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560 टीमें 10 दिन खोजेंगी बुखार के मरीज
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560 टीमें 10 दिन खोजेंगी बुखार के मरीज
हापुड़। बुखार के मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड प्लान पर काम शुरू कर दिया है। मंगलवार से शुरू हुए अभियान में दस दिन के अंदर 560 टीमें घर-घर जाकर बुखार के मरीज खोजेंगी। इसके साथ ही कोराना, टीबी, डेंगू और मलेरिया के मरीजों का भी सर्वे किया जाएगा।
मौसम में बदलाव के साथ ही वायरल बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज बढ़े हैं। अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से फुल चल रही हैं। हर गांव हर मोहल्ले में घर-घर बुखार के मरीज हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत मंगलवार से 560 टीमों ने घर घर जाकर सर्वे शुरू कर दिया। अभी तक कोरोनारोधी टीका न लगवाने वालों को भी यह टीमें प्रेरित करेंगी।
टीमों को दी गईं जांच किट
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमों को रैपिड टेस्ट किट भी दी गई हैं। इस किट से तत्काल डेंगू, मलेरिया की जांच हो सकेगी। सैंपल होने पर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा सकेंगे।
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छूटे बच्चों को मिलेगा टीके का सुरक्षा चक्र
कोरोना महामारी के दौरान जन्मे बहुत से बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इन बच्चों को जानलेवा बीमारियों का सुरक्षा कवच अभी तक नहीं मिल सका है। इस अभियान में टीमें ऐसे बच्चों की सूची बनाकर इनके लिए टीकाकरण के सत्र चलाएंगी।
टीबी के मरीजों की होगी पहचान
दस दिन तक चलने वाले अभियान में टीम घर घर जाकर टीबी के लक्षण वाले मरीजों की भी सूची बनाएंगी। इनके सैंपल लेकर जांच को लैब भेजे जाएंगे। पॉजिटिव आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा सकेगा।
इनका बनेगा डाटा बेस
आयुष्मान के लाभार्थियों को मिले गोल्डन कार्ड का सर्वे।
टीबी के लक्षण वाले मरीजों का सर्वे।
कोरोना के लक्षण वाले मरीजों का सर्वे।
टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिलाओं की सूची।
कोविड टीकाकरण से वंचित लोगों की संख्या।
सतर्क है विभाग
बुखार से पीड़ित मरीजों को राहत दिलाने के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। घर-घर सर्वे कर, मरीजों को दवाएं मुहैया करायी जाएंगी। जिनकी हालत गंभीर होगी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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हापुड़। बुखार के मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड प्लान पर काम शुरू कर दिया है। मंगलवार से शुरू हुए अभियान में दस दिन के अंदर 560 टीमें घर-घर जाकर बुखार के मरीज खोजेंगी। इसके साथ ही कोराना, टीबी, डेंगू और मलेरिया के मरीजों का भी सर्वे किया जाएगा।
मौसम में बदलाव के साथ ही वायरल बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज बढ़े हैं। अस्पतालों की ओपीडी मरीजों से फुल चल रही हैं। हर गांव हर मोहल्ले में घर-घर बुखार के मरीज हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने रैपिड एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत मंगलवार से 560 टीमों ने घर घर जाकर सर्वे शुरू कर दिया। अभी तक कोरोनारोधी टीका न लगवाने वालों को भी यह टीमें प्रेरित करेंगी।
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टीमों को दी गईं जांच किट
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीमों को रैपिड टेस्ट किट भी दी गई हैं। इस किट से तत्काल डेंगू, मलेरिया की जांच हो सकेगी। सैंपल होने पर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा सकेंगे।
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छूटे बच्चों को मिलेगा टीके का सुरक्षा चक्र
कोरोना महामारी के दौरान जन्मे बहुत से बच्चे टीकाकरण से वंचित रह गए हैं। इन बच्चों को जानलेवा बीमारियों का सुरक्षा कवच अभी तक नहीं मिल सका है। इस अभियान में टीमें ऐसे बच्चों की सूची बनाकर इनके लिए टीकाकरण के सत्र चलाएंगी।
टीबी के मरीजों की होगी पहचान
दस दिन तक चलने वाले अभियान में टीम घर घर जाकर टीबी के लक्षण वाले मरीजों की भी सूची बनाएंगी। इनके सैंपल लेकर जांच को लैब भेजे जाएंगे। पॉजिटिव आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार दिया जा सकेगा।
इनका बनेगा डाटा बेस
आयुष्मान के लाभार्थियों को मिले गोल्डन कार्ड का सर्वे।
टीबी के लक्षण वाले मरीजों का सर्वे।
कोरोना के लक्षण वाले मरीजों का सर्वे।
टीकाकरण से वंचित गर्भवती महिलाओं की सूची।
कोविड टीकाकरण से वंचित लोगों की संख्या।
सतर्क है विभाग
बुखार से पीड़ित मरीजों को राहत दिलाने के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है। घर-घर सर्वे कर, मरीजों को दवाएं मुहैया करायी जाएंगी। जिनकी हालत गंभीर होगी उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।--डॉ रेखा शर्मा, सीएमओ।
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