फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   hapur news

हॉलमार्किंग से सराफा का 20 करोड़ का माल फंसा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 16 Jun 2021 11:50 PM IST
विज्ञापन
hapur news
हॉलमार्किंग से सराफा का 20 करोड़ का माल फंसा
विज्ञापन

हापुड़। आभूषणों पर हॉलमार्क की अनिवार्यता से जिले में भी सराफा व्यापारियों के समक्ष करीब 20 करोड़ का स्टॉक फंस गया है। हॉलमार्किंग कानून में 14, 18 व 22 कैरेट की मान्यता है, जबकि सराफा व्यापारियों के पास 20, 23 व 24 कैरेट का भी स्टाक हैं। हापुड़ में सैकड़ों फर्म में से महज 3-4 के पास ही हॉलमार्क की सुविधा है। इसलिए यहां अधिकांश आभूषण बिना हॉलमार्क वाले ही हैं। ऐसे में सरकार के नए फैसले से सराफा व्यापारियों की परेशानी बढ़ गई है। सराफ कहते हैं कि अपनी फर्म के लिए हॉलमार्क लाइसेंस लेने, नया स्टाक हॉलमार्क के साथ बनाने में कोई परेशानी नहीं है, लेकिन सबसे बड़ी चिंता पुराने आभूषणों के स्टॉक की है।
हापुड़ सर्राफ बाजार..
190- फर्म बंधेल कारोबार से जुड़ी
218- फर्म सर्राफा रजिस्टर्ड
5 हजार- कारीगर बंधेल कारोबार से संबंधित
--
हॉलमार्क लाइसेंस लेने की प्रक्रिया
-फर्म एस्टेब्लिशमेंट के प्रमाण की कॉपी
-फर्म एड्रेस के प्रमाण की कॉपी
-फर्म के ऑथराइस्ड सिग्नेटरी का पहचान पत्र
-फर्म के पते को दर्शाने वाले मानचित्र की कॉपी
-वार्षिक टर्नओवर के प्रमाण पत्र की कॉपी
-जीएसटी रिर्टन का प्रमाण
-जेवर पर लगवाने वाले लोगो या निशान की जानकारी
-सीए सर्टिफिकेट
......
एक सितंबर तक सशर्त छूट
15 जून से हॉलमार्क की अनिवार्यता लागू हो चुकी है, लेकिन सराफा व्यापारियों को अपना वर्तमान स्टॉक खत्म करने व हॉलमार्क के लिए एक सिंतबर तक छूट दी गई है। एक सिंतबर तक कोई भी विभागीय अधिकारी हॉलमार्क को लेकर कार्रवाई नहीं करेगा। वहीं 40 लाख टर्नओवर वाले छोटे व्यापारियों को रजिस्ट्रेशन से छूट दी गई है।
विज्ञापन

दूसरे जिले के काटने होंगे चक्कर
वर्तमान में हापुड़ जनपद में कोई भी हॉलमार्क सेंटर नहीं हैं। सराफा व्यापारियों की मानें तो मेरठ, गाजियाबाद व दिल्ली में हॉलमार्क सेंटर हैं। ऐसे में अगर हापुड़ के सराफा व्यापारी को अपनी फर्म के लिए हॉलमार्क लाइसेंस लेना होगा तो उसके आसपास के जनपदों के चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ेगा। अगर यह सुविधा हापुड़ में हो तो सराफा व्यापारियों को खासा लाभ होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

पुराने स्टॉक खत्म करना चुनौती
कोरोना काल में सराफा कारोबार सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। अब कारोबारियों पर हॉलमार्क की अनिवार्यता की मार पड़ गई है। हापुड़ में सैकड़ों फर्मों पर करीब 20 करोड़ का पुराना स्टाक पड़ा हुआ है। ऐसे में पुराने स्टॉक को खत्म करना भी सबसे बड़ी चुनौती है।-अमित शर्मा, कोषाध्यक्ष, सराफा एसोसिएशन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed