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चार साल में ढाई सौ चेन लूटने वाला ढाबा संचालक गिरफ्तार
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चार साल में ढाई सौ चेन लूटने वाला ढाबा संचालक गिरफ्तार
गाजियाबाद। चार साल के भीतर दिल्ली-एनसीआर में चेन लूट की करीब ढाई सौ वारदात करने वाले ढाबा संचालक आजिम निवासी प्रेम नगर कॉलोनी लोनी को एंटी स्नेचिंग सेल ने धर दबोचा। आजिम मूलरूप से अनूपशहर बुलंदशहर के मोहल्ला छपेटी का रहने वाला है। आजिम के अलावा पुलिस ने कॉलोनियों में फेरी लगाकर शिकार चिन्हित करने वाले उसके साथी शादान निवासी कर्दमपुरी दिल्ली और लूट के जेवर खरीदने वाले सराफ ऋषभ वर्मा निवासी शिव विहार करावल नगर दिल्ली को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने की नौ चेन, एक तमंचा, दो कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और लूट की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली बाइक बरामद की है।
पहले लखनऊ में वारदात करता था आजिम
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि आजिम पहले लखनऊ में चेन लूट की वारदात करता था। वहां उसके खिलाफ 17 मामले दर्ज हैं। 2016 में आखिरी बार पकड़े जाने केबाद जब वह 2017 में लखनऊ जेल से छूटा तो दिल्ली-एनसीआर को अपना अड्डा बना लिया। यहां उसने शादान को अपने साथ मिलाया और वारदात करने लगा। गौर करने वाली बात यह है कि चार वर्षों में दिल्ली-एनसीआर की पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी।
सप्ताह में एक से दो वारदात करते और होटल पर चले जाते
पुलिस के मुताबिक आजिम लोनी में घर के पास ही ढाबा चलाता है। जबकि शादान कपड़ों की फेरी लगाता है। दोनों आरोपी सप्ताह में चेन लूट की एक से दो वारदात करने के लिए निकलते थे। एक से दो घंटे में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी होटल पर पहुंच जाते थे। वहीं, सराफ ऋषभ वर्मा की दुकान भी आजिम के घर के पास ही है।
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दुकान से दूर बुलाकर माल खरीदता था सराफ
पूछताछ में आजिम ने बताया कि उसे खुद याद नहीं है कि उसने कहां-कहां वारदात की है। एक अंदाजे के मुताबिक चार साल में वह करीब ढाई से वारदात कर चुका है। एसपी क्राइम ने बताया कि सराफ ऋषभ वर्मा कभी भी आजिम को दुकान पर बुलाकर लूटपाट के जेवर नहीं खरीदता था। वह उसे दुकान से दूर बुलाता और करीब आधी कीमत में जेवर खरीदकर मुनाफे के साथ ग्राहकों को बेच देता। कई चेन इकट्ठा करने के बाद आजिम सराफ से संपर्क करता था।
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गाजियाबाद। चार साल के भीतर दिल्ली-एनसीआर में चेन लूट की करीब ढाई सौ वारदात करने वाले ढाबा संचालक आजिम निवासी प्रेम नगर कॉलोनी लोनी को एंटी स्नेचिंग सेल ने धर दबोचा। आजिम मूलरूप से अनूपशहर बुलंदशहर के मोहल्ला छपेटी का रहने वाला है। आजिम के अलावा पुलिस ने कॉलोनियों में फेरी लगाकर शिकार चिन्हित करने वाले उसके साथी शादान निवासी कर्दमपुरी दिल्ली और लूट के जेवर खरीदने वाले सराफ ऋषभ वर्मा निवासी शिव विहार करावल नगर दिल्ली को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से सोने की नौ चेन, एक तमंचा, दो कारतूस, इलेक्ट्रॉनिक तराजू और लूट की घटनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली बाइक बरामद की है।
पहले लखनऊ में वारदात करता था आजिम
एसपी क्राइम डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि आजिम पहले लखनऊ में चेन लूट की वारदात करता था। वहां उसके खिलाफ 17 मामले दर्ज हैं। 2016 में आखिरी बार पकड़े जाने केबाद जब वह 2017 में लखनऊ जेल से छूटा तो दिल्ली-एनसीआर को अपना अड्डा बना लिया। यहां उसने शादान को अपने साथ मिलाया और वारदात करने लगा। गौर करने वाली बात यह है कि चार वर्षों में दिल्ली-एनसीआर की पुलिस उसे नहीं पकड़ सकी।
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सप्ताह में एक से दो वारदात करते और होटल पर चले जाते
पुलिस के मुताबिक आजिम लोनी में घर के पास ही ढाबा चलाता है। जबकि शादान कपड़ों की फेरी लगाता है। दोनों आरोपी सप्ताह में चेन लूट की एक से दो वारदात करने के लिए निकलते थे। एक से दो घंटे में वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी होटल पर पहुंच जाते थे। वहीं, सराफ ऋषभ वर्मा की दुकान भी आजिम के घर के पास ही है।
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दुकान से दूर बुलाकर माल खरीदता था सराफ
पूछताछ में आजिम ने बताया कि उसे खुद याद नहीं है कि उसने कहां-कहां वारदात की है। एक अंदाजे के मुताबिक चार साल में वह करीब ढाई से वारदात कर चुका है। एसपी क्राइम ने बताया कि सराफ ऋषभ वर्मा कभी भी आजिम को दुकान पर बुलाकर लूटपाट के जेवर नहीं खरीदता था। वह उसे दुकान से दूर बुलाता और करीब आधी कीमत में जेवर खरीदकर मुनाफे के साथ ग्राहकों को बेच देता। कई चेन इकट्ठा करने के बाद आजिम सराफ से संपर्क करता था।