फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   hapur news

हाईवे पर रफ्तार बेकाबू, चालान से भी नहीं लगा ब्रेक

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 07 Apr 2021 12:10 AM IST
विज्ञापन
hapur news
हाईवे पर रफ्तार बेकाबू, चालान से भी नहीं लगा ब्रेक
विज्ञापन

हापुड़। हाईवे और एक्सप्रेसवे बनने के बाद सफर सुहाना जरूर हुआ है, लेकिन खतरे भी बढ़े हैं। वाहन चालक अक्सर एक्सीलरेटर दबाते-दबाते स्पीड मीटर देखना भूल जाते हैं और रफ्तार बेलगाम हो जाती है। इससे दुघर्टनाओं का जोखिम बढ़ रहा है। परिवहन विभाग के आंकड़े बताते हैं कि दो साल में करीब तीन हजार वाहन चालकों के चालान तेज रफ्तार की वजह से हुए हैं।
पिछले दो वर्षों में जिले में गाजियाबाद से हापुड तक दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे के तीसरे चरण की पिलखुवा एलिवेटेड रोड और मेरठ से बुलंदशहर तक एनएच 334 का निर्माण हुआ है। इन हाईवे पर छोटे चार पहिया वाहनों के लिए अधिकतम रफ्तार सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि भारी वाहनों के लिए 80 किलोमीटर प्रति घंटा ही निर्धारित है। लेकिन हाईवे पर एक्सीलेटर पर पैर रखने के बाद बिना किसी अवरोध के वाहन दौडाने के कारण चालक यह भूल जाते हैं कि वे अपनी अधिकतम सीमा को पार कर चुके हैं। अधिकारियों की मानें तो हाईवे पर 40 प्रतिशत वाहन ओवरलोड दौड़ रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं की संभावना और बढ़ जाती है।
विज्ञापन

वर्ष 19-20 में जिले में तेज रफ्तार की वजह से कुल 1424 चालान काटे गए और 2.16 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। वर्ष 20-21 में कुल 1536 चालान काटते हुए 1.96 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। ये सभी चालान इंटरसेप्टर वाहन द्वारा काटे गए हैं। इंटरसेप्टर वाहन परिवहन विभाग की एक कार है, जिसके ऊपर कैमरे और अन्य यंत्र लगे होते हैं। यह वाहन एक माह में जिले में चार पांच दिन ही कार्रवाई करता है, अगर इसे रोजाना लगाया जाए तो तेज रफ्तार की वजह से चालानों की संख्या बहुत बढ़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

----
जानलेवा बनी तेज रफ्तार
ओवर स्पीड के कारण पिछले कुछ दिनों में हाईवे पर दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। सोमवार रात ही एक तेज रफ्तार कैंटर हाईवे पर पलट गया था। जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा कुछ दिन पहले तेज रफ्तार कार एनएच 334 पर डंपर से टकरा गई थी। जिसमें बच्चे सहित दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा एलिवेटेड रोड और एनएच 334 पर दुर्घटनाओं का आंकड़ा बढ़ा है। वर्ष 19-20 में जिले में 156 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 56 लोगों की मौत हुई। जबकि इस वर्ष 171 दुर्घटनाओं में 62 लोगों की मौत हुई है।

----
एआरटीओ प्रर्वतन महेश शर्मा ने बताया कि जिले में इंटरसेप्टर वाहन द्वारा ओवर स्पीड वाहनों के चालान काटे जाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि वाहनों की ओवर स्पीडिंग में इजाफा हुआ है। चालकों को चाहिए के वे संयम के साथ वाहनों को निर्धारित गति में ही हाईवे पर दौड़ाएं और सुरक्षित रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed