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यूपी गेट से 11 महीने बाद हटाया किसानों ने अपना तंबू
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यूपी गेट से 11 महीने बाद हटाया किसानों ने अपना तंबू
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद एनएच-9 की सर्विस लेन को किया खाली
माई सिटी रिपोर्टर
वैशाली। यूपी गेट पर 11 महीनों से लगा किसानों का तंबू आखिरकार बृहस्पतिवार को हटा लिया गया। एनएच-9 की सर्विस लेन पर 27 नवंबर 2020 को लगाए गए इस तंबू को किसानों ने खुद हटा लिया। उन्होंने यह कदम रास्ता रोके जाने की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उठाया है। हालांकि, इसके पीछे उनकी दलील है कि रास्ते में रुकावट उनके तंबू से नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस के बैरियर से आई। तंबू हटाने का मकसद इसी सच को उजागर करना है। इसके लिए किसानों ने सर्विस लेन पर ट्रैक्टर चलाकर भी दिखाया।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने तंबू हटाने का काम किया। इस दौरान किसान बताते रहे कि तंबू के बराबर से ही एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए जगह दी गई थी। इसके बराबर में दिल्ली पुलिस ने बैरियर लगा रखे हैं। इन बैरियर से ही सर्विस लेन ब्लॉक हो गई। अगर दिल्ली पुलिस बैरियर हटा ले तो कोई बाधा ही न रहे। दिल्ली के रास्ते में एक्सप्रेस वे पर भी पुलिस ने बैरियर लगाकर रास्ता रोक रखा है।
आंदोलन जारी... सड़क किनारे बैठे रहेंगे किसान
तंबू हटाने के बाद किसानों ने साफ किया कि आंदोलन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जैसे पहले किसान सड़क किनारे बैठकर विरोध जता रहे थे, वैसे ही अब भी बैठे हैं। किसानों ने कहा कि आंदोलन का मकसद कृषि कानूनों की वापसी कराना है। इसके पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।राकेश टिकैट ने कहा कि आंदोलन में आगे की रणनीति बनाई जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा तय करेगा कि किसानों का कहां जाना है और क्या करना है।
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लगाएंगे पोस्टर, भारत सरकार ने रोका रास्ता
राकेश टिकैत ने कहा कि तंबू हटाने के बाद अगला कदम पुलिस के बैरियरों पर पोस्टर लगाना होगा। इन पर लिखा होगा कि रास्ता भारत सरकार ने रोका है। दिल्ली जाने वाले एक्सप्रेस वे और एनएच-9 पर किसानों की ओर से रास्ते पहले से खुले हुए हैं।
गाजीपुर बार्डर खाली करने की फैलाई जा रही अफवाह
भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ समय से यह अफवाह फैलाई जा रही है कि गाजीपुर बार्डर खाली किया जा रहा है। यह निराधार है।किसान सड़क किनारे बैठे हैं। मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान कहीं नहीं जा रहे हैं।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद एनएच-9 की सर्विस लेन को किया खाली
माई सिटी रिपोर्टर
वैशाली। यूपी गेट पर 11 महीनों से लगा किसानों का तंबू आखिरकार बृहस्पतिवार को हटा लिया गया। एनएच-9 की सर्विस लेन पर 27 नवंबर 2020 को लगाए गए इस तंबू को किसानों ने खुद हटा लिया। उन्होंने यह कदम रास्ता रोके जाने की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद उठाया है। हालांकि, इसके पीछे उनकी दलील है कि रास्ते में रुकावट उनके तंबू से नहीं बल्कि दिल्ली पुलिस के बैरियर से आई। तंबू हटाने का मकसद इसी सच को उजागर करना है। इसके लिए किसानों ने सर्विस लेन पर ट्रैक्टर चलाकर भी दिखाया।
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के नेतृत्व में किसानों ने तंबू हटाने का काम किया। इस दौरान किसान बताते रहे कि तंबू के बराबर से ही एंबुलेंस और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए जगह दी गई थी। इसके बराबर में दिल्ली पुलिस ने बैरियर लगा रखे हैं। इन बैरियर से ही सर्विस लेन ब्लॉक हो गई। अगर दिल्ली पुलिस बैरियर हटा ले तो कोई बाधा ही न रहे। दिल्ली के रास्ते में एक्सप्रेस वे पर भी पुलिस ने बैरियर लगाकर रास्ता रोक रखा है।
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आंदोलन जारी... सड़क किनारे बैठे रहेंगे किसान
तंबू हटाने के बाद किसानों ने साफ किया कि आंदोलन पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। जैसे पहले किसान सड़क किनारे बैठकर विरोध जता रहे थे, वैसे ही अब भी बैठे हैं। किसानों ने कहा कि आंदोलन का मकसद कृषि कानूनों की वापसी कराना है। इसके पूरा होने तक आंदोलन जारी रहेगा।राकेश टिकैट ने कहा कि आंदोलन में आगे की रणनीति बनाई जा रही है। संयुक्त किसान मोर्चा तय करेगा कि किसानों का कहां जाना है और क्या करना है।
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लगाएंगे पोस्टर, भारत सरकार ने रोका रास्ता
राकेश टिकैत ने कहा कि तंबू हटाने के बाद अगला कदम पुलिस के बैरियरों पर पोस्टर लगाना होगा। इन पर लिखा होगा कि रास्ता भारत सरकार ने रोका है। दिल्ली जाने वाले एक्सप्रेस वे और एनएच-9 पर किसानों की ओर से रास्ते पहले से खुले हुए हैं।
गाजीपुर बार्डर खाली करने की फैलाई जा रही अफवाह
भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने बयान जारी करते हुए कहा कि कुछ समय से यह अफवाह फैलाई जा रही है कि गाजीपुर बार्डर खाली किया जा रहा है। यह निराधार है।किसान सड़क किनारे बैठे हैं। मांगे पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। किसान कहीं नहीं जा रहे हैं।