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जिले में साल दर बढ़ रहे हैं घरेलू हिंसा के मामले
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जिले में साल दर साल बढ़ रही घरेलू हिंसा
गाजियाबाद। जिले में घरेलू हिंसा के मामले साल दर साल बढ़ रहे हैं। पिछले पांच साल में करीब चार गुना बढ़े हैं। शिक्षित से लेकर उच्च वर्ग तक के लोगों के झगड़े अदालत और थाने पहुंच रहे हैं। जिनकी शादी को 20 से 25 साल हो गए हैं, वह महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करा रही हैं।
केस-1
दोनों पति-पत्नी चिकित्सक हैं। शादी को 21 साल हो गए हैं। पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई कि वह पिछले 21 साल से पति द्वारा उत्पीड़ित की जा रही है। पत्नी का कहना है कि पति उन पर काफी शक करते हैं और जिसकी वजह से हमेशा झगड़े और तानें कभी-कभार मारपीट तक नौबत आ जाती थी। शिकायत के बाद तीन काउंसिलिंग कराई गई। समझौता कराया गया। पति ने स्टांप पेपर पर लिखकर दिया कि वह कुछ नियमों का पालन करेंगे, जिसके बाद दोनों के रिश्ते कुछ सुधरे हैं।
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केस -2
छह वर्ष पहले महिला की शादी हुई थी। पति घर जमाई था। महिला को माता-पिता के सामने ही मारता था, लेकिन वह डर के मारे कुछ बोल नहीं पाते थे। पत्नी का आरोप है कि एक दिन उसने खूब मारा और पिस्टल उसके मुंह में घुसा दी, जिसकी वजह से आवाज निकली बंद हो गई थी। वन स्टॉप सेंटर में शिकायत के बाद हिम्मत मिली तो उसने पति की इस हरकत के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की। उसके बाद महिला ने साक्ष्य के रुप में पति के अपने पिता से बातचीत की रिकार्डिंग प्रस्तुत की, जिसमें पति और ससुर योजना बना रहे थे कि उसे किसी तरह बिहार ले आओ और उसे यहां मार देंगे। जिसके बाद वन स्टॉप सेंटर में पति और महिला के ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। महिला का कहना है छह वर्ष से वह लगभग रोजाना मारपीट झेलती थी।
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इनसेट:
वर्ष 2020 में गाजियाबाद प्रदेश भर में घरेलू हिंसा के मामलों में दूसरे नंबर पर रहा था। घरेलू हिंसा के बाद अन्य केस में दहेज उत्पीड़न के मामले होते हैं।
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कोट्स
वन स्टाप सेंटर में महिला उत्पीड़न के जो भी मामले आते हैं, उन पर तत्परता से काम कराया जाता है। लॉकडाउन के दौरान अधिक शिकायतें आने के बाद टीम गठित कर दी गई थी। क्विक रेस्पॉन्स टीम भी है जो जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर मामले को सुलझाती है।
अस्मिता लाल, सीडीओ
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वर्ष घरेलू हिंसा अन्य कुल
2016-17 163 49 212
2017-18 388 203 591
2018-19 654 254 908
2019-20 612 318 930
2020-21 701 470 1171
2021-22 372 102 -----
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गाजियाबाद। जिले में घरेलू हिंसा के मामले साल दर साल बढ़ रहे हैं। पिछले पांच साल में करीब चार गुना बढ़े हैं। शिक्षित से लेकर उच्च वर्ग तक के लोगों के झगड़े अदालत और थाने पहुंच रहे हैं। जिनकी शादी को 20 से 25 साल हो गए हैं, वह महिलाएं घरेलू हिंसा की शिकायत दर्ज करा रही हैं।
केस-1
दोनों पति-पत्नी चिकित्सक हैं। शादी को 21 साल हो गए हैं। पत्नी ने शिकायत दर्ज कराई कि वह पिछले 21 साल से पति द्वारा उत्पीड़ित की जा रही है। पत्नी का कहना है कि पति उन पर काफी शक करते हैं और जिसकी वजह से हमेशा झगड़े और तानें कभी-कभार मारपीट तक नौबत आ जाती थी। शिकायत के बाद तीन काउंसिलिंग कराई गई। समझौता कराया गया। पति ने स्टांप पेपर पर लिखकर दिया कि वह कुछ नियमों का पालन करेंगे, जिसके बाद दोनों के रिश्ते कुछ सुधरे हैं।
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केस -2
छह वर्ष पहले महिला की शादी हुई थी। पति घर जमाई था। महिला को माता-पिता के सामने ही मारता था, लेकिन वह डर के मारे कुछ बोल नहीं पाते थे। पत्नी का आरोप है कि एक दिन उसने खूब मारा और पिस्टल उसके मुंह में घुसा दी, जिसकी वजह से आवाज निकली बंद हो गई थी। वन स्टॉप सेंटर में शिकायत के बाद हिम्मत मिली तो उसने पति की इस हरकत के खिलाफ आवाज उठानी शुरू की। उसके बाद महिला ने साक्ष्य के रुप में पति के अपने पिता से बातचीत की रिकार्डिंग प्रस्तुत की, जिसमें पति और ससुर योजना बना रहे थे कि उसे किसी तरह बिहार ले आओ और उसे यहां मार देंगे। जिसके बाद वन स्टॉप सेंटर में पति और महिला के ससुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। महिला का कहना है छह वर्ष से वह लगभग रोजाना मारपीट झेलती थी।
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वर्ष 2020 में गाजियाबाद प्रदेश भर में घरेलू हिंसा के मामलों में दूसरे नंबर पर रहा था। घरेलू हिंसा के बाद अन्य केस में दहेज उत्पीड़न के मामले होते हैं।
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कोट्स
वन स्टाप सेंटर में महिला उत्पीड़न के जो भी मामले आते हैं, उन पर तत्परता से काम कराया जाता है। लॉकडाउन के दौरान अधिक शिकायतें आने के बाद टीम गठित कर दी गई थी। क्विक रेस्पॉन्स टीम भी है जो जरूरत पड़ने पर मौके पर जाकर मामले को सुलझाती है।
अस्मिता लाल, सीडीओ
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वर्ष घरेलू हिंसा अन्य कुल
2016-17 163 49 212
2017-18 388 203 591
2018-19 654 254 908
2019-20 612 318 930
2020-21 701 470 1171
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