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देशभर के किसान कृषि कानून का विरोध कर रहे हैं, तो सरकार सुनती क्यों नहीं : शिवपाल
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कृषि कानूनों पर सरकार को किसानों की सुननी चाहिये : शिवपाल
लोनी। सरकार ने जिस कृषि कानून को लागू किया है, उसका देश का प्रति एक किसान विरोध कर रहा है। जगह-जगह धरना प्रदर्शन हो रहे हैं, किसान लाठी खा रहे हैं। किसान इतना विरोध कर रहे हैं, तो सरकार को कानून को वापस करना चाहिये। यह बात प्रसपा के मुखिया शिवपाल यादव ने शुक्रवार को मंडोला पहुंचने पर कही। वह आवास विकास कार्यालय के सामने गड्ढों में उतरकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिले।
उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता कई माह से सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार किसानों का तरफ ध्यान नहीं दे रही है। सरकार ने कानून पर संसोधन करने की बात कही लेकिन वह भी नहीं कर रही है। मंडोला आवास विकास के सामने किसान पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। लेकिन प्रशासन को किसानों की चिंता नहीं है। प्रशासन तो किसानों को उठाने में लगा हुआ है। लेकिन मनवीर तेवतिया किसानों की समस्याओं को लेकर हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को किसानों की चिंता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब उनके पास मंडी की जिम्मेदारी थी तब उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया था कि जितना भी एमएसपी है, वह लागू रहे। उनकी सरकार में ट्यूबवेल का पानी, नहर का पानी फ्री था। बिजली का रेट नहीं बढ़ा था। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों की बात सरकार को माननी पड़ेगी। किसान नेता मनवीर तेवतिया ने जो मांग पत्र दिया है, उसके लिए वह डीएम, पीएम और सीएम से भी बात करेंगे। अगर बात नहीं हुई तो, वह पीएम को चिट्ठी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की बात माननी चाहिए, अगर नहीं मानी तो अब समय आ गया है कि पांच माह बाद इनसे वोट के बदले अपना हक मांगने का।
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लोनी। सरकार ने जिस कृषि कानून को लागू किया है, उसका देश का प्रति एक किसान विरोध कर रहा है। जगह-जगह धरना प्रदर्शन हो रहे हैं, किसान लाठी खा रहे हैं। किसान इतना विरोध कर रहे हैं, तो सरकार को कानून को वापस करना चाहिये। यह बात प्रसपा के मुखिया शिवपाल यादव ने शुक्रवार को मंडोला पहुंचने पर कही। वह आवास विकास कार्यालय के सामने गड्ढों में उतरकर प्रदर्शन कर रहे किसानों से मिले।
उन्होंने कहा कि देश का अन्नदाता कई माह से सड़कों पर हैं, लेकिन सरकार किसानों का तरफ ध्यान नहीं दे रही है। सरकार ने कानून पर संसोधन करने की बात कही लेकिन वह भी नहीं कर रही है। मंडोला आवास विकास के सामने किसान पिछले 10 दिनों से अनशन पर बैठे हैं। लेकिन प्रशासन को किसानों की चिंता नहीं है। प्रशासन तो किसानों को उठाने में लगा हुआ है। लेकिन मनवीर तेवतिया किसानों की समस्याओं को लेकर हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को किसानों की चिंता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब उनके पास मंडी की जिम्मेदारी थी तब उन्होंने प्रशासन को आदेश दिया था कि जितना भी एमएसपी है, वह लागू रहे। उनकी सरकार में ट्यूबवेल का पानी, नहर का पानी फ्री था। बिजली का रेट नहीं बढ़ा था। शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि किसानों की बात सरकार को माननी पड़ेगी। किसान नेता मनवीर तेवतिया ने जो मांग पत्र दिया है, उसके लिए वह डीएम, पीएम और सीएम से भी बात करेंगे। अगर बात नहीं हुई तो, वह पीएम को चिट्ठी लिखेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की बात माननी चाहिए, अगर नहीं मानी तो अब समय आ गया है कि पांच माह बाद इनसे वोट के बदले अपना हक मांगने का।
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