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डेंगू के २२ मरीज मिले, 10 अस्पताल में भर्ती
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डेंगू के 22 मरीज मिले, 10 अस्पताल में भर्ती
गाजियाबाद। डेंगू जांच की 80 सैंपल की रिपोर्ट में 22 मरीजों की पुष्टि हुई है। 10 को अस्पताल में भर्ती किया गया। इस समय 104 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 54 मरीज सरकारी और 50 मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। अक्तूबर में 593 मरीज मिल चुके हैं। कुल 905 मरीज हो चुके हैं। 533 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
ठीक होने के 15 दिन बाद भी परेशानी
इस बार डेंगू बुखार से स्वस्थ होने के बाद भी 15 दिन तक सेहत में सुधार नहीं हो रहा है। मरीजों को भूख न लगने और कमजोरी से परेशान होना पड़ रहा है। एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि डेंगू बुखार में कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि उन मरीजों को परेशानी हो रही है जो पहले से किसी न किसी बीमारी की चपेट में थे और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि डेंगू के बुखार में एंटीबायोटिक देने का कोई आशय नहीं होता है, लेकिन एहतियात के तौर मरीज को सामान्य एंटीबायोटिक इसलिए दी जाती है कि उसे अस्पताल में भर्ती होने के दौरान किसी अन्य मरीज का संक्रमण न लग जाए।
20 दिन तक विशेष सावधानी की जरूरत
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम का कहना है कि डेंगू बुखार की चपेट में आने पर प्लेटलेट्स कम हो जाती है। जो जल्द ही बढ़ भी जाती है, लेकिन कमजोरी बनी रहती है। ऐसे में स्वस्थ होने के बाद भी 15 से 20 दिन तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान पाचन क्षमता भी प्रभावित होती है। अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना चाहिए। बासी व तली-भुनी चीजों के प्रयोग से बचना चाहिए।
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गाजियाबाद। डेंगू जांच की 80 सैंपल की रिपोर्ट में 22 मरीजों की पुष्टि हुई है। 10 को अस्पताल में भर्ती किया गया। इस समय 104 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें 54 मरीज सरकारी और 50 मरीजों का इलाज निजी अस्पतालों में चल रहा है। अक्तूबर में 593 मरीज मिल चुके हैं। कुल 905 मरीज हो चुके हैं। 533 मरीज अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं।
ठीक होने के 15 दिन बाद भी परेशानी
इस बार डेंगू बुखार से स्वस्थ होने के बाद भी 15 दिन तक सेहत में सुधार नहीं हो रहा है। मरीजों को भूख न लगने और कमजोरी से परेशान होना पड़ रहा है। एमएमजी अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि डेंगू बुखार में कोई बदलाव नहीं आया है, बल्कि उन मरीजों को परेशानी हो रही है जो पहले से किसी न किसी बीमारी की चपेट में थे और उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि डेंगू के बुखार में एंटीबायोटिक देने का कोई आशय नहीं होता है, लेकिन एहतियात के तौर मरीज को सामान्य एंटीबायोटिक इसलिए दी जाती है कि उसे अस्पताल में भर्ती होने के दौरान किसी अन्य मरीज का संक्रमण न लग जाए।
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20 दिन तक विशेष सावधानी की जरूरत
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम का कहना है कि डेंगू बुखार की चपेट में आने पर प्लेटलेट्स कम हो जाती है। जो जल्द ही बढ़ भी जाती है, लेकिन कमजोरी बनी रहती है। ऐसे में स्वस्थ होने के बाद भी 15 से 20 दिन तक विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि इस दौरान पाचन क्षमता भी प्रभावित होती है। अधिक से अधिक तरल पदार्थ लेना चाहिए। बासी व तली-भुनी चीजों के प्रयोग से बचना चाहिए।
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