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जिलाधिकारी का आपरेशन क्लीन अभियान शुरू
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जिलाधिकारी का आपरेशन क्लीन अभियान शुरू
गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय कुमार पांडेय ने चार्ज संभालने के बाद सभी विभागों के अधिकारियों को संदेश दिया है कि जिले में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी प्रशासन दिया जाएगा। इसमें किसी अधिकारी ने गड़बड़ी की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बकायदारों के विरूद्घ कार्रवाई की जाए।
शनिवार को जिलाधिकारी अजय कुमार पांडेय ने आपरेशन क्लीन अभियान की शुरूआत की है। उन्होंने सबसे पहले समस्त उप जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। उसमें वसूली प्रमाण पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। इस सूची के माध्यम से किन विभागों की आरसी है, उसका नाम, बकाएदार का नाम, निर्गत धनराशि, कितनी वसूली होनी है और कितनी धनराशि वसूल की गई। अब तक का ब्योरा देना होगा। जिलाधिकारी ने सबसे पुरानी आरसी की सूची भी मांगी है। आपरेशन क्लीन में एक नई बात यह है कि जिन विभागों के वसूली प्रमाण पत्र हैं, उन पर भी पेच कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागों के खिलाफ अधिकारी कार्रवाई करने में रूचि नहीं लेते हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वसूली प्रमाण पत्र में गलत पते या आधे-अधूरे पते अंकित कर दिए जाते हैं। ऐसा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि 10 दिनों के अंदर सभी लंबित आरसी की सूची प्रमाण पत्र के साथ उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने आवास एवं विकास परिषद केवसूली प्रमाण पत्रों को खंगाला है। इनमें से नौ ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें 1,267,284,184 की धनराशि वसूलने के लिए अवशेष है। कहा कि विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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गाजियाबाद। जिलाधिकारी अजय कुमार पांडेय ने चार्ज संभालने के बाद सभी विभागों के अधिकारियों को संदेश दिया है कि जिले में भ्रष्टाचार मुक्त और पारदर्शी प्रशासन दिया जाएगा। इसमें किसी अधिकारी ने गड़बड़ी की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बकायदारों के विरूद्घ कार्रवाई की जाए।
शनिवार को जिलाधिकारी अजय कुमार पांडेय ने आपरेशन क्लीन अभियान की शुरूआत की है। उन्होंने सबसे पहले समस्त उप जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। उसमें वसूली प्रमाण पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। इस सूची के माध्यम से किन विभागों की आरसी है, उसका नाम, बकाएदार का नाम, निर्गत धनराशि, कितनी वसूली होनी है और कितनी धनराशि वसूल की गई। अब तक का ब्योरा देना होगा। जिलाधिकारी ने सबसे पुरानी आरसी की सूची भी मांगी है। आपरेशन क्लीन में एक नई बात यह है कि जिन विभागों के वसूली प्रमाण पत्र हैं, उन पर भी पेच कसा जाएगा। उन्होंने कहा कि विभागों के खिलाफ अधिकारी कार्रवाई करने में रूचि नहीं लेते हैं। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वसूली प्रमाण पत्र में गलत पते या आधे-अधूरे पते अंकित कर दिए जाते हैं। ऐसा करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मुख्यालय स्तर पर इसकी समीक्षा की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी है कि 10 दिनों के अंदर सभी लंबित आरसी की सूची प्रमाण पत्र के साथ उपलब्ध कराई जाए। डीएम ने आवास एवं विकास परिषद केवसूली प्रमाण पत्रों को खंगाला है। इनमें से नौ ऐसे मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें 1,267,284,184 की धनराशि वसूलने के लिए अवशेष है। कहा कि विभागों के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
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