फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

चानू की चांदी में मोदीनगर के विजय की मेहनत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 25 Jul 2021 12:54 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
चानू की चांदी में मोदीनगर के विजय की मेहनत
विज्ञापन

गाजियाबाद। शनिवार का दिन पूरे देश और गाजियाबाद के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। दरअसल टोक्यो में आयोजित ओलंपिक खेलों में वेट लिफ्टिंग में भारत को 21 साल बाद मेडल मिला है। इसके पीछे मोदीनगर, गाजियाबाद के रहने वाले कोच विजय कुमार शर्मा की भी मेहनत है। भारतीय वेट लिफ्टिंग टीम और रेलवे टीम के कोच विजय कुमार शर्मा ने ही देश के लिए सिल्वर मेडल जीतने वाली मीराबाई चानू को ट्रेनिंग दी है। पटियाला स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स में पांच साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद मीराबाई चानू ने मेडल जीतकर देश को यह सम्मान दिलाया है। उनकी इस उपलब्धि पर शनिवार को मोदीनगर की कैलाश कॉलोनी स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचकर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। विजय कुमार शर्मा के परिवार ने भी इस ऐतिहासिक दिवस पर खुशियां मनाईं।
मोदीनगर के रहने वाले भारतीय वेट लिफ्टिंग टीम के कोच विजय कुमार शर्मा और खिलाड़ियों की संयुक्त मशक्कत के बाद भारत को 21 साल बाद टोक्यो ओलंपिक में वेट लिफ्टिंग में पदक मिला है। विजय शर्मा मोदीनगर में अपने माता-पिता सोमा देवी व मोहनलाल शर्मा के साथ संयुक्त परिवार में रहते हैं। उनका भाई अजय शर्मा, पत्नी विनीता शर्मा, बेटा जय शर्मा और बेटी अनुष्का शर्मा भी मोदीनगर में ही रहते हैं। भाई अजय शर्मा ने बताया विजय ने खुद को खेल के लिए पूरी तरह समर्पित कर रखा है। स्कूली शिक्षा के समय से ही उनकी खेलों में विशेष रुचि रही है। पहले फुटबॉल, फिर रेस और इसके बाद वेट लिफ्टिंग को चुना तो इसी में रम गए। 1993 में स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें रेलवे में टीसी की नौकरी मिली। रेलवे को उन्होंने कई स्वर्ण पदक दिलाए। वह इंटर रेलवे चैंपियनशिप में चार बार विजेता रहे और 1998 व 1999 में वेटलिफ्टिंग में दो बार नेशनल चैंपियन रहे। 2018 में उन्हें द्रोणाचार्य अवार्ड मिला। वह एक सख्त गुरु माने जाते हैं।
विज्ञापन

----
2017 में मोदीनगर आई थीं मीराबाई चानू
ओलंपिक खेलों में देश को सिल्वर मेडल दिलाने वाली मीराबाई चानू करीब 5 साल से विजय कुमार शर्मा के अंडर में ट्रेनिंग कर रही हैं। वह वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद 2017 में मोदीनगर में यूपी स्टेट चैंपियनशिप में खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने आई थीं। कोच विजय कुमार शर्मा के साथ उन्होंने मोदीनगर में काफी समय बिताया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----
सरकार दे साथ तो आएंगे और मेडल
शनिवार का दिन देश के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। कर्णम मल्लेश्वरी के मेडल जीतने के 21 साल बाद देश को वेट लिफ्टिंग में मेडल मिला है। देश में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। सरकार अगर उनका साथ दे तो खेलों में भारत का नाम और ऊपर पहुंच सकता है। खिलाड़ियों का उद्देश्य सिर्फ सरकारी नौकरी पाना नहीं, बल्कि देश के लिए मेडल जीतना होना चाहिए। - निर्भय सिंह, नेशनल खिलाड़ी व पुलिस कोच
---
वेट लिफ्टिंग में गांव-देहात से जुड़े युवा खिलाड़ी ज्यादा हैं। इन्हें ट्रेनिंग तो मिल जाती है, लेकिन अधिकांश खिलाड़ियों को डाइट प्लान फॉलो करने में आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सरकार खिलाड़ी के सफर में शुरूआती दौर से ही साथ दे तो भारत के नाम और ज्यादा मेडल हो सकते हैं। खिलाड़ी को मेडल मिलने के बाद नहीं, सरकार उसे पहले से ही पहचान दें। - सुखमेंदर सिंह, वेट लिफ्टिंग कोच, मोदीनगर

----
हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वह देश के लिए मेडल जीतकर लाए। उनकी मेहनत रंग लाती भी है। मीराबाई चानू उसका ताजा उदाहरण है। सरकार खिलाड़ियों को सुविधाएं दिलाए तो खेल प्रतिभाएं और ज्यादा निखरेंगी। मेरा भी सपना है कि देश के लिए मेडल लाऊं। जल्द ही स्टेट ट्रायल में भाग लूंगा। - बंटी, वेट लिफ्टर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed