फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   ghaziyabad

ट्रैफिक पुलिस के तीन हेड कांस्टेबल समेत तीन सस्पेंड

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jul 2021 01:09 AM IST
विज्ञापन
ghaziyabad
ट्रैफिक पुलिस के तीन हेड
विज्ञापन

कांस्टेबल समेत पांच सस्पेंड
गाजियाबाद। रिश्वत नहीं देने पर गढ़ के व्यापारियों को बदमाश बताने के मामले में एसएसपी अमित पाठक ने मंगलवार को तीन हेड कांस्टेबल समेत पांच ट्रैफिककर्मी सस्पेंड कर दिए। पांचों पर विभागीय कार्रवाई शुरू करते हुए शीघ्र दंडित करने के लिए एसपी प्रोटोकॉल को नामित किया है। इसके अलावा खाकी को बदनाम करने वाले प्रकरण में ट्रैफिक इंस्पेक्टर परमहंस तिवारी भी नपे हैं। उन्हें पर्यवेक्षण में लापरवाही का दोषी मानते हुए उनका एक माह का वेतन काटने के लिए नोटिस जारी किया है।
गढ़मुक्तेश्वर के मोहल्ला चौधरियान निवासी नाजिम, शाकिब, साहिक, कासिम और ताबिश कपड़ा व्यापारी हैं। रविवार सुबह पांचों व्यापारी सामान लेने के लिए गढ़ से दिल्ली के लिए चले थे। मसूरी में एनएच-9 स्थित आईएमएस कॉलेज के सामने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर उन्हें रोक लिया। बैग में 2.32 लाख रुपये मिलने पर ट्रैफिककर्मियों ने जेल भेजने की धमकी दी और मामला निपटाने के नाम पर पर व्यापारियों से रिश्वत में 20 हजार रुपये मांगे। रिश्वत देने से मना करने पर ट्रैफिककर्मियों ने व्यापारियों को संदिग्ध बदमाश बताते हुए कंट्रोल रूम और डेल्टा पर झूठी सूचना फ्लैश कर दी। इसके बाद मसूरी पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्हें थाने ले गई और कार्रवाई में जुट गई। मामला एसएसपी व एसपी ग्रामीण के पास पहुंचा तो जांच में ट्रैफिक कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली। एसएसपी ने एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा को जांच सौंपी। जांच में ट्रैफिककर्मी रिश्वत मांगने के दोषी पाए गए।
विज्ञापन

एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि जांच रिपोर्ट में रिश्वत मांगने के दोषी पाए जाने पर ट्रैफिक पुलिस के हेड कांस्टेबल सुधीर सिंह, पराग कुमार, संदीप कुमार तथा कांस्टेबल टिंकूकुमार व देवेंद्र सिंह को निंलंबित किया है। पांचों पुलिसकर्मियों को विभागीय दंड अतिशीघ्र मिले, इसके लिए एसपी प्रोटोकॉल को पीठासीन अधिकारी नियुक्त करने का आदेश दिया गया है। एसएसपी ने बताया कि ट्रैफिक इंस्पेक्टर परमहंस तिवारी पर्येक्षण में लापरवाही के दोषी पाए गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले भी मिली थी दोषी पुलिसकर्मियों की शिकायत
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आईएमएस फ्लाईओवर पर अवैध वसूली के आरोप में निलंबित हुए ट्रैफिककर्मियों की शिकायत पूर्व में भी मिली थी। लिखित शिकायत या पीड़ित के सामने न आने पर वह बच गए। गढ़ के व्यापारियों के साथ घटना करने पर अधिकारियों ने उनके थाने में ही बयान दर्ज कराए और दूसरे दिन एसपी ग्रामीण ने जांच रिपोर्ट सबमिट कर दी।
वसूली वाला नाका हटा
अधिकारियों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस ने आईएमएस फ्लाईओवर पर वसूली का नाका खोला हुआ था। चेकिंग के नाम पर वसूली का खुला खेल चल रहा था। यहां तैनात होने वाले ट्रैफिककर्मी बाहरी जिलों व प्रदेशों के नंबर की गाड़ियों को रोककर प्रताड़ित करते और चालान या जेल भेजने की धमकी देकर अवैध वसूली करते। गढ़ के व्यापारियों के साथ हुई घटना के बाद वसूली वाला यह नाका हटा दिया गया है।

कई अन्य वसूली प्वाइंट्स की हो रही जांच
सूत्रों के मुताबिक, जिले में ट्रैफिक पुलिस के छह से सात अन्य वसूली प्वाइंट्स हैं। इनके बारे में अधिकारियों को शिकायत भी मिली है। बताया गया कि इन वसूली प्वाइंट्स पर तैनात ट्रैफिककर्मियों की गोपनीय जांच कराई जा रही है। एसएसपी अमित पाठक का कहना है कि भ्रष्टाचार या अनैतिक कार्य में लिप्त भी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed