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कोरोना कंट्रोल रूम में लगे डॉक्टर, मरीज परेशान
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कोरोना कंट्रोल रूम में लगे डॉक्टर, 11 अस्पताल बंद
गाजियाबाद। कोरोना कमांड कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगने से जिले में पांच आयुर्वेदिक और छह होम्योपैथिक अस्पताल बंद पड़े हैं। इससे मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होती है। इन केंद्रों पर प्रतिदिन 60 से 90 मरीज इलाज के लिए आते थे। बंद पड़े 11 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 900 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते थे।
चिकित्साधिकारियों का कहना है कि कंट्रोल रूम में ड्यूटी जिलाधिकारी के निर्देश पर लगी है। ऐसे में वह निजी स्तर से कुछ नहीं कर सकत हैं। इसके अलावा आयुर्वेद विभाग के 16 डॉक्टरों की चुनाव ड्यूटी लगने से उनमें रोष है, क्योंकि प्रशासन द्वारा आयुर्वेद विभाग के डॉक्टरों की चुनाव ड्यूटी लगी है, लेकिन सीएमओ के अधीन काम करने वाले सीएचसी व पीएचसी के डॉक्टरों की ड्यूटी नहीं लगी है। जबकि शासनादेश भी आ चुका है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
पांच होम्योपैथिक डिस्पेंसरी बंद
प्रशासन ने होम्योपैथिक विभाग के पांच डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में लगाई है। जिले में 15 सरकारी होम्योपैथिक डिस्पेंसरी संचालित हैं। जिला होम्योपैथिक अस्पताल के अलावा सभी डिस्पेंसरी पर सिर्फ एक-एक डॉक्टर नियुक्त हैं। पांच डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल में लगाए जाने से मुरादनगर, भोजपुर, असालत नगर, वैशाली, खड़खड़ी लोनी, प्रताप विहार और दुहाई डिस्पेंसरी बंद पड़ी हैं। इससे केंद्र पर आने वाले मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। इस समय सर्दी-जुकाम बुखार होने पर लोग आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाइयों को अधिक महत्व देते हैं, लेकिन डिस्पेंसरी बंद होने से मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. ऊषा कृष्णन का कहना है कि आसपास के सेंटर पर आने वाले मरीजाें को नजदीकी अन्य सेंटर पर दवाई लेने की सलाह दी जाती है।
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छह आयुर्वेदिक सेंटर भी हैं बंद
छह डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में लगने से केंद्र बंद हैं। आठ डॉक्टर की ड्यूटी चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मियों को कोविड किट वितरण में लगी है। 21 डॉक्टरों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। कुछ डॉक्टरों ने इसका विरोध किया था और शासनादेश का हवाला देते हुए चुनाव ड्यूटी काटने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से चुनाव ड्यूटी हटाने के बजाए पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी से हटाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक राना का कहना है कि चुनाव ड्यूटी के बारे में कार्मिक प्रभारी अस्मिता लाल से बात की गई थी। उनके निर्देश पर पीठासीन अधिकारी से ड्यूटी हटाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया है।
मेरे बाल झड़ रहे थे। प्रताप विहार सेंटर पर होम्योपैथिक दवाई ले रहा था। बाल झड़ने बंद हो गए थे, लेकिन अब सेंटर बंद हो गया है। ऐसे में डॉक्टर के आने के बाद ही दोबारा इलाज शुरू करूंगा।
अंशुल
मेरी हार्ट की दवाई चल रही है। दुहाई स्थित सरकारी डिस्पेंसरी से दवाई लेना शुरू किया था, इसके बाद एलोपैथी दवाई बंद हो गई थी। अब डॉक्टर ही नहीं आती हैं केंद्र पर। पता चला कोविड ड्यूटी में हैं।
सतीश त्यागी
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गाजियाबाद। कोरोना कमांड कंट्रोल रूम में ड्यूटी लगने से जिले में पांच आयुर्वेदिक और छह होम्योपैथिक अस्पताल बंद पड़े हैं। इससे मरीजों को इलाज कराने में परेशानी होती है। इन केंद्रों पर प्रतिदिन 60 से 90 मरीज इलाज के लिए आते थे। बंद पड़े 11 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रतिदिन 900 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते थे।
चिकित्साधिकारियों का कहना है कि कंट्रोल रूम में ड्यूटी जिलाधिकारी के निर्देश पर लगी है। ऐसे में वह निजी स्तर से कुछ नहीं कर सकत हैं। इसके अलावा आयुर्वेद विभाग के 16 डॉक्टरों की चुनाव ड्यूटी लगने से उनमें रोष है, क्योंकि प्रशासन द्वारा आयुर्वेद विभाग के डॉक्टरों की चुनाव ड्यूटी लगी है, लेकिन सीएमओ के अधीन काम करने वाले सीएचसी व पीएचसी के डॉक्टरों की ड्यूटी नहीं लगी है। जबकि शासनादेश भी आ चुका है कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े चिकित्सकों सहित अन्य स्टाफ की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
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पांच होम्योपैथिक डिस्पेंसरी बंद
प्रशासन ने होम्योपैथिक विभाग के पांच डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में लगाई है। जिले में 15 सरकारी होम्योपैथिक डिस्पेंसरी संचालित हैं। जिला होम्योपैथिक अस्पताल के अलावा सभी डिस्पेंसरी पर सिर्फ एक-एक डॉक्टर नियुक्त हैं। पांच डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल में लगाए जाने से मुरादनगर, भोजपुर, असालत नगर, वैशाली, खड़खड़ी लोनी, प्रताप विहार और दुहाई डिस्पेंसरी बंद पड़ी हैं। इससे केंद्र पर आने वाले मरीजों को इलाज में परेशानी होती है। इस समय सर्दी-जुकाम बुखार होने पर लोग आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाइयों को अधिक महत्व देते हैं, लेकिन डिस्पेंसरी बंद होने से मरीजों को वापस लौटना पड़ता है। जिला होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी डॉ. ऊषा कृष्णन का कहना है कि आसपास के सेंटर पर आने वाले मरीजाें को नजदीकी अन्य सेंटर पर दवाई लेने की सलाह दी जाती है।
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छह आयुर्वेदिक सेंटर भी हैं बंद
छह डॉक्टरों की ड्यूटी कोविड कंट्रोल रूम में लगने से केंद्र बंद हैं। आठ डॉक्टर की ड्यूटी चुनाव ड्यूटी करने वाले कर्मियों को कोविड किट वितरण में लगी है। 21 डॉक्टरों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। कुछ डॉक्टरों ने इसका विरोध किया था और शासनादेश का हवाला देते हुए चुनाव ड्यूटी काटने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन की ओर से चुनाव ड्यूटी हटाने के बजाए पीठासीन अधिकारी की ड्यूटी से हटाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया। क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. अशोक राना का कहना है कि चुनाव ड्यूटी के बारे में कार्मिक प्रभारी अस्मिता लाल से बात की गई थी। उनके निर्देश पर पीठासीन अधिकारी से ड्यूटी हटाकर सेक्टर मजिस्ट्रेट बना दिया गया है।
मेरे बाल झड़ रहे थे। प्रताप विहार सेंटर पर होम्योपैथिक दवाई ले रहा था। बाल झड़ने बंद हो गए थे, लेकिन अब सेंटर बंद हो गया है। ऐसे में डॉक्टर के आने के बाद ही दोबारा इलाज शुरू करूंगा।
अंशुल
मेरी हार्ट की दवाई चल रही है। दुहाई स्थित सरकारी डिस्पेंसरी से दवाई लेना शुरू किया था, इसके बाद एलोपैथी दवाई बंद हो गई थी। अब डॉक्टर ही नहीं आती हैं केंद्र पर। पता चला कोविड ड्यूटी में हैं।
सतीश त्यागी