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अश्लील बातों के जाल में फंसाकर ठग लिए 15 करोड़
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अश्लील बातों के जाल में फंसाकर ठग लिए 15 करोड़
गाजियाबाद। अश्लील बातों के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले हनीट्रैप गैंग ने इस साल जिले के 370 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाकर करीब 15 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। गैंग के सदस्यों ने बदनाम करने की धमकी देकर लोगों से 10 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक वसूले। वहीं, पुलिस इस साल महज एक गिरोह को ही बेनकाब कर सकी है।
फ्रेंड रिक्वेस्ट से होती है शुरूआत
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक गैंग के सदस्य फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर शुरूआत करते हैं। रिक्वेस्ट स्वीकार होते ही मेसेंजर पर हाय-हेलो भेजी जाती है। गिरोह की महिलाएं प्यार-मोहब्बत की बातें कर अपने शिकार का व्हॉट्सएप नंबर हासिल कर लेती है। कुछ दिन चैटिंग के बाद अश्लील वीडियो कॉल शुरू कर देती हैं। साथ ही अपने शिकार को भी ऐसा करने के लिए कहा जाता है। इसी वीडियो कॉल को स्क्रीन रिकॉर्डर एप से रिकॉर्ड कर लिया जाता है और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू हो जाती है।
हर दूसरे मामले में भरतपुर की आ रही लोकेशन
अश्लील वीडियो कॉल से ठगी के औसतन 33 मामले हर महीने आ रहे हैं। पिछले कुछ समय से इस तरह की ठगी केहर दूसरे मामले में आरोपियों की लोकेशन राजस्थान के भरतपुर की आ रही है। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार का कहना है कि भरतपुर हनी ट्रैप गैंग का गढ़ बनता जा रहा है। इसके अलावा फेसबुक हैक करने वाले गिरोह भी अच्छी-खासी संख्या में भरतपुर से संचालित हो रहे हैं। अभी तक 70 गैंग ट्रेस हो चुके हैं।
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इनसेट.....
अफसर से कर्मचारी तक हो चुके शिकार
हनी ट्रैप गैंग के शिकार हुए लोगों में पुलिसकर्मी से लेकर जीडीए के अधिकारी तक शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और रेलवे कर्मियों को भी गैंग ने नहीं बख्शा। हालांकि शिकार हुए कुछ लोगों ने केस दर्ज कराने की बजाय पुलिस से सिर्फ आरोपियों को पता लगाने के लिए कहा।
इनसेट.....
अक्तूबर में साइबर सेल ने राजनगर एक्सटेंशन में चल रहे हनीट्रैप गैंग का खुलासा करते हुए दंपती समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। यह गैंग देशभर के 500 से अधिक लोगों से करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था। सोसायटी के दो फ्लैट में चल रहे इस गैंग के सदस्यों के पास से आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई थीं। इससे पहले और बाद में पुलिस के हत्थे कोई गैंग नहीं चढ़ा।
-----------
हनीट्रैप गैंग से ऐसे बचें....
- अज्ञात व्यक्ति से वीडियो कॉलिंग न करें।
- कॉल रिसीव करने पर मोबाइल का कैमरा रीयर मोड पर कर दें।
- वीडियो यूट्यूब पर अपलोड होने पर उसे फ्लैग कर दें। 24 घंटे में यूट्यूब टीम उस वीडियो को यूट्यूब से हटा देगी।
- वीडियो कॉलिंग के समय आपत्तिजनक व्यवहार न करें।
- ऑनलाइन डेटिंग साइट्स के इस्तेमाल से परहेज करें।
- अगर कोई ब्लैकमेल कर रहा है तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।
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गाजियाबाद। अश्लील बातों के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले हनीट्रैप गैंग ने इस साल जिले के 370 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाकर करीब 15 करोड़ रुपये ऐंठ लिए। गैंग के सदस्यों ने बदनाम करने की धमकी देकर लोगों से 10 हजार से लेकर 7 लाख रुपये तक वसूले। वहीं, पुलिस इस साल महज एक गिरोह को ही बेनकाब कर सकी है।
फ्रेंड रिक्वेस्ट से होती है शुरूआत
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक गैंग के सदस्य फेसबुक पर फर्जी अकाउंट बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर शुरूआत करते हैं। रिक्वेस्ट स्वीकार होते ही मेसेंजर पर हाय-हेलो भेजी जाती है। गिरोह की महिलाएं प्यार-मोहब्बत की बातें कर अपने शिकार का व्हॉट्सएप नंबर हासिल कर लेती है। कुछ दिन चैटिंग के बाद अश्लील वीडियो कॉल शुरू कर देती हैं। साथ ही अपने शिकार को भी ऐसा करने के लिए कहा जाता है। इसी वीडियो कॉल को स्क्रीन रिकॉर्डर एप से रिकॉर्ड कर लिया जाता है और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेलिंग शुरू हो जाती है।
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हर दूसरे मामले में भरतपुर की आ रही लोकेशन
अश्लील वीडियो कॉल से ठगी के औसतन 33 मामले हर महीने आ रहे हैं। पिछले कुछ समय से इस तरह की ठगी केहर दूसरे मामले में आरोपियों की लोकेशन राजस्थान के भरतपुर की आ रही है। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार का कहना है कि भरतपुर हनी ट्रैप गैंग का गढ़ बनता जा रहा है। इसके अलावा फेसबुक हैक करने वाले गिरोह भी अच्छी-खासी संख्या में भरतपुर से संचालित हो रहे हैं। अभी तक 70 गैंग ट्रेस हो चुके हैं।
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अफसर से कर्मचारी तक हो चुके शिकार
हनी ट्रैप गैंग के शिकार हुए लोगों में पुलिसकर्मी से लेकर जीडीए के अधिकारी तक शामिल हैं। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर और रेलवे कर्मियों को भी गैंग ने नहीं बख्शा। हालांकि शिकार हुए कुछ लोगों ने केस दर्ज कराने की बजाय पुलिस से सिर्फ आरोपियों को पता लगाने के लिए कहा।
इनसेट.....
अक्तूबर में साइबर सेल ने राजनगर एक्सटेंशन में चल रहे हनीट्रैप गैंग का खुलासा करते हुए दंपती समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया। यह गैंग देशभर के 500 से अधिक लोगों से करीब 20 करोड़ रुपये की ठगी कर चुका था। सोसायटी के दो फ्लैट में चल रहे इस गैंग के सदस्यों के पास से आपत्तिजनक वस्तुएं बरामद हुई थीं। इससे पहले और बाद में पुलिस के हत्थे कोई गैंग नहीं चढ़ा।
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हनीट्रैप गैंग से ऐसे बचें....
- अज्ञात व्यक्ति से वीडियो कॉलिंग न करें।
- कॉल रिसीव करने पर मोबाइल का कैमरा रीयर मोड पर कर दें।
- वीडियो यूट्यूब पर अपलोड होने पर उसे फ्लैग कर दें। 24 घंटे में यूट्यूब टीम उस वीडियो को यूट्यूब से हटा देगी।
- वीडियो कॉलिंग के समय आपत्तिजनक व्यवहार न करें।
- ऑनलाइन डेटिंग साइट्स के इस्तेमाल से परहेज करें।
- अगर कोई ब्लैकमेल कर रहा है तो तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।