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चार-पांच दिन में खाली हो जाएगा गाजीपुर बॉर्डर ः टिकैत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:45 AM IST
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चार-पांच दिन में खाली हो जाएगा गाजीपुर बॉर्डर : टिकैत
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साहिबाबाद। यूपी गेट आंदोलन स्थल पर किसानों की जत्थेबंदी ने शनिवार को विजय दिवस मनाया। भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत कहा कि चार-पांच दिन में गाजीपुर बॉर्डर आंदोलन स्थल हो जाएगा। इससे पहले वह कैराना में पंचायत करेंगे। इसके बाद चंडीगढ़ और हरियाणा में कई मोर्चे पर प्रदर्शन को खत्म कराकर गाजीपुर आंदोलन स्थल को खाली करेंगे। किसानों ने लंगर व तंबुओं का सामान बांधने का काम तेज कर दिया है। शाम करीब पांच बजे आंदोलन के तमाम सहयोगियों को किसान आंदोलन कमेटी ने हरा पटका पहनाकर सम्मानित किया।
सुबह से ही गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बड़ौत,बागपत समेत अन्य जगहों से किसानों के पहुंचने का सिलसिला तेज हो गया। किसानों ने मंच से गुरु का पाठ कर पूजा अर्चना की। दोपहर में पैदल चलने वाले लोगों को वाहनों से आंदोलन स्थल पर मंच तक पहुंचने में दिक्कत हुई। पाठ के दौरान ही भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत को सरोपा पहना कर सम्मानित किया गया। मंच से किसानों को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी योगेंद्र यादव और भाकियू महासचिव युद्धवीर सिंह ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है। उसकी समीक्षा 15 जनवरी को मोर्चा बैठक के दौरान करेगा। आंदोलन में सभी की सहभागिता से विजय हुई है। किसानों ने इस आंदोलन से दिखा दिया है कि अब वह अपना अधिकार लेकर रहेंगे। वहीं, राकेश टिकैत ने कहा कि अमृतसर, चंडीगढ़ व हरियाणा से लौटने के बाद यूपी गेट को खाली करेंगे। आंदोलन के बाद विभिन्न मुद्दों को लेकर राज्य सरकारों से वार्ता की जाएगी। 15 जनवरी को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक होगी। जरूरत पड़ने पर सरकार से भी बात करेंगे। सरकार समझौते के आधार पर किसानों की सभी बातों को मानेगी।
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तेजी से हट रहे टेंट और लंगर
यूपी गेट पर किसान तेजी से अपना सामान बांधने में जुटे हैं। खोड़ा अंडरपास से लेकर हिंडन नहर तक लगभग सड़क खाली हो गई है। वहां जितने भी टेंट और लंगर लगे थे, उन्हें हटाने के लिए बुजुर्ग व युवा किसानों के अलावा महिलाएं भी सामान समेटने में जुटी रहीं। किसानों ने अपना सामान ले जाने के लिए ट्रक, मेटाडोर व टैक्टर आदि का प्रयोग किया। रात में कुछ किसान जत्थेबंदी घर की तरफ रवाना हो गई। अभी दिल्ली मेरठ एक्सप्रेसवे पर आंदोलन मंच और एक दो टेंट लगे हैं, जबकि एनएच-9 पर काफी संख्या में टेंट व झोपड़ी लगी हैं। हालांकि उन्हें भी हटाने का काम चल रहा है।
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किसानों का किया टीका
दिल्ली निवासी रीना चौहान यूपी गेट पर बुजुर्ग और तमाम किसानों को टीका लगाकर मुंह मीठा कराती नजर आईं। उनका कहना है कि एक साल 13 दिन के कड़े संघर्ष के बाद किसानों की जीत हुई है। इसी तरह अन्य महिलाओं ने भी किसानों का टीका कर उनके संघर्ष की जीत के बाद बधाई दी। किसानों का जगह-जगह पर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया गया।

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21 सेंचुरी आइकन अवार्ड से सम्मानित हुए राकेश टिकैत
मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बताया कि भाकियू नेता राकेश टिकैत को लंदन की स्क्वेयरड वाटरमेलन कंपनी द्वारा हर वर्ष विश्व स्तर पर यह अवॉर्ड दिया जाता है। शुक्रवार रात राकेश टिकैत को विजेता घोषित कर कंपनी द्वारा अवॉर्ड गाजीपुर बॉर्डर पर भेजा गया। कंपनी के अधिकारियों ने उन्हें अवार्ड देकर सम्मानित किया।
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