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अंसल एलीगेंस सोसायटी में आठ दिनों में 35 लोग लिफ्ट में फंसे
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अंसल एलीगेंस सोसायटी में आठ दिनों में 35 लोग लिफ्ट में फंसे
गाजियाबाद। अवंतिका एक्सटेंशन स्थित अंसल एलीगेंस सोसायटी में जेनसेट खराब होने से लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। पिछले आठ दिन से 300 केवीए का इकलौता जेनसेट खराब होने और बिजली जाने पर सोसायटी के 35 से अधिक लोग लिफ्ट में फंस चुके हैं। लिफ्ट में आधा घंटा फंसे रहने से हृदय रोग से पीड़ित एक निवासी की तबीयत बिगड़ गई। मरीजों के साथ बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिफ्ट में फंसने की कई घटनाएं लगातार हो रही हैं। समस्या का समाधान नहीं होने पर बिल्डर के खिलाफ बृहस्पतिवार को रेजिडेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। परिसर में ही विरोध प्रदर्शन किया।
कोई पावर बैकअप नहीं होने और लिफ्ट में लोगों के फंसने की तमाम घटनाएं होने के बाद नौ मंजिला सोसायटी के अधिकांश लोगों ने लिफ्ट का इस्तेमाल करना छोड़ दिया है। लेकिन बुजुर्गों, मरीजों और बच्चे मजबूरन जोखिम उठाकर लिफ्ट का इस्तेमाल करने को विवश हैं।
एओए पदाधिकारियों का कहना है कि बिल्डर के मेंटेंनेंस विभाग के जीएम लेवल के अधिकारियों तक से कई बार जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की गई है, लेकिन समाधान तो दूर बिल्डर से जुड़े अधिकारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने तक पर उतारू हैं। पानी सिर के ऊपर से गुजरने के बाद अब रेजिडेंट्स ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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सोसायटी परिसर में भरा सीवर का पानी:
अंसल एलीगेंस सोसायटी के निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सोसायटी में 90 परिवारों में 400 से अधिक लोग रहते हैं। वर्तमान में डेंगू के प्रकोप के बावजूद सोसायटी के अधिकांश परिसर में सीवर का गंदा पानी जमा है। सीवर के गंदे पानी के पार्किंग एरिया तक पहुंचने से बदबू के कारण लोगों का बुरा हाल है। सीवर के गंदे पानी के जमा होने का सबसे ज्यादा नुकसान नौ मंजिला सोसायटी के टावरों को हो रहा है। महीनों से सीवर का गंदा पानी जमा होने से टावर के पिलर्स पर सीलन और दरारें देखी जा सकती हैं। इससे लोगों में भय का माहौल है।
दूसरी ओर सोसायटी के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में सीवर का पानी जा रहा है। वहीं रखरखाव नहीं होने से सोसायटी की दीवारों का प्लास्टर गिरने लगा है। सोसायटी में एसटीपी का निर्माण न होने, मानकों के तहत हरित एरिया नहीं मिलने, स्वीमिंग पूल में गंदा पानी जमा होने सहित तमाम समस्याओं के खिलाफ जीडीए में शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ है।
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कोट...
लिफ्ट का इस्तेमाल करने से लगता है डर:
जेनरेट खराब होने और कोई पावर बैकअप नहीं होने से बिजली जाते ही लिफ्ट बंद हो जाती है। तमाम घटनाएं होने से अब लिफ्ट का इस्तेमाल करते हुए डर लगता है।
-- पूनम मित्तल, निवासी
बिल्डर को नहीं लोगों की जान की परवाह:
पावर बैकअप न होने से लिफ्ट में फंसने से कई लोगों की जान पर बन आई थी। इसके बावजूद बिल्डर के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। सोसायटी के परिसर में सीवर का गंदा पानी जमा है। इससे डेंगू बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
-- बीएस तोमर, अध्यक्ष, एओए
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आधा घंटा लिफ्ट में फंसा रहा:
हृदयरोग से पीड़ित हूं। एक दिन पहले पावर बैकअप नहीं होने से लिफ्ट एकाएक बंद हो गई। मोबाइल के सिग्नल भी नहीं आ रहे थे। आधा घंटा बाद परिजन ही खोजते हुए पहुंचे। -- सिराजुद्दीन खान, लिफ्ट में फंसे निवासी
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लिफ्ट में फंसने के 20 मिनट बाद मदद मिली:
लिफ्ट में 20 मिनट फंसे रहने के बाद अब उसके नाम से भी डर लगता है। बिजली आने के बावजूद अब सीढ़ियों का इस्तेमाल कर रही हूं। लोग जान जोखिम में डालकर लिफ्ट इस्तेमाल कर रहे हैं। -- सुमन अरोड़ा, लिफ्ट में फंसी निवासी
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गाजियाबाद। अवंतिका एक्सटेंशन स्थित अंसल एलीगेंस सोसायटी में जेनसेट खराब होने से लोगों का रहना मुश्किल हो रहा है। पिछले आठ दिन से 300 केवीए का इकलौता जेनसेट खराब होने और बिजली जाने पर सोसायटी के 35 से अधिक लोग लिफ्ट में फंस चुके हैं। लिफ्ट में आधा घंटा फंसे रहने से हृदय रोग से पीड़ित एक निवासी की तबीयत बिगड़ गई। मरीजों के साथ बुजुर्ग, महिलाओं और बच्चों के लिफ्ट में फंसने की कई घटनाएं लगातार हो रही हैं। समस्या का समाधान नहीं होने पर बिल्डर के खिलाफ बृहस्पतिवार को रेजिडेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। परिसर में ही विरोध प्रदर्शन किया।
कोई पावर बैकअप नहीं होने और लिफ्ट में लोगों के फंसने की तमाम घटनाएं होने के बाद नौ मंजिला सोसायटी के अधिकांश लोगों ने लिफ्ट का इस्तेमाल करना छोड़ दिया है। लेकिन बुजुर्गों, मरीजों और बच्चे मजबूरन जोखिम उठाकर लिफ्ट का इस्तेमाल करने को विवश हैं।
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एओए पदाधिकारियों का कहना है कि बिल्डर के मेंटेंनेंस विभाग के जीएम लेवल के अधिकारियों तक से कई बार जल्द समस्या का समाधान कराने की मांग की गई है, लेकिन समाधान तो दूर बिल्डर से जुड़े अधिकारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने तक पर उतारू हैं। पानी सिर के ऊपर से गुजरने के बाद अब रेजिडेंट्स ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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सोसायटी परिसर में भरा सीवर का पानी:
अंसल एलीगेंस सोसायटी के निवासी नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। सोसायटी में 90 परिवारों में 400 से अधिक लोग रहते हैं। वर्तमान में डेंगू के प्रकोप के बावजूद सोसायटी के अधिकांश परिसर में सीवर का गंदा पानी जमा है। सीवर के गंदे पानी के पार्किंग एरिया तक पहुंचने से बदबू के कारण लोगों का बुरा हाल है। सीवर के गंदे पानी के जमा होने का सबसे ज्यादा नुकसान नौ मंजिला सोसायटी के टावरों को हो रहा है। महीनों से सीवर का गंदा पानी जमा होने से टावर के पिलर्स पर सीलन और दरारें देखी जा सकती हैं। इससे लोगों में भय का माहौल है।
दूसरी ओर सोसायटी के रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम में सीवर का पानी जा रहा है। वहीं रखरखाव नहीं होने से सोसायटी की दीवारों का प्लास्टर गिरने लगा है। सोसायटी में एसटीपी का निर्माण न होने, मानकों के तहत हरित एरिया नहीं मिलने, स्वीमिंग पूल में गंदा पानी जमा होने सहित तमाम समस्याओं के खिलाफ जीडीए में शिकायत के बावजूद अब तक समाधान नहीं हुआ है।
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कोट...
लिफ्ट का इस्तेमाल करने से लगता है डर:
जेनरेट खराब होने और कोई पावर बैकअप नहीं होने से बिजली जाते ही लिफ्ट बंद हो जाती है। तमाम घटनाएं होने से अब लिफ्ट का इस्तेमाल करते हुए डर लगता है।
-- पूनम मित्तल, निवासी
बिल्डर को नहीं लोगों की जान की परवाह:
पावर बैकअप न होने से लिफ्ट में फंसने से कई लोगों की जान पर बन आई थी। इसके बावजूद बिल्डर के अधिकारी सुनने को तैयार नहीं है। सोसायटी के परिसर में सीवर का गंदा पानी जमा है। इससे डेंगू बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
-- बीएस तोमर, अध्यक्ष, एओए
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आधा घंटा लिफ्ट में फंसा रहा:
हृदयरोग से पीड़ित हूं। एक दिन पहले पावर बैकअप नहीं होने से लिफ्ट एकाएक बंद हो गई। मोबाइल के सिग्नल भी नहीं आ रहे थे। आधा घंटा बाद परिजन ही खोजते हुए पहुंचे। -- सिराजुद्दीन खान, लिफ्ट में फंसे निवासी
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लिफ्ट में फंसने के 20 मिनट बाद मदद मिली:
लिफ्ट में 20 मिनट फंसे रहने के बाद अब उसके नाम से भी डर लगता है। बिजली आने के बावजूद अब सीढ़ियों का इस्तेमाल कर रही हूं। लोग जान जोखिम में डालकर लिफ्ट इस्तेमाल कर रहे हैं। -- सुमन अरोड़ा, लिफ्ट में फंसी निवासी
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