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इलाज तो दूर सरकारी अस्पताल में जांच भी मुश्किल
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इलाज तो दूर सरकारी अस्पताल में जांच भी मुश्किल
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन खराब होने, थायराइड जांच का रिजेंट और टीबी अस्पताल में एक्स-रे फिल्म समाप्त होने से जांच बंद हो गई है। महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के तबादला होने के बाद महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने में परेशानी हो रही है। मरीजों को जांच कराने के लिए प्राइवेट लैब में महंगी फीस देनी पड़ रही है।
एमएमजी अस्पताल में सीटी स्कैन-थायराइड जांच बंद
एमएमजी अस्पताल में रिजेंट समाप्त होने से थायराइड की जांच एक सप्ताह से बंद है। सिटी स्कैन मशीन खराब होने से मरीजों को जांच कराने के लिए बाहर जाना पड़ता है। सितंबर 2020 से मशीन की ट्यूब खराब है। मशीन के टेक्नीशियन ने बताया कि 35 लाख रुपये की नई ट्यूब लगेगी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मशीन बहुत पुरानी हो चुकी है। इस समय 60 से 70 स्लाइस की सिटी स्कैन मशीन चल रही है, जबकि अस्पताल में लगी मशीन सिर्फ एक स्लाइस की है। इसलिए अब इसे बनवाने का कोई औचित्य नहीं है। शासन से स्वीकृति होगी तो नई मशीन लगेगी।
30 जुलाई से अल्ट्रासाउंड जांच बंद
महिला अस्पताल में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक कुमार का तबादला बुलंदशहर होने के बाद से अल्ट्रासाउंड बंद हैं। वह 30 जुलाई को रिलीव हो गए। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली 30 से 40 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह डॉक्टर देती हैं। अस्पताल में जांच बंद होने से महिलाओं को बाहर पांच सौ रुपये से लेकर सात सौ रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। एमएमजी अस्पताल में जांच के लिए सात से दस दिन का समय दिया जा रहा है।
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क्षय रोग केंद्र पर एक महीने से एक्स-रे जांच बंद
जिला क्षय रोग केंद्र में पिछले एक महीने से टीबी की जांच बंद है। अस्पताल में प्रतिदिन 60-70 मरीज इलाज और जांच के लिए आते हैं। इनमें पंद्रह से बीस मरीजों को एक्स-रे जांच की जरूरत पड़ती है, लेकिन एक्स-रे फिल्म न होने से जांच बंद है। जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जनवरी में नई एक्स-रे मशीन लगाई गई थी। आठ महीने में अब तक तीन बार फिल्म न मिलने से जांच बंद हो चुकी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके यादव का कहना है कि टीबी जांच के लिए एक्स-रे फिल्म केंद्र स्तर से आपूर्ति होती है। पत्र लिखा जा चुका है। जल्द ही एक्स-रे फिल्म आ जाएगी।
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अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के ट्रांसफर होने से परेशानी हुई है। शासन से नियुक्ति होने तक सीएमओ को पत्र लिखकर एमएमजी अस्पताल से एक रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही जांच शुरू कराई जाए।
डॉ. संगीता गोयल, सीएमएस
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सीटी स्कैन मशीन खराब होने की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। जिन मरीजों के सिटी स्कैन जांच की जरूरत होती है उन्हें संयुक्त अस्पताल भेजा जाता है।। थायराइड जांच के लिए रिजेंट मंगाया गया है, शुक्रवार से जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ. अनुराग भार्गव, सीएमएस
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महिला अस्पताल की सीएमएस का पत्र आया है। शासन से वार्ता हो चुकी है। जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो जाएगी। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस से वार्ता की जाएगी, अगर वह तैयार होते हैं तो एक रेडियोलॉजिस्ट को अस्पताल में समायोजित किया जाएगा।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल में सीटी स्कैन मशीन खराब होने, थायराइड जांच का रिजेंट और टीबी अस्पताल में एक्स-रे फिल्म समाप्त होने से जांच बंद हो गई है। महिला अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के तबादला होने के बाद महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने में परेशानी हो रही है। मरीजों को जांच कराने के लिए प्राइवेट लैब में महंगी फीस देनी पड़ रही है।
एमएमजी अस्पताल में सीटी स्कैन-थायराइड जांच बंद
एमएमजी अस्पताल में रिजेंट समाप्त होने से थायराइड की जांच एक सप्ताह से बंद है। सिटी स्कैन मशीन खराब होने से मरीजों को जांच कराने के लिए बाहर जाना पड़ता है। सितंबर 2020 से मशीन की ट्यूब खराब है। मशीन के टेक्नीशियन ने बताया कि 35 लाख रुपये की नई ट्यूब लगेगी। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मशीन बहुत पुरानी हो चुकी है। इस समय 60 से 70 स्लाइस की सिटी स्कैन मशीन चल रही है, जबकि अस्पताल में लगी मशीन सिर्फ एक स्लाइस की है। इसलिए अब इसे बनवाने का कोई औचित्य नहीं है। शासन से स्वीकृति होगी तो नई मशीन लगेगी।
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30 जुलाई से अल्ट्रासाउंड जांच बंद
महिला अस्पताल में कार्यरत रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अशोक कुमार का तबादला बुलंदशहर होने के बाद से अल्ट्रासाउंड बंद हैं। वह 30 जुलाई को रिलीव हो गए। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाली 30 से 40 गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच कराने की सलाह डॉक्टर देती हैं। अस्पताल में जांच बंद होने से महिलाओं को बाहर पांच सौ रुपये से लेकर सात सौ रुपये खर्च कर जांच करानी पड़ रही है। एमएमजी अस्पताल में जांच के लिए सात से दस दिन का समय दिया जा रहा है।
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क्षय रोग केंद्र पर एक महीने से एक्स-रे जांच बंद
जिला क्षय रोग केंद्र में पिछले एक महीने से टीबी की जांच बंद है। अस्पताल में प्रतिदिन 60-70 मरीज इलाज और जांच के लिए आते हैं। इनमें पंद्रह से बीस मरीजों को एक्स-रे जांच की जरूरत पड़ती है, लेकिन एक्स-रे फिल्म न होने से जांच बंद है। जांच कराने के लिए आने वाले मरीजों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। जनवरी में नई एक्स-रे मशीन लगाई गई थी। आठ महीने में अब तक तीन बार फिल्म न मिलने से जांच बंद हो चुकी है। जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. आरके यादव का कहना है कि टीबी जांच के लिए एक्स-रे फिल्म केंद्र स्तर से आपूर्ति होती है। पत्र लिखा जा चुका है। जल्द ही एक्स-रे फिल्म आ जाएगी।
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अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट के ट्रांसफर होने से परेशानी हुई है। शासन से नियुक्ति होने तक सीएमओ को पत्र लिखकर एमएमजी अस्पताल से एक रेडियोलॉजिस्ट की मांग की गई है। प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही जांच शुरू कराई जाए।
डॉ. संगीता गोयल, सीएमएस
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सीटी स्कैन मशीन खराब होने की रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। जिन मरीजों के सिटी स्कैन जांच की जरूरत होती है उन्हें संयुक्त अस्पताल भेजा जाता है।। थायराइड जांच के लिए रिजेंट मंगाया गया है, शुक्रवार से जांच शुरू हो जाएगी।
डॉ. अनुराग भार्गव, सीएमएस
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महिला अस्पताल की सीएमएस का पत्र आया है। शासन से वार्ता हो चुकी है। जल्द ही रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति हो जाएगी। एमएमजी अस्पताल के सीएमएस से वार्ता की जाएगी, अगर वह तैयार होते हैं तो एक रेडियोलॉजिस्ट को अस्पताल में समायोजित किया जाएगा।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ