{"_id":"620957586815b565de1af601","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2340403143","type":"story","status":"publish","title_hn":"तीन महीने बाद उद्योगों से हटा प्रतिबंध, कर सकेंगे जेनरेटर का प्रयोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तीन महीने बाद उद्योगों से हटा प्रतिबंध, कर सकेंगे जेनरेटर का प्रयोग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तीन महीने बाद उद्योगों से हटा प्रतिबंध
गाजियाबाद। वायु प्रदूषण के चलते पांच दिन उत्पादन और जेनरेटर के प्रयोग पर लगी पाबंदी को अब हटा दिया गया है। एक्यूआई में सुधार आने के साथ ही एनसीआर वायु गुणवत्ता आयोग ने पांबंदियों को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। तीन महीने बाद जिले के लगभग 21 हजार उद्योग अब बिना प्रतिबंधों के उत्पादन कर सकेंगे।
अक्टूबर माह में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेडेड रेस्पांस सिस्टम (ग्रेप) लागू होने के चलते उद्योगों में कोयला, जेनरेटर का इस्तेमाल बंद किया गया था। इसके अलावा नवंबर और दिसंबर माह में जिले के करीब 400 उद्योगों को पांच दिन बंद भी रखा गया। एनसीआर वायु गुणवत्ता आयोग ने नियमों में ढिलाई देते हुए उद्योगों में दो दिन उत्पादन न किए जाने के निर्देश दिए थे। करीब 21 हजार उद्योग इससे पांच दिन ही उत्पादन कर पा रहे थे। इनमें यांत्रिकी उत्पादों के उद्योगाें की संख्या सबसे अधिक 16 हजार थी।
------------
हवा की सेहत बिगड़ने से 30 फीसदी घटा उत्पादन :
जेनरेटर का प्रयोग न करने और दो दिन उत्पादन होने से 30 फीसदी नुकसान उद्यमियों को उठाना पड़ा था। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैलाश अरोड़ा ने बताया कि पहले ओमिक्रॉन से बाहर से मिलने वाली मांग कम हुई और इस दौरान प्रदूषण के चलते लगे प्रतिबंध से करीब 80 से 90 करोड़ का नुकसान तीन महीने में उद्योगों को उठाना पड़ा।
विज्ञापन
---------
एक अक्टूबर से केवल पीएनजी जेनरेटर का ही प्रयोग :
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक अक्टूबर से केवल पीएनजी चलित जेनरेटर ही उद्योग इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इसके लिए तैयारी कर ली है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि एक अक्टूबर 2022 से डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा। हालांकि उद्यमी संगठनों ने इस निर्णय को बेतुका बताया है। उद्यमियों का कहना है कि कई बड़े उद्योगों में 125 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर इस्तेमाल होते हैं। जबकि देश में 125केवी तक का ही पीएनजी चलित जेनरेटर उपलब्ध है।
---------
125 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर इस्तेमाल करने वाले उद्योग :
भारी उद्योग- 45
मध्यम उद्योग- 149
लघु उद्योग- 5257
------------
लाखों का हो रहा था नुकसान :
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतिबंधों के हटने के बाद उत्पादन को भी रफ्तार मिल सकेगी। निरंतर उत्पादन वाली इकाईयों में थोड़ी भी देर आपूर्ति बाधित रहने और जेनरेटर न चलने से लाखों का नुकसान हो रहा था।
-------
पीएनजी से एतराज नहीं :
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन हरिओम चौहान ने बताया कि पीएनजी पर उद्योगों को लाने में तीन गुना उत्पादन लागत बढ़ गई है। पीएनजी पर उद्योगों को लाने से पहले इस पर सब्सिडी मिलनी जरूरी है।
विज्ञापन
गाजियाबाद। वायु प्रदूषण के चलते पांच दिन उत्पादन और जेनरेटर के प्रयोग पर लगी पाबंदी को अब हटा दिया गया है। एक्यूआई में सुधार आने के साथ ही एनसीआर वायु गुणवत्ता आयोग ने पांबंदियों को खत्म करने के निर्देश दिए हैं। तीन महीने बाद जिले के लगभग 21 हजार उद्योग अब बिना प्रतिबंधों के उत्पादन कर सकेंगे।
अक्टूबर माह में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रेडेड रेस्पांस सिस्टम (ग्रेप) लागू होने के चलते उद्योगों में कोयला, जेनरेटर का इस्तेमाल बंद किया गया था। इसके अलावा नवंबर और दिसंबर माह में जिले के करीब 400 उद्योगों को पांच दिन बंद भी रखा गया। एनसीआर वायु गुणवत्ता आयोग ने नियमों में ढिलाई देते हुए उद्योगों में दो दिन उत्पादन न किए जाने के निर्देश दिए थे। करीब 21 हजार उद्योग इससे पांच दिन ही उत्पादन कर पा रहे थे। इनमें यांत्रिकी उत्पादों के उद्योगाें की संख्या सबसे अधिक 16 हजार थी।
विज्ञापन
------------
हवा की सेहत बिगड़ने से 30 फीसदी घटा उत्पादन :
जेनरेटर का प्रयोग न करने और दो दिन उत्पादन होने से 30 फीसदी नुकसान उद्यमियों को उठाना पड़ा था। कविनगर औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के उपाध्यक्ष कैलाश अरोड़ा ने बताया कि पहले ओमिक्रॉन से बाहर से मिलने वाली मांग कम हुई और इस दौरान प्रदूषण के चलते लगे प्रतिबंध से करीब 80 से 90 करोड़ का नुकसान तीन महीने में उद्योगों को उठाना पड़ा।
विज्ञापन
---------
एक अक्टूबर से केवल पीएनजी जेनरेटर का ही प्रयोग :
वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए एक अक्टूबर से केवल पीएनजी चलित जेनरेटर ही उद्योग इस्तेमाल कर सकेंगे। प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने इसके लिए तैयारी कर ली है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी उत्सव शर्मा ने बताया कि एक अक्टूबर 2022 से डीजल जेनरेटर का इस्तेमाल प्रतिबंधित होगा। हालांकि उद्यमी संगठनों ने इस निर्णय को बेतुका बताया है। उद्यमियों का कहना है कि कई बड़े उद्योगों में 125 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर इस्तेमाल होते हैं। जबकि देश में 125केवी तक का ही पीएनजी चलित जेनरेटर उपलब्ध है।
---------
125 केवी से अधिक क्षमता वाले जेनरेटर इस्तेमाल करने वाले उद्योग :
भारी उद्योग- 45
मध्यम उद्योग- 149
लघु उद्योग- 5257
------------
लाखों का हो रहा था नुकसान :
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव प्रदीप कुमार गुप्ता ने बताया कि प्रतिबंधों के हटने के बाद उत्पादन को भी रफ्तार मिल सकेगी। निरंतर उत्पादन वाली इकाईयों में थोड़ी भी देर आपूर्ति बाधित रहने और जेनरेटर न चलने से लाखों का नुकसान हो रहा था।
-------
पीएनजी से एतराज नहीं :
गाजियाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चेयरमैन हरिओम चौहान ने बताया कि पीएनजी पर उद्योगों को लाने में तीन गुना उत्पादन लागत बढ़ गई है। पीएनजी पर उद्योगों को लाने से पहले इस पर सब्सिडी मिलनी जरूरी है।