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थाने के सामने दिव्यांग से लूट, 4 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं
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थाने के सामने दिव्यांग से लूट
4 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं
गाजियाबाद। बाइकर्स गैंग के बदमाशों ने सिहानी गेट थाने के सामने पिस्टल दिखाकर दिव्यांग (मूकबधिर) युवक को लूट लिया। घटना एक जुलाई को देरशाम हुई, लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया। बुधवार को पीड़ित युवक का भाई एक समाजसेवी की सिफारिशी चिट्ठी लेकर पहुंचा तो पुलिस ने तहरीर लिखकर देने की बात कही।
मसूरी के इंद्रगढ़ी निवासी ज्ञानचंद दिव्यांग हैं और नोएडा की कंपनी में नौकरी करते हैं। वह एक अगस्त को किसी काम से लोहियानगर में परिचित के यहां आए थे। लौटते वक्त जैसे ही वह सिहानी गेट थाने के सामने पहुंचे तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही एक बदमाश ने उनकी कनपटी पर पिस्टल सटा दी और दूसरे बदमाश ने उनकी जेब में रखा मोबाइल व 35 सौ रुपये लूट लिए। ज्ञानचंद ने विरोध किया तो बदमाशों ने गोली मारने की धमकी दी और भाग गए। ज्ञानचंद ने राहगीरों व स्थानीय लोगों को इशारा करके घटना बताने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं समझ सके।
थाने में सिपाही बोले-साहब खाना खाने गए हैं
घटना के बाद ज्ञानचंद सिहानी गेट थाने पहुंचे और पुलिस को आपबीती बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनकी बात समझने की बजाय मानसिक रुप से कमजोर समझ टरका दिया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि साहब खाना खाने गए हैं। कार्रवाई उन्हें ही करनी है। लिहाजा, जब साहब आ जाएं तो वह भी आ जाएं। इसके बाद ज्ञानचंद थाने से लौट आए। ज्ञानचंद तीन भाई हैं और तीनों दिव्यांग हैं। ज्ञानचंद को ड्यूटी पर जाना था, लिहाजा घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने का जिम्मा उन्होंने अपने बड़े भाई पर डाल दिया। उनके बड़े भाई डिसेबल्ड हेल्पलाइन फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास शर्मा के पास पहुंचे और उनसे सिफारिशी चिट्ठी लिखवाकर बुधवार को सिहानी गेट थाने आए। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें टरका दिया। कहा कि पीड़ित भाई को थाने बुलाकर तहरीर लिखकर दो तब केस दर्ज होगा।
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मूकबधिरों के लिए हो विशेष व्यवस्था
सामान्य व्यक्ति कंट्रोल रूम पर फोन करके या थाने-चौकी जाकर घटना बता सकता है, लेकिन दिव्यांग व्यक्ति कंट्रोल रूम पर घटना नहीं बता सकता। साथ ही पुलिस उसके इशारों को समझ जाए, यह भी जरूरी नहीं है। ऐसे में मूकबधिर व्यक्तियों के लिए पुलिस को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। घटना के दिन ही पीड़ित थाने गया, लेकिन उसे टरका दिया गया। कार्रवाई न होने पर एसएसपी से बात की जाएंगी।
- विकास शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, डिसेबल्ड हेल्पलाइन फाउंडेशन
तहरीर मिलते ही कार्रवाई होगी
पीड़ित युवक का बड़ा भाई बुधवार को किसी समाजसेवी की चिट्ठी लेकर आया था। इससे पहले कोई मुझसे नहीं मिला। जिस युवक के साथ घटना हुई है, उसे थाने आकर तहरीर देने के लिए कहा गया है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- मोहम्मद आरिफ, कार्यवाहक एसएचओ, सिहानी गेट
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4 दिन बाद भी केस दर्ज नहीं
गाजियाबाद। बाइकर्स गैंग के बदमाशों ने सिहानी गेट थाने के सामने पिस्टल दिखाकर दिव्यांग (मूकबधिर) युवक को लूट लिया। घटना एक जुलाई को देरशाम हुई, लेकिन अभी तक केस दर्ज नहीं किया गया। बुधवार को पीड़ित युवक का भाई एक समाजसेवी की सिफारिशी चिट्ठी लेकर पहुंचा तो पुलिस ने तहरीर लिखकर देने की बात कही।
मसूरी के इंद्रगढ़ी निवासी ज्ञानचंद दिव्यांग हैं और नोएडा की कंपनी में नौकरी करते हैं। वह एक अगस्त को किसी काम से लोहियानगर में परिचित के यहां आए थे। लौटते वक्त जैसे ही वह सिहानी गेट थाने के सामने पहुंचे तो बाइक सवार तीन बदमाशों ने ओवरटेक कर उन्हें रोक लिया। वह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही एक बदमाश ने उनकी कनपटी पर पिस्टल सटा दी और दूसरे बदमाश ने उनकी जेब में रखा मोबाइल व 35 सौ रुपये लूट लिए। ज्ञानचंद ने विरोध किया तो बदमाशों ने गोली मारने की धमकी दी और भाग गए। ज्ञानचंद ने राहगीरों व स्थानीय लोगों को इशारा करके घटना बताने की कोशिश की, लेकिन लोग नहीं समझ सके।
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थाने में सिपाही बोले-साहब खाना खाने गए हैं
घटना के बाद ज्ञानचंद सिहानी गेट थाने पहुंचे और पुलिस को आपबीती बताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनकी बात समझने की बजाय मानसिक रुप से कमजोर समझ टरका दिया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि साहब खाना खाने गए हैं। कार्रवाई उन्हें ही करनी है। लिहाजा, जब साहब आ जाएं तो वह भी आ जाएं। इसके बाद ज्ञानचंद थाने से लौट आए। ज्ञानचंद तीन भाई हैं और तीनों दिव्यांग हैं। ज्ञानचंद को ड्यूटी पर जाना था, लिहाजा घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने का जिम्मा उन्होंने अपने बड़े भाई पर डाल दिया। उनके बड़े भाई डिसेबल्ड हेल्पलाइन फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास शर्मा के पास पहुंचे और उनसे सिफारिशी चिट्ठी लिखवाकर बुधवार को सिहानी गेट थाने आए। इसके बाद भी पुलिस ने उन्हें टरका दिया। कहा कि पीड़ित भाई को थाने बुलाकर तहरीर लिखकर दो तब केस दर्ज होगा।
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मूकबधिरों के लिए हो विशेष व्यवस्था
सामान्य व्यक्ति कंट्रोल रूम पर फोन करके या थाने-चौकी जाकर घटना बता सकता है, लेकिन दिव्यांग व्यक्ति कंट्रोल रूम पर घटना नहीं बता सकता। साथ ही पुलिस उसके इशारों को समझ जाए, यह भी जरूरी नहीं है। ऐसे में मूकबधिर व्यक्तियों के लिए पुलिस को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। घटना के दिन ही पीड़ित थाने गया, लेकिन उसे टरका दिया गया। कार्रवाई न होने पर एसएसपी से बात की जाएंगी।
- विकास शर्मा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, डिसेबल्ड हेल्पलाइन फाउंडेशन
तहरीर मिलते ही कार्रवाई होगी
पीड़ित युवक का बड़ा भाई बुधवार को किसी समाजसेवी की चिट्ठी लेकर आया था। इससे पहले कोई मुझसे नहीं मिला। जिस युवक के साथ घटना हुई है, उसे थाने आकर तहरीर देने के लिए कहा गया है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- मोहम्मद आरिफ, कार्यवाहक एसएचओ, सिहानी गेट