{"_id":"61b8ed5476fec95c28688120","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd231048742","type":"story","status":"publish","title_hn":"60 की उम्र में बीकॉम तो 55 में मास्टर डिग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
60 की उम्र में बीकॉम तो 55 में मास्टर डिग्री
विज्ञापन
60 की उम्र में बीकॉम तो 55 में मास्टर डिग्री
गाजियाबाद। कहते हैं, पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। जेल में कैद बंदियों ने इस कहावत को चरितार्थ किया है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे दिनेश पांचाल (60) ने बीकॉम तो नरेश शर्मा (55) ने मास्टर डिग्री हासिल की है। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि बंदियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से परीक्षा दी थी। मंगलवार को जेल में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें इग्नू के डिप्टी रजिस्ट्रार एएम सकलानी और क्षेत्रीय निदेशक अमित चतुर्वेदी ने बंदियों को प्रमाण-पत्र और डिग्रियां वितरित कीं।
जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि जेल में भी इग्नू का केंद्र है। जेल में बंद 606 बंदी स्नातक, परास्नातक और विभिन्न डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में जून 2020 तक विभिन्न कोर्स करने वाले बंदियों को डिग्री दी गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि मोदीनगर निवासी दिनेश शर्मा हत्या के आरोप में 11 साल से जेल में बंद हैं। उन्होंने जेल में ही 10वीं, 12वीं पास की और जून 2020 में स्नातक की डिग्री ली। शाहपुर बम्हैटा निवासी नरेश शर्मा भी हत्या के मामले में 11 साल से सजा काट रहे हैं। इन्होंने 2016 में समाजशास्त्र में स्नातक और जून 2020 में समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल की।
इन्होंने की यह पढ़ाई
- नरेश शर्मा, लव पाराशर, मुनेश कुमार ने बैचलर्स ऑफ आर्ट्स मेजर इन सोशियोलॉजी।
- दिनेश पांचाल और रवि ने बीकॉम।
- नरेश शर्मा, जलज कुमार श्रीवास्तव ने मास्टर्स इन सोशियोलॉजी।
- नरेश शर्मा, जलज कुमार श्रीवास्तव, पवन कुमार सिसौदिया, अमित कुमार श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह, सत्य पाल, सुभाष, धनंजय कुमार झा, अमित कुमार, धर्मेंद्र सिंह ने पीजी डिप्लोमा इन इंटरनेशनल बिजनेस आपरेशंस।
विज्ञापन
विज्ञापन
गाजियाबाद। कहते हैं, पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। जेल में कैद बंदियों ने इस कहावत को चरितार्थ किया है। आजीवन कारावास की सजा काट रहे दिनेश पांचाल (60) ने बीकॉम तो नरेश शर्मा (55) ने मास्टर डिग्री हासिल की है। जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि बंदियों ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) से परीक्षा दी थी। मंगलवार को जेल में दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें इग्नू के डिप्टी रजिस्ट्रार एएम सकलानी और क्षेत्रीय निदेशक अमित चतुर्वेदी ने बंदियों को प्रमाण-पत्र और डिग्रियां वितरित कीं।
जेल अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि जेल में भी इग्नू का केंद्र है। जेल में बंद 606 बंदी स्नातक, परास्नातक और विभिन्न डिप्लोमा की पढ़ाई कर रहे हैं। मंगलवार को आयोजित दीक्षांत समारोह में जून 2020 तक विभिन्न कोर्स करने वाले बंदियों को डिग्री दी गई है। जेल अधीक्षक ने बताया कि मोदीनगर निवासी दिनेश शर्मा हत्या के आरोप में 11 साल से जेल में बंद हैं। उन्होंने जेल में ही 10वीं, 12वीं पास की और जून 2020 में स्नातक की डिग्री ली। शाहपुर बम्हैटा निवासी नरेश शर्मा भी हत्या के मामले में 11 साल से सजा काट रहे हैं। इन्होंने 2016 में समाजशास्त्र में स्नातक और जून 2020 में समाजशास्त्र में मास्टर की डिग्री हासिल की।
विज्ञापन
इन्होंने की यह पढ़ाई
- नरेश शर्मा, लव पाराशर, मुनेश कुमार ने बैचलर्स ऑफ आर्ट्स मेजर इन सोशियोलॉजी।
- दिनेश पांचाल और रवि ने बीकॉम।
- नरेश शर्मा, जलज कुमार श्रीवास्तव ने मास्टर्स इन सोशियोलॉजी।
- नरेश शर्मा, जलज कुमार श्रीवास्तव, पवन कुमार सिसौदिया, अमित कुमार श्रीवास्तव, अमरजीत सिंह, सत्य पाल, सुभाष, धनंजय कुमार झा, अमित कुमार, धर्मेंद्र सिंह ने पीजी डिप्लोमा इन इंटरनेशनल बिजनेस आपरेशंस।
विज्ञापन