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चीनी भी चली तेल की चाल, सात रुपये का उछाल
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चीनी भी चली तेल की चाल, सात रुपये का उछाल
गाजियाबाद। महंगाई कमर तोड़ रही है। रसोई का बजट बिगड़ा जा रहा है। अब चीनी भी सरसों के तेल की चाल चल रही है। चीनी के दाम में सात रुपये का उछाल आया है। फुटकर बाजार में सरसों का तेल फिर से 200 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। दालें भी पांच से 10 रुपये महंगी हो गई हैं। कारोबारियों का कहना है कि वायदा कारोबार का असर उत्पादों के दाम पर पड़ रहा है।
अफगानिस्तान से पिस्ता की आवक बंद, बढ़े दाम
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से जिले में पिस्ते की आवक बंद है। दिल्ली की बड़ी थोक मंडी से जिले में पिस्ते की आवक होती है। थोक कारोबारियों का कहना है कि मिठाई के लिए आने वाली पिस्ते की गिरी 1700 रुपये किलो से 2100 रुपये किलो हुई है जबकि साबुत पिस्ता 800 रुपये से महंगा होकर 1100 रुपये किलो पर पहुंच गया है।
सब्जियों में कुछ राहत
सब्जियों के दाम में कमी आई है। पिछले 15 दिन के मुकाबले 5 से 10 रुपये की गिरावट है। थोक कारोबारी श्रीपाल यादव ने बताया कि बारिश का अब लगातार सब्जियों के रेट घटेंगे। बारिश का मौसम खत्म होने के साथ ही सब्जियों के दाम लुढ़कना शुरू हो गए हैं। खासकर हरी सब्जियों की नई फसल मंडी में पहुंचने के बाद इनके मूल्य में कमी आई है। फलों में सेब का मूल्य कम हुआ है। 120 रुपये किलोग्राम बिकने वाला सेब 80 रुपये किलो पर आ गया है। सीजनल फलों के रेट भी 15 से 20 रुपये कम हुए हैं।
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खाद्य उत्पादों के दाम :
उत्पाद 15 दिन पहले का मूल्य वर्तमान मूल्य
अरहर दाल 110 115
मूंग छिलका दाल 90 100
उड़द 110 130
चने की दाल 70 85
काबुली चना 100 120
काला चना 70 80
मसूर की दाल 90 110
राजमा 130 160
रिफाइंड 155 160
आटा 24 से 25 30
सरसों का तेल 180 200
चीनी 36 43
फुटकर बाजार के रेट :--
------------------------------------------------
वायदा कारोबार से असर
खाद्य उत्पादों में तेजी का सबसे बड़ा कारण वायदा कारोबार है। वायदा कारोबार के रेट के मुताबिक थोक कारोबारी उत्पादों का स्टॉक करने लगते हैं और लोगों को महंगाई झेलनी पड़ती है। इस पर लगाम लगाया जाना जरूरी है।
- संदीप बंसल, थोक कारोबारी
जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
----------
कोरोना कर्फ्यू में तेल की पिराई हुई कम
कोरोना कर्फ्यू के दौरान कच्चा माल न मिलने और श्रमिक न होने से तेल की पिराई कम हुई। इसका असर सरसों के तेल पर बना हुआ है। अब उत्पादन में तेजी के साथ इसके दाम भी घटना शुरू होंगे।
- मोहित सिंघल, मीडिया प्रभारी
खाद्य तेल व्यापारी एसोसिएशन
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गाजियाबाद। महंगाई कमर तोड़ रही है। रसोई का बजट बिगड़ा जा रहा है। अब चीनी भी सरसों के तेल की चाल चल रही है। चीनी के दाम में सात रुपये का उछाल आया है। फुटकर बाजार में सरसों का तेल फिर से 200 रुपये लीटर तक पहुंच गया है। दालें भी पांच से 10 रुपये महंगी हो गई हैं। कारोबारियों का कहना है कि वायदा कारोबार का असर उत्पादों के दाम पर पड़ रहा है।
अफगानिस्तान से पिस्ता की आवक बंद, बढ़े दाम
अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से जिले में पिस्ते की आवक बंद है। दिल्ली की बड़ी थोक मंडी से जिले में पिस्ते की आवक होती है। थोक कारोबारियों का कहना है कि मिठाई के लिए आने वाली पिस्ते की गिरी 1700 रुपये किलो से 2100 रुपये किलो हुई है जबकि साबुत पिस्ता 800 रुपये से महंगा होकर 1100 रुपये किलो पर पहुंच गया है।
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सब्जियों में कुछ राहत
सब्जियों के दाम में कमी आई है। पिछले 15 दिन के मुकाबले 5 से 10 रुपये की गिरावट है। थोक कारोबारी श्रीपाल यादव ने बताया कि बारिश का अब लगातार सब्जियों के रेट घटेंगे। बारिश का मौसम खत्म होने के साथ ही सब्जियों के दाम लुढ़कना शुरू हो गए हैं। खासकर हरी सब्जियों की नई फसल मंडी में पहुंचने के बाद इनके मूल्य में कमी आई है। फलों में सेब का मूल्य कम हुआ है। 120 रुपये किलोग्राम बिकने वाला सेब 80 रुपये किलो पर आ गया है। सीजनल फलों के रेट भी 15 से 20 रुपये कम हुए हैं।
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खाद्य उत्पादों के दाम :
उत्पाद 15 दिन पहले का मूल्य वर्तमान मूल्य
अरहर दाल 110 115
मूंग छिलका दाल 90 100
उड़द 110 130
चने की दाल 70 85
काबुली चना 100 120
काला चना 70 80
मसूर की दाल 90 110
राजमा 130 160
रिफाइंड 155 160
आटा 24 से 25 30
सरसों का तेल 180 200
चीनी 36 43
फुटकर बाजार के रेट :--
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वायदा कारोबार से असर
खाद्य उत्पादों में तेजी का सबसे बड़ा कारण वायदा कारोबार है। वायदा कारोबार के रेट के मुताबिक थोक कारोबारी उत्पादों का स्टॉक करने लगते हैं और लोगों को महंगाई झेलनी पड़ती है। इस पर लगाम लगाया जाना जरूरी है।
- संदीप बंसल, थोक कारोबारी
जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल
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कोरोना कर्फ्यू में तेल की पिराई हुई कम
कोरोना कर्फ्यू के दौरान कच्चा माल न मिलने और श्रमिक न होने से तेल की पिराई कम हुई। इसका असर सरसों के तेल पर बना हुआ है। अब उत्पादन में तेजी के साथ इसके दाम भी घटना शुरू होंगे।
- मोहित सिंघल, मीडिया प्रभारी
खाद्य तेल व्यापारी एसोसिएशन
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