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मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में पानी से कैंसर का खतरा
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मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र में
पानी से कैंसर का खतरा
साहिबाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र के ए ब्लॉक में तीन बोरवेल को सील करेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से लिए गए भूजल सैंपल में क्रोमियम की मात्रा अधिक पाई गई है। क्रोमियम अधिक होने के कारण इस पानी को पीने से कैंसर होने संभावना है। सीपीसीबी की तरफ से पीसीबी को तीनों बोरवेल को सील करने और पानी दूषित होने के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पीसीबी ने डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। जल्द ही प्रशासन और पीसीबी की टीम मिलकर कार्रवाई करेगा। यहां के पानी में क्रोमियम की मात्रा एक ग्राम प्रति लीटर पाई गई है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 27 फरवरी 2021 में गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र साइट चार, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया, बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया, मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया से भूजल के करीब 40 सैंपल लिए थे। सीपीसीबी ने जांच की तो मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया के ए ब्लॉक में तीन बोरवेल के सैंपल की रिपोर्ट में क्रोमियम की मात्रा अधिक मिली। जबकि अन्य सैंपल मानकों के अनुरूप रहे। सीपीसीबी की तरफ से पीसीबी को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी दूषित होने के कारणों की जांच के लिए भी कहा गया है। विभाग तीनों बोरवेल को बंद करने की कार्रवाई में जुट गया है। विभाग की तरफ से डीएम को मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। डीएम के निर्देशन में जल्द ही इन तीनों बोरवेल को बंद करने की कार्रवाई पीसीबी करेगा।
क्रोमियम की मात्रा एक ग्राम प्रति लीटर से अधिक
पीसीबी के अधिकारियों की मानें तो मानकों के अनुरूप पानी में क्रोमियम की मात्रा 0.05 ग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए। इससे ज्यादा मात्रा सेहत के लिए हानिकारक है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि इन पानी के सैंपलों में क्रोमियम की मात्रा एक ग्राम प्रति लीटर पाई गई है।
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फैक्टरियां कर रहीं पानी को दूषित
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्टरियां ऐसी हैं, जहां पर केमिकल का इस्तेमाल होता है। इन फैक्टरियों में एसटीपी नहीं लगा है। यह लोग पानी को नालियों और भूजल में डाल रहे हैं। इससे पानी दूषित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन फैक्टरियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है, जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
किडनी-लीवर को भी नुकसान
क्रोमियम की अधिक मात्रा से शरीर में ट्यूमर बनाता है। जिससे व्यक्ति को कैंसर हो जाता है। इससे पेट में अल्सर भी हो सकता है। साथ ही बॉडी में इसकी अधिक मात्रा होने से किडनी और लीवर को भी क्षति पहुंच सकता है।
- डॉ. एपी सिंह
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पानी से कैंसर का खतरा
साहिबाबाद। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) मेरठ रोड औद्योगिक क्षेत्र के ए ब्लॉक में तीन बोरवेल को सील करेगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की तरफ से लिए गए भूजल सैंपल में क्रोमियम की मात्रा अधिक पाई गई है। क्रोमियम अधिक होने के कारण इस पानी को पीने से कैंसर होने संभावना है। सीपीसीबी की तरफ से पीसीबी को तीनों बोरवेल को सील करने और पानी दूषित होने के कारणों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पीसीबी ने डीएम को रिपोर्ट भेज दी है। जल्द ही प्रशासन और पीसीबी की टीम मिलकर कार्रवाई करेगा। यहां के पानी में क्रोमियम की मात्रा एक ग्राम प्रति लीटर पाई गई है।
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने 27 फरवरी 2021 में गाजियाबाद के औद्योगिक क्षेत्र साइट चार, राजेंद्र नगर इंडस्ट्रियल एरिया, बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया, मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया से भूजल के करीब 40 सैंपल लिए थे। सीपीसीबी ने जांच की तो मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया के ए ब्लॉक में तीन बोरवेल के सैंपल की रिपोर्ट में क्रोमियम की मात्रा अधिक मिली। जबकि अन्य सैंपल मानकों के अनुरूप रहे। सीपीसीबी की तरफ से पीसीबी को रिपोर्ट भेजकर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पानी दूषित होने के कारणों की जांच के लिए भी कहा गया है। विभाग तीनों बोरवेल को बंद करने की कार्रवाई में जुट गया है। विभाग की तरफ से डीएम को मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। डीएम के निर्देशन में जल्द ही इन तीनों बोरवेल को बंद करने की कार्रवाई पीसीबी करेगा।
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क्रोमियम की मात्रा एक ग्राम प्रति लीटर से अधिक
पीसीबी के अधिकारियों की मानें तो मानकों के अनुरूप पानी में क्रोमियम की मात्रा 0.05 ग्राम प्रति लीटर होनी चाहिए। इससे ज्यादा मात्रा सेहत के लिए हानिकारक है। जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि इन पानी के सैंपलों में क्रोमियम की मात्रा एक ग्राम प्रति लीटर पाई गई है।
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फैक्टरियां कर रहीं पानी को दूषित
पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि मेरठ रोड इंडस्ट्रियल एरिया में कई फैक्टरियां ऐसी हैं, जहां पर केमिकल का इस्तेमाल होता है। इन फैक्टरियों में एसटीपी नहीं लगा है। यह लोग पानी को नालियों और भूजल में डाल रहे हैं। इससे पानी दूषित हो रहा है। उन्होंने बताया कि इन फैक्टरियों को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है, जल्द ही इन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
किडनी-लीवर को भी नुकसान
क्रोमियम की अधिक मात्रा से शरीर में ट्यूमर बनाता है। जिससे व्यक्ति को कैंसर हो जाता है। इससे पेट में अल्सर भी हो सकता है। साथ ही बॉडी में इसकी अधिक मात्रा होने से किडनी और लीवर को भी क्षति पहुंच सकता है।
- डॉ. एपी सिंह