30 से ज्यादा गांवों में किसानों ने करीब 300 हेक्टेयर में बंद गोभी की रोपाई जुलाई में की थी। बारिश में इसमें से कुछ फसल नष्ट हो गई तो अगस्त में फिर रोपाई की गई। बुधवार को भारी बारिश की वजह से बंद गोभी उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है। बंद गोभी की औसत उपज-30 से 70 टन प्रति हेक्टेयर होती है। एक हेक्टेयर में 250 से 400 ग्राम तक बीज लगता है।
विज्ञापन

शेष 10 फीसदी फसल पर भी खतरा
उद्यान विशेषज्ञ बताते हैं कि बारिश के बाद तेज धूप पड़ने से पौधा झुलस जाता है। इस स्थिति में पौधे को बचाना मुश्किल भरा होता है। जिले में जो करीब दस फीसदी गोभी शेष बची है उस पर झुलसा रोग का खतरा है। इस फसल को बचाने के लिए किसान खेतों से पानी निकालने में जुटे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

इन गांवों में किसान ज्यादा बोते हैं बंद गोभी
सलाई, काठीखेड़ा, श्यामपुर, ददायरा, लालपुर, सीतादेई, रसूलपुर, दयानतपुर, मंसूरपुर, जरौठी, असौड़ा, धनौरा आदि गांवों में बड़े पैमाने पर बंद गोभी की खेती होती है।
आम आदमी की जेब पर बढ़ेगा बोझ
बंदगोभी की बिक्री के लिए बुलंदशहर रोड स्थित पड़ाव पर अस्थाई मंडी बनी हुई है। जिसमें अक्तूबर महीने से बंद गोभी पहुंचनी शुरू हो जाती है। यहां से किसान हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बंद गोभी बेचने के लिए ले जाते हैं। अब फसल नष्ट होने से अक्टूबर में बंद गोभी के दामों मेें तेजी आएगी और आम आदमी की जेब पर भी इसका असर पड़ेगा।
धान की फसल को भी नुकसान
बारिश से धान की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। जिन खेतों में धान की कटाई शुरू हो चुकी है, उनमें पानी भरने से दाना काला पड़ने की आशंका बन गई है। इस तरह धान का मंडी में किसानों को अच्छा दाम नहीं मिल सकेगा।
किसानों का दर्द:
दो बार फसल हुई बर्बाद
जुलाई महीने में बंद गोभी की फसल लगाई थी, जो बारिश से बर्बाद हो गई थी। इसके बाद अगस्त में फिर से फसल लगाई, जो फिर से बारिश में नष्ट हो गई। --टेनपाल सिंह, किसान।
कर्ज लेकर खरीदा था बीज
कर्ज लेकर 29 हजार रुपये किलो की दर से बीज लेकर फसल की बुवाई की थी। बंदगोभी की फसल से अबकी बार अच्छे मुनाफे की उम्मीद थी,पर बारिश ने बड़ा नुकसान कर दिया है। --कृपाल सिंह, किसान।
22 बीघा फसल बर्बाद
आलू और गन्ने का मोह छोड़कर पहली बार 22 बीघा में बंद गोभी की रोपाई की थी।बारिश में पूरी फसल बर्बाद हो गई है। घर का खर्च कैसे चलेगा यह बड़ा संकट है।--नरेंद्र सहवाग, किसान।
मुआवजा दे सरकार
बारिश से बंद गोभी किसानों को करोड़ों का नुकसान हुआ है। मेरी भी करीब दो लाख की फसल बर्बाद हो गई है। ऐसे में जिला प्रशासन जल्द फसल क्षति का आंकलन करा मुआवजा दिलाए। ---बिट्टू उर्फ रविंद्र सिंह, किसान।

कराएंगे सर्वे
बारिश से बंदगोभी की फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। इसके लिए उद्यान विभाग और कृषि विभाग के अफसरों को निर्देशित किया जाएगा।--सत्यप्रकाश, एसडीएम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed