{"_id":"60f1ea448ebc3e3e98541bd4","slug":"ghaziyabad-ghaziabad-news-gbd222397631","type":"story","status":"publish","title_hn":"धोबीघाट आरओबी देगा लाइनपार को राहत, 76.5 मीटर लंबा पहला गर्डर लॉंच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धोबीघाट आरओबी देगा लाइनपार को राहत, 76.5 मीटर लंबा पहला गर्डर लॉंच
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धोबीघाट आरओबी देगा लाइनपार को राहत, 76.5 मीटर लंबा पहला गर्डर लांच
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। लाइन पार क्षेत्र की जनता को दिवाली से पहले धोबीघाट आरओबी की सौगात मिलने में बड़ा कदम आगे बढ़ा है। शुक्रवार को धोबीघाट आरओबी पर रेलवे की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 76.5 मीटर लंबा पहला स्टिंग बो गर्डर (धनुषाकार पुल का पहला हिस्सा) लांच किया है। बीते बृहस्पतिवार को 76.5 मीटर लंबा गर्डर केवल 35 मीटर खिसक पाया था। ऐसे में दूसरे दिन 41.5 मीटर गर्डर को खिसकाकर लांच कराया गया। 650 टन वजनी गर्डर को लांच करने के लिए सुबह 11.35 बजे रेलवे ने ब्लॉक लिया। ऐसे में भारी गर्डर को मशीन की सहायता से लांच कराने में करीब चार घंटे का वक्त लगा। दूसरे दिन भी ब्लॉक होने और कई ट्रेनें कैंसिल व डायवर्ट होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
76.5 मीटर लंबा दूसरा गर्डर लांच होना बाकी
धोबीघाट आरओबी के लिए अभी 76.5 मीटर लंबा दूसरा प्री-कास्ट स्टिंग बो गर्डर लांच होना बाकी है। ऐसे में रेलवे की ओर से आरओबी का निर्माण कर रही बीएम कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दूसरा गर्डर लांच करने की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरा गर्डर प्लेटफार्म नंबर चार से विजयनगर की ओर भूड़ भारत नगर तक लांच किया जाना है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से गर्डर लांच करने से पहले उसका प्लेटफार्म तैयार होने के बाद रेलवे से ब्लॉक के लिए आवेदन किया जाएगा। ऐसे में अगस्त तक दूसरा गर्डर लांच होने की पूरी संभावना है। शुक्रवार को भी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने सुबह 11.35 मिनट से गर्डर को मशीन के जरिए खिसकाना शुरू किया। लेकिन सफलता चार घंटे बाद जाकर मिली।
ट्रेनें निरस्त व रूट बदले, यात्रियों ने झेली परेशानी
धोबीघाट आरओबी पर गर्डर लांच करने को लिए गए ब्लॉक से दिल्ली-गाजियाबाद-अलीगढ़ रूट की ट्रेनें शुक्रवार को भी रद्द रही। ब्लॉक के चलते टूंडला-दिल्ली जंक्शन-टूंडला, नई दिल्ली-गाजियाबाद-नई दिल्ली, मुरादाबाद-गाजियाबाद-मुरादाबाद, पलवल-गाजियाबाद-पलवल स्पेशल ट्रेन निरस्त रही। वहीं, मुख्य लाइन बंद होने से लखनऊ-नई दिल्ली-लखनऊ, आगरा कैंट-नई दिल्ली-आगरा कैंट एक्सप्रेस भी निरस्त रही। वहीं, ट्रेन पलवल-गाजियाबाद ईएमयू, मथुरा-गाजियाबाद ईएमयू, गाजियाबाद-मथुरा ईएमयू को साहिबाबाद स्टेशन पर ही टर्मिनेट कर दिया गया। सबसे ज्यादा परेशानी अलीगढ़ और मुरादाबाद रूट पर दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ी। अलीगढ़, हाथरस, खुर्जा जाने वाले यात्रियों को ट्रेन न चलने की जानकारी पाकर बस का विकल्प लेना पड़ा।
विज्ञापन
लाइन पार के 10 लाखों की आबादी को मिलेगी लाइफलाइन
धोबीघाट आरओबी शुरू होने से लाइनपार क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाली 10 लाख की आबादी को राहत मिलेगी। विजयनगर, प्रताप विहार सहित अन्य कालोनियों के लोगों को शहर आने के लिए गोशाला अंडरपास, मोहननगर और लालकुआं घूमकर नहीं आना होगा। ऐसे में इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव कम होगा। आरओबी शुरू होते ही लाखों लोगों का सालों का संघर्ष खत्म हो जाएगा।
आरओबी के दोनों ओर एप्रोच रोड बनकर तैयार:
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक धोबीघाट आरओबी को जोड़ने वाली दोनों एप्रोच रोड लगभग तैयार हो गई हैं। साथ ही ट्रैक के दोनों ओेर पिलर्स का काम पूरा हो चुका है। जैसे-जैसे स्पैन रखने का काम पूरा होगा, वैसे ही सड़क पर डाबर बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। दूसरा स्पैन रखने के बाद दो से तीन सप्ताह के अंदर दोनों ओर एप्रोच रोड बनकर तैयार होने के साथ लाइटिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा।
----
कोट...
1. आरओबी पर पहला गर्डर सफलतापूर्वक लांच कर दिया गया है। दूसरे गर्डर को लॉचिंग करने के लिए प्लेटफार्म को तैयार करने का काम अलगे सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। -- सूर्यांश शर्मा, पदाधिकारी, बीएम कंस्ट्रक्शन
2. ब्लॉक लिए जाने के चार घंटे के अंदर गर्डर को लांच कर दिया गया। दूसरा प्री-कास्ट गर्डर पहले से तैयार है। ऐसे में उसको लांच करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। -- आस मोहम्मद, तकनीक इंचार्ज, गर्डर लॉचिंग
---
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। लाइन पार क्षेत्र की जनता को दिवाली से पहले धोबीघाट आरओबी की सौगात मिलने में बड़ा कदम आगे बढ़ा है। शुक्रवार को धोबीघाट आरओबी पर रेलवे की कंस्ट्रक्शन कंपनी ने 76.5 मीटर लंबा पहला स्टिंग बो गर्डर (धनुषाकार पुल का पहला हिस्सा) लांच किया है। बीते बृहस्पतिवार को 76.5 मीटर लंबा गर्डर केवल 35 मीटर खिसक पाया था। ऐसे में दूसरे दिन 41.5 मीटर गर्डर को खिसकाकर लांच कराया गया। 650 टन वजनी गर्डर को लांच करने के लिए सुबह 11.35 बजे रेलवे ने ब्लॉक लिया। ऐसे में भारी गर्डर को मशीन की सहायता से लांच कराने में करीब चार घंटे का वक्त लगा। दूसरे दिन भी ब्लॉक होने और कई ट्रेनें कैंसिल व डायवर्ट होने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।
76.5 मीटर लंबा दूसरा गर्डर लांच होना बाकी
धोबीघाट आरओबी के लिए अभी 76.5 मीटर लंबा दूसरा प्री-कास्ट स्टिंग बो गर्डर लांच होना बाकी है। ऐसे में रेलवे की ओर से आरओबी का निर्माण कर रही बीएम कंस्ट्रक्शन कंपनी ने दूसरा गर्डर लांच करने की तैयारी शुरू कर दी है। दूसरा गर्डर प्लेटफार्म नंबर चार से विजयनगर की ओर भूड़ भारत नगर तक लांच किया जाना है। ऐसे में कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से गर्डर लांच करने से पहले उसका प्लेटफार्म तैयार होने के बाद रेलवे से ब्लॉक के लिए आवेदन किया जाएगा। ऐसे में अगस्त तक दूसरा गर्डर लांच होने की पूरी संभावना है। शुक्रवार को भी कंस्ट्रक्शन कंपनी ने सुबह 11.35 मिनट से गर्डर को मशीन के जरिए खिसकाना शुरू किया। लेकिन सफलता चार घंटे बाद जाकर मिली।
विज्ञापन
ट्रेनें निरस्त व रूट बदले, यात्रियों ने झेली परेशानी
धोबीघाट आरओबी पर गर्डर लांच करने को लिए गए ब्लॉक से दिल्ली-गाजियाबाद-अलीगढ़ रूट की ट्रेनें शुक्रवार को भी रद्द रही। ब्लॉक के चलते टूंडला-दिल्ली जंक्शन-टूंडला, नई दिल्ली-गाजियाबाद-नई दिल्ली, मुरादाबाद-गाजियाबाद-मुरादाबाद, पलवल-गाजियाबाद-पलवल स्पेशल ट्रेन निरस्त रही। वहीं, मुख्य लाइन बंद होने से लखनऊ-नई दिल्ली-लखनऊ, आगरा कैंट-नई दिल्ली-आगरा कैंट एक्सप्रेस भी निरस्त रही। वहीं, ट्रेन पलवल-गाजियाबाद ईएमयू, मथुरा-गाजियाबाद ईएमयू, गाजियाबाद-मथुरा ईएमयू को साहिबाबाद स्टेशन पर ही टर्मिनेट कर दिया गया। सबसे ज्यादा परेशानी अलीगढ़ और मुरादाबाद रूट पर दैनिक यात्रियों को उठानी पड़ी। अलीगढ़, हाथरस, खुर्जा जाने वाले यात्रियों को ट्रेन न चलने की जानकारी पाकर बस का विकल्प लेना पड़ा।
विज्ञापन
लाइन पार के 10 लाखों की आबादी को मिलेगी लाइफलाइन
धोबीघाट आरओबी शुरू होने से लाइनपार क्षेत्र की विभिन्न कॉलोनियों में रहने वाली 10 लाख की आबादी को राहत मिलेगी। विजयनगर, प्रताप विहार सहित अन्य कालोनियों के लोगों को शहर आने के लिए गोशाला अंडरपास, मोहननगर और लालकुआं घूमकर नहीं आना होगा। ऐसे में इन मार्गों पर भी वाहनों का दबाव कम होगा। आरओबी शुरू होते ही लाखों लोगों का सालों का संघर्ष खत्म हो जाएगा।
आरओबी के दोनों ओर एप्रोच रोड बनकर तैयार:
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक धोबीघाट आरओबी को जोड़ने वाली दोनों एप्रोच रोड लगभग तैयार हो गई हैं। साथ ही ट्रैक के दोनों ओेर पिलर्स का काम पूरा हो चुका है। जैसे-जैसे स्पैन रखने का काम पूरा होगा, वैसे ही सड़क पर डाबर बिछाने का काम पूरा कर लिया जाएगा। दूसरा स्पैन रखने के बाद दो से तीन सप्ताह के अंदर दोनों ओर एप्रोच रोड बनकर तैयार होने के साथ लाइटिंग का काम पूरा कर लिया जाएगा।
----
कोट...
1. आरओबी पर पहला गर्डर सफलतापूर्वक लांच कर दिया गया है। दूसरे गर्डर को लॉचिंग करने के लिए प्लेटफार्म को तैयार करने का काम अलगे सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। -- सूर्यांश शर्मा, पदाधिकारी, बीएम कंस्ट्रक्शन
2. ब्लॉक लिए जाने के चार घंटे के अंदर गर्डर को लांच कर दिया गया। दूसरा प्री-कास्ट गर्डर पहले से तैयार है। ऐसे में उसको लांच करने की प्रक्रिया जल्द पूरी कर ली जाएगी। -- आस मोहम्मद, तकनीक इंचार्ज, गर्डर लॉचिंग
---