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Ghaziabad News: बोगस फर्माें से बिल-पर्चे कटवाकर हो रही जीएसटी की चोरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 25 Aug 2023 12:52 AM IST
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GST evasion is being done by cutting bills from bogus firms
राजीव शर्मा
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गाजियाबाद। बोगस फर्माें के जरिये जीएसटी चोरी के मामले नोएडा के साथ-साथ गाजियाबाद में भी बढ़े हैं। बीते तीन साल में राज्यकर विभाग के अधिकारी करीब 70 से ज्यादा बोगस फर्माें के माध्यम से टैक्स चोरी के मामले पकड़ चुके हैं। बीते एक महीने में जीएसटी ने चार फर्माें पर सर्वे किया, सभी में बोगस फर्माें से खरीद-बिक्री दर्शाकर आईटीसी क्लेम लेने के मामले सामने आए हैं। तीन साल में बोगस फर्माें के जरिये करीब 200 करोड़ से ज्यादा जीएसटी चोरी के मामले पकड़े जा चुके हैं।
राज्यकर की व्यवस्था ऑनलाइन हो जाने के बाद जीएसटी अधिकारियों के हाथों में स्मार्ट टूल्स आ गए हैं। विभाग के अधिकारी व्यापारियों की ओर से दाखिल की जा रही जीएसटी रिटर्न के आंकड़ों का विश्लेषण करके टैक्स चोरी के मामले पकड़ने आसान हो गए हैं। हालांकि विभाग के साथ-साथ टैक्स चोरी करने वालों ने भी नए-नए तरीके बना लिए हैं।
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इसमें एक फर्म से ज्यादा लेनदेन दर्शाने की बजाय छोटी-छोटी कई बोगस या डमी फर्म बनाकर टैक्स चोरी करने के मामले बढ़े हैं। वर्ष 2020 से 2023 तक करीब 70 से ज्यादा बोगस फर्माें के जरिए जीएसटी चोरी करने का खुलासा हुआ है। राज्यकर विभाग ने जुलाई 2023 में मेरठ रोड स्थित क्लाउड स्पेस किराए पर देने वाली एक कंपनी पर कार्रवाई कर 10 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी थी। इस फर्म ने कई बोगस फर्माें से लेनदेन दर्शाया था। बीते शनिवार को राज्यकर विभाग ने ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र में नेपकिन बनाने वाली एक कंपनी की ओर से की गई 80 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी गई थी।
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इस फर्म ने भी बोगस फर्माें से लेनदेन कर आईटीसी क्लेम ले लिया था। इससे पहले बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र स्थित बैटरी प्लेट बनाने वाली कंपनी और लोहे का कारोबार करने वाली फर्म ने बोगस फर्माें के जरिए 1.10 करोड़ की। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में एक सर्विस सेक्टर की फर्म ने बोगस फर्मों से लेनदेन दर्शाकर फर्जी तरीके से 40 लाख का आईटीसी क्लेम ले लिया। बीते सप्ताह राज्यकर विभाग ने इस फर्म पर कार्रवाई की थी।

पहले भी बड़े स्तर पर पकड़ी गई जीएसटी चोरी
वर्ष 2020 में राज्यकर विभाग के अधिकारियों ने 36 बोगस फर्माें के जरिए करीब 200 करोड़ से ज्यादा टैक्स चोरी के मामले पकड़े थे। गाजियाबाद जोन में शामिल हापुड़ जिले के एक मीट कारोबारी पर कार्रवाई कर 1.08 करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी जा चुकी है। इस मामले में 25 बोगस फर्माें के जरिए टैक्स चोरी की जाती हुई पाई गई थी। वर्ष 2022 में जीएसटी ने गाजियाबाद में 15, बुलंदशहर-खुर्जा में छह और हापुड़ में दो फर्माें पर कार्रवाई की। इसमें पाया गया कि बोगस फर्माें के माध्यम से जीएसटी क्लेम लिया जा रहा था।

स्मार्ट टूल्स से पकड़ी जा रही चोरी
जीएसटी रिटर्न की सभी प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाने के बाद राज्यकर विभाग के अधिकारी अपने कंप्यूटर पर क्षेत्र की पंजीकृत फर्माें का खरीद और बिक्री का ब्यौरा देख सकते हैं। जीएसटी क्लेम लेने का डाटा भी कंप्यूटर में मौजूद रहता है। अधिकारियों की टीम अपने दफ्तर में बैठे-बैठे इन आंकड़ों का विश्लेषण कर लेती है। इस रिटर्न से पहले के लेनदेन का विश्लेषण कर टैक्स चोरी के मामले आसानी से पकड़ में आ जाते हैं।

सामान का बिल जरूर लें उपभोक्ता
राज्यकर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ता सामान खरीदते वक्त दुकानदार से बिल जरूर लें। इससे टैक्स चोरी रुकेगी और दुकानदार की ओर से उपभोक्ताओं से ली गई टैक्स की रकम सरकार तक पहुंच सकेगी। सामान का बिल न लेने से टैक्स चोरी को बढ़ावा मिलता है।


बोगस फर्माें के जरिए किए जा रहे लेनदेन पर निगरानी बढ़ाई गई है। बीते माह पांच फर्माें पर कार्रवाई की जा चुकी है। हर खंड में तैनात असिस्टेंट कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि टैक्स चोरी करने वाली फर्माें की जानकारी इंटेलीजेंस के माध्यम से जुटाकर उन पर कार्रवाई की जाए। - दिनेश कुमार मिश्रा, अपर आयुक्त ग्रेड-1, जोन-2
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