{"_id":"615a0c7a8ebc3e624e11421b","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd2270808112","type":"story","status":"publish","title_hn":"50 करोड़ से 38 सड़कों का होगा पुनर्निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
50 करोड़ से 38 सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
50 करोड़ से 38 सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
गाजियाबाद। शहर की 38 सड़कों के अब गड्ढे नहीं भरे जाएंगे, नगर निगम इनका पुनर्निर्माण कराएगा। दीपावली से पहले शहर की इन सड़कों के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। इन मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे शहर के अधिकांश बाजारों की दशा सुधर जाएगी। निर्माण विभाग अब फंड का इंतजाम कर एक सप्ताह में सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
री-सरफेसिंग (पुनर्निर्माण) के लिए चिह्नित की गई इन सड़कों में से 15 से ज्यादा ऐसी हैं, जिन्हें पहले पैचवर्क के लिए चिह्नित किया गया था, लेकिन सर्वे में पाया गया कि इन पर पहले भी पैचवर्क कराया जा चुका है। अब पैचवर्क कराकर इन सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जाना संभव नहीं है। ऐसे में निगम ने अब इन सड़कों का दोबारा निर्माण कराने की प्लानिंग की है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने निर्माण विभाग के सभी अवर अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं से सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई है। निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने शनिवार को यह रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेज दी है।
प्रदूषण पर होगा नियंत्रण, सुधरेगी शहर की हवा
केंद्र सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम को पैसा दिया है। इस योजना के तहत नगर निगम शहर की बड़ी सड़कों का निर्माण कराएगा। इन मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण के बाद शहर की सड़कों पर धूल-मिट्टी नहीं उड़ेंगी। इससे वायुमंडल में पीएम-2.5 और पीएम-10 की मात्रा कम हो जाने से शहर की हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
विज्ञापन
अवस्थापना निधि न मिलने से बदहाल हो रही सड़कें
नगर निगम को करीब तीन साल से अवस्थापना निधि का पैसा यूपी सरकार से नहीं मिला है। इसकी वजह से शहर की बड़ी सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। नगर निगम के अपने फंड से वार्डों की अंदरूनी सड़कों, नालियों आदि का निर्माण कराया गया है। अवस्थापना निधि का बकाया पैसा मिल जाए तो शहर की बड़ी सड़कों की दशा सुधर सकती है।
-----
इन प्रमुख सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
- एनएच-9 से डायमंड फ्लाईओवर, कविनगर थाना, हापुड़ चुंगी होते हुए राजनगर एक्सटेंशन चौराहे तक।
- सौर ऊर्जा मार्ग का बकाया हिस्सा।
- कंट्री इन होटल के बगल वाली सड़क।
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क से विवेकानंद नगर होते हुए संजय नगर फ्लाईओवर तक।
- गोविंदपुरम की मुख्य सड़क।
- फॉरच्यून होटल से रईसपुर तक का मुख्य मार्ग ।
- मेरठ तिराहा से एनएच-9 तक न्यू लिंक रोड।
- घूकना मोड़ से पुराना बस अड्डा तक।
- पुराना बस अड्डे से चौधरी मोड़ तक अंबेडकर रोड का निर्माण।
- गुर्जर चौक से मेवाड़ इंस्टीट्यूट होते हुए वसुंधरा चौक तक।
- जीटी रोड से शिव मंदिर तक मोहननगर जोन में सड़क निर्माण।
---
अधिकारी बोले
कुछ ऐसी सड़कें हैं जिन पर पूर्व में पैचवर्क कराया जा चुका है। अब सड़क उखड़ गई है। पैचवर्क कराकर अब इन सड़कों को ठीक कराना संभव नहीं है। ऐसी सड़कों की री-सरफेसिंग का का निर्णय लिया गया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इनका निर्माण शुरू कराया जाएगा। - नरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
गाजियाबाद। शहर की 38 सड़कों के अब गड्ढे नहीं भरे जाएंगे, नगर निगम इनका पुनर्निर्माण कराएगा। दीपावली से पहले शहर की इन सड़कों के निर्माण का काम पूरा हो जाएगा। इन मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे शहर के अधिकांश बाजारों की दशा सुधर जाएगी। निर्माण विभाग अब फंड का इंतजाम कर एक सप्ताह में सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा।
री-सरफेसिंग (पुनर्निर्माण) के लिए चिह्नित की गई इन सड़कों में से 15 से ज्यादा ऐसी हैं, जिन्हें पहले पैचवर्क के लिए चिह्नित किया गया था, लेकिन सर्वे में पाया गया कि इन पर पहले भी पैचवर्क कराया जा चुका है। अब पैचवर्क कराकर इन सड़कों को गड्ढामुक्त कराया जाना संभव नहीं है। ऐसे में निगम ने अब इन सड़कों का दोबारा निर्माण कराने की प्लानिंग की है। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने निर्माण विभाग के सभी अवर अभियंताओं, अधिशासी अभियंताओं से सर्वे कराकर रिपोर्ट तैयार कराई है। निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने शनिवार को यह रिपोर्ट नगर आयुक्त को भेज दी है।
विज्ञापन
प्रदूषण पर होगा नियंत्रण, सुधरेगी शहर की हवा
केंद्र सरकार ने शहर को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम को पैसा दिया है। इस योजना के तहत नगर निगम शहर की बड़ी सड़कों का निर्माण कराएगा। इन मुख्य मार्गों के पुनर्निर्माण के बाद शहर की सड़कों पर धूल-मिट्टी नहीं उड़ेंगी। इससे वायुमंडल में पीएम-2.5 और पीएम-10 की मात्रा कम हो जाने से शहर की हवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
विज्ञापन
अवस्थापना निधि न मिलने से बदहाल हो रही सड़कें
नगर निगम को करीब तीन साल से अवस्थापना निधि का पैसा यूपी सरकार से नहीं मिला है। इसकी वजह से शहर की बड़ी सड़कों का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। नगर निगम के अपने फंड से वार्डों की अंदरूनी सड़कों, नालियों आदि का निर्माण कराया गया है। अवस्थापना निधि का बकाया पैसा मिल जाए तो शहर की बड़ी सड़कों की दशा सुधर सकती है।
-----
इन प्रमुख सड़कों का होगा पुनर्निर्माण
- एनएच-9 से डायमंड फ्लाईओवर, कविनगर थाना, हापुड़ चुंगी होते हुए राजनगर एक्सटेंशन चौराहे तक।
- सौर ऊर्जा मार्ग का बकाया हिस्सा।
- कंट्री इन होटल के बगल वाली सड़क।
- श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क से विवेकानंद नगर होते हुए संजय नगर फ्लाईओवर तक।
- गोविंदपुरम की मुख्य सड़क।
- फॉरच्यून होटल से रईसपुर तक का मुख्य मार्ग ।
- मेरठ तिराहा से एनएच-9 तक न्यू लिंक रोड।
- घूकना मोड़ से पुराना बस अड्डा तक।
- पुराना बस अड्डे से चौधरी मोड़ तक अंबेडकर रोड का निर्माण।
- गुर्जर चौक से मेवाड़ इंस्टीट्यूट होते हुए वसुंधरा चौक तक।
- जीटी रोड से शिव मंदिर तक मोहननगर जोन में सड़क निर्माण।
---
अधिकारी बोले
कुछ ऐसी सड़कें हैं जिन पर पूर्व में पैचवर्क कराया जा चुका है। अब सड़क उखड़ गई है। पैचवर्क कराकर अब इन सड़कों को ठीक कराना संभव नहीं है। ऐसी सड़कों की री-सरफेसिंग का का निर्णय लिया गया है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर इनका निर्माण शुरू कराया जाएगा। - नरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य अभियंता, नगर निगम