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तीसरे प्रयास में हर्षिका सिंह ने सिविल सर्विसेज में पाई 169वीं रैंक
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तीसरे प्रयास में हर्षिका सिंह ने सिविल सर्विसेज परीक्षा में पाई 169वीं रैंक
गाजियाबाद। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 के नतीजों में प्रताप विहार निवासी हर्षिका सिंह ने ऑल इंडिया में 169वीं रैंक हासिल कर गाजियाबाद का मान बढ़ाया। हर्षिका ने तीसरे अवसर में यह सफलता प्राप्त की। इससे पहले अप्रैल 2021 में हर्षिता यूपी पीसीएस में 15वीं रैंक लाकर डिप्टी कलेक्टर बनी थीं।
हर्षिका ने 10वीं होली चाइल्ड स्कूल से 94 प्रतिशत अंक, 12वीं डीपीएसजी मेरठ रोड से 94 प्रतिशत के साथ की। बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री आईईटी लखनऊ से 2017 में की। बीटेक में वह अपने ब्रांच की टॉपर रहीं। 2017 से ही सिविल सर्विस के साथ यूपीपीसीएस की उनकी तैयारी शुरू हुई। 2018 में सिविल सर्विसेज के पहले अवसर में ही हर्षिका साक्षात्कार तक पहुंचीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर अपनी मेहनत को दोगुना कर और कमियों पर विजय पाकर तीसरे अवसर में मंजिल हासिल की। मूल रूप से कौशांबी जिले के टीकरी नागी गांव की रहने वाली हर्षिका के पिता अवधेश कुमार उद्यमी और मां स्नेहप्रभा सिंह ग्रहणी हैं। उनके छोटे भाई दीपक सिंह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
मनोविज्ञान था वैकल्पिक विषय, चाचा को दिया सफलता का श्रेय
हर्षिका सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय चाचा प्रयागराज में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और परिजनों के प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने बताया कि सिविल सर्विसेज की तैयारी में उन्होंने केवल टेस्ट सीरीज के लिए कोचिंग की मदद ली। फिर नियमित आठ से 10 घंटे की तैयारी को सफलता का आधार बताया। हर्षिका को क्लासिकल उपन्यास परिणाम बेहद पसंद है। उन्होंने मनोविज्ञान को वैकल्पिक विषय चुना। हर्षिका की सफलता पर उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
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अफगानिस्तान व तालिबान की मनोस्थिति जानी
हर्षिका ने बताया कि 21 मई को हुए सिविल सर्विसेज साक्षात्कार में सबसे पहले उनसे अफगानिस्तान की हालत और तालिबान की मनोस्थिति के बारे में पूछा गया। उस वक्त ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर छिड़ी बहस के बीच उससे जुड़े कई सवाल पूछे गए। वहीं, बीटेक में सिविल सर्विसेज की डिग्री हासिल करने के कारण उसके विषय से जुड़े सवाल भी पैनल ने पूछे।
हर्षिका के सफलता के टिप्स
- सामान्य अध्ययन पर ध्यान देना जरूरी, नियमित समाचार पत्र पढ़ें
- वैकल्पिक विषय का रुचि के अनुसार करें चुनाव
- टेस्ट सीरीज की मदद से करें तैयारी
- गलतियों की परख कर उन्हें दूर करने का करें प्रयास
- मेंस के लिए लेखन कला की प्रैक्टिस व गति है बेहद जरूरी
- छोटे-छोटे नोट्स बनाकर करें तैयारी
- नियमित रूप से 8 से 10 घंटे पढ़ें
- खुद पर भरोसा व सकारात्मक नजरिया जरूरी
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गाजियाबाद। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सर्विसेज परीक्षा-2020 के नतीजों में प्रताप विहार निवासी हर्षिका सिंह ने ऑल इंडिया में 169वीं रैंक हासिल कर गाजियाबाद का मान बढ़ाया। हर्षिका ने तीसरे अवसर में यह सफलता प्राप्त की। इससे पहले अप्रैल 2021 में हर्षिता यूपी पीसीएस में 15वीं रैंक लाकर डिप्टी कलेक्टर बनी थीं।
हर्षिका ने 10वीं होली चाइल्ड स्कूल से 94 प्रतिशत अंक, 12वीं डीपीएसजी मेरठ रोड से 94 प्रतिशत के साथ की। बीटेक सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री आईईटी लखनऊ से 2017 में की। बीटेक में वह अपने ब्रांच की टॉपर रहीं। 2017 से ही सिविल सर्विस के साथ यूपीपीसीएस की उनकी तैयारी शुरू हुई। 2018 में सिविल सर्विसेज के पहले अवसर में ही हर्षिका साक्षात्कार तक पहुंचीं, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर अपनी मेहनत को दोगुना कर और कमियों पर विजय पाकर तीसरे अवसर में मंजिल हासिल की। मूल रूप से कौशांबी जिले के टीकरी नागी गांव की रहने वाली हर्षिका के पिता अवधेश कुमार उद्यमी और मां स्नेहप्रभा सिंह ग्रहणी हैं। उनके छोटे भाई दीपक सिंह सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं।
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मनोविज्ञान था वैकल्पिक विषय, चाचा को दिया सफलता का श्रेय
हर्षिका सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय चाचा प्रयागराज में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. राजेश कुमार सिंह के मार्गदर्शन और परिजनों के प्रोत्साहन को दिया। उन्होंने बताया कि सिविल सर्विसेज की तैयारी में उन्होंने केवल टेस्ट सीरीज के लिए कोचिंग की मदद ली। फिर नियमित आठ से 10 घंटे की तैयारी को सफलता का आधार बताया। हर्षिका को क्लासिकल उपन्यास परिणाम बेहद पसंद है। उन्होंने मनोविज्ञान को वैकल्पिक विषय चुना। हर्षिका की सफलता पर उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया।
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अफगानिस्तान व तालिबान की मनोस्थिति जानी
हर्षिका ने बताया कि 21 मई को हुए सिविल सर्विसेज साक्षात्कार में सबसे पहले उनसे अफगानिस्तान की हालत और तालिबान की मनोस्थिति के बारे में पूछा गया। उस वक्त ट्विटर सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर छिड़ी बहस के बीच उससे जुड़े कई सवाल पूछे गए। वहीं, बीटेक में सिविल सर्विसेज की डिग्री हासिल करने के कारण उसके विषय से जुड़े सवाल भी पैनल ने पूछे।
हर्षिका के सफलता के टिप्स
- सामान्य अध्ययन पर ध्यान देना जरूरी, नियमित समाचार पत्र पढ़ें
- वैकल्पिक विषय का रुचि के अनुसार करें चुनाव
- टेस्ट सीरीज की मदद से करें तैयारी
- गलतियों की परख कर उन्हें दूर करने का करें प्रयास
- मेंस के लिए लेखन कला की प्रैक्टिस व गति है बेहद जरूरी
- छोटे-छोटे नोट्स बनाकर करें तैयारी
- नियमित रूप से 8 से 10 घंटे पढ़ें
- खुद पर भरोसा व सकारात्मक नजरिया जरूरी