फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghzaiabad news

डासना देवी मंदिर में घुसे जीजा- साले, धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 04 Jun 2021 12:49 AM IST
विज्ञापन
ghzaiabad news
डासना देवी मंदिर में घुसे जीजा- साले, धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार
विज्ञापन

गाजियाबाद। डासना देवी मंदिर में बुधवार रात दबोचे गए जीजा-साले के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मसूरी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से सर्जिकल ब्लेड व सामान बरामद होने पर मंदिर के सेवादारों ने दोनों पर आरोप लगाया था कि वह महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती की हत्या करने आए हैं। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईबी, एलआईयू और एटीएस भी पूछताछ कर चुकी है, लेकिन अभी तक की जांच में ऐसी कोई बात सामने नहीं आई है। आरोपियों से बरामद सामान वेक्यूम थेरेपी से जुड़ा बताया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वह शास्त्रार्थ करने के लिए महंत से मिलने आए थे।
एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा का कहना है कि मंदिर के गेट पर एंट्री के दौरान आरोपियों ने अपने नाम विपुल विजयवर्गीय और काशी गुप्ता लिखवाए थे। शक होने पर मंदिर के सेवादारों ने पूछताछ की तो काशी गुप्ता नाम लिखवाने वाला युवक संजयनगर गाजियाबाद निवासी कासिफ निकला। विपुल विजयवर्गीय नागपुर का रहने वाला है। दोनों के पास मौजूद बैग से सर्जिकल ब्लेड, धार्मिक किताबें, वेक्यूम सेक्शन मशीन और वेक्यूम थेरेपी में काम आने वाली दवाइयां मिलीं। पूछताछ में विपुल ने खुद को यूनानी डाक्टर बताया है। उसने बताया कि उससे बरामद सामान को वह यूनानी पद्धति से लोगों का इलाज करने में इस्तेमाल करता है। हालांकि, वह खुद के डाक्टर होने का प्रमाण पुलिस को नहीं दे सका। एसपी ग्रामीण का कहना है कि रजिस्टर में फर्जी नाम लिखवाने के चलते धोखाधड़ी का केस दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया। महंत के करीबी अनिल यादव ने इस बारे में तहरीर दी थी। एसपी ग्रामीण ने बताया कि आईबी, एलआईयू, एटीएस ने भी आरोपियों से पूछताछ की है, लेकिन ऐसा कोई बात सामने नहीं आई है कि दोनों आरोपी हत्या करने आए थे। गाजियाबाद पुलिस ने नागपुर पुलिस से भी संपर्क किया। लेकिन वहां से भी विपुल विजयवर्गीय का कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला।
विज्ञापन

पैरामेडिकल के पढ़ाई के दौरान विपुल ने कासिफ की बहन से की शादी
एसपी ग्रामीण ने बताया कि विपुल विजयवर्गीय ने कुछ समय पहले गाजियाबाद में पैरामेडिकल की पढ़ाई की थी। उसके साथ दूसरे आरोपी कासिफ की बहन आयशा भी पढ़ती थी। दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे और करीब डेढ़ साल पहले शादी कर ली। आयशा काफी समय से अपने मायके आई हुई थी। इसी मार्च माह में उसने बेटी को जन्म दिया है। एसपी ग्रामीण का कहना है कि बेटी और आयशा को लेने के लिए ही विपुल विजयवर्गीय गत 27 मई को गाजियाबाद आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

मंदिर पर लगे बोर्ड के चलते लिखवाया था गलत नाम
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में कैलाश विजयवर्गीय ने बताया है कि वह डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती से मिलकर शास्त्रार्थ करना चाहता था। उनसे मिलने के लिए वह अपने साले कासिफ को साथ लेकर गया। मंदिर के बाहर संप्रदाय विशेष के लोगों की एंट्री प्रतिबंधित लिखी हुई थी, जिसके चलते उसने उसका नाम गलत दर्ज कराया। एसपी ग्रामीण का कहना है कि आरोपियों से मिले बैग में हिंदू और इस्लाम धर्म से जुड़े तमाम पुस्तकें व ग्रंथ मिले हैं।
पुलिस पर लापरवाही और धाराओं में खेल का आरोप
पूरे प्रकरण को लेकर महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती के करीबियों अनिल यादव और महंत चेतनानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि मंदिर की सुरक्षा में पुलिस घोर लापरवाही बरतती है। गस्त और गेट की चेकिंग के नाम पर महज खानापूर्ति की जाती है। उन्होंने कहा कि दोनों आरोपी बड़ी साजिश के तहत मंदिर में आए थे। इसके बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ उचित धाराएं नहीं लगाई हैं। उन्होंने मंदिर से जुड़े लोगों और मंदिर परिसर की सुरक्षा और पुख्ता करने की मांग की है।
डायरी के 7 पन्नों पर लिखे थे महंत से पूछे जाने वाले सवाल
पुलिस के मुताबिक विपुल विजयवर्गीय के बैग से एक डायरी भी मिली, जिसमें 7 पन्नों पर सवालों की सूची लिखी हुई है। विपुल का कहना है कि यह सभी सवाल उसे महंत नरसिंहानंद सरस्वती से पूछने थे। इन सवालों का जवाब लेकर ही वह शास्त्रार्थ करना चाहता था।

पुलिस की लापरवाही से मंदिर परिसर में पहुंची सर्जिकल ब्लेड
डासना देवी मंदिर के महंत की हत्या की साजिश में दिल्ली पुलिस ने हाल ही में कश्मीर निवासी आतंकी जान मोहम्मद को साधु के वेश में गिरफ्तार किया था। इसके बाद महंत की सुरक्षा में चार पुलिसकर्मी तैनात किए गए तो वहीं, मंदिर परिसर के गेट पर पुलिस की एक गारद और डेढ़ सेक्शन पीएसी तैनात की गई। गेट पर जांच के लिए मेटल डिटेक्टर भी है। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों की लापरवाही से सर्जिकल ब्लेड व अन्य सामान मंदिर परिसर में प्रवेश कर गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed