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केंद्रीय मंत्री और जिलाधिकारी का करीबी बताकर 27 लोगों से दो करोड़ ठगे
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केंद्रीय मंत्री और जिलाधिकारी का करीबी बताकर 27 लोगों से दो करोड़ ठगे
गाजियाबाद। विजयनगर के निवासी ललित केन ने खुद को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और गाजियाबाद के डीएम रहे अजय शंकर पांडेय ( वर्तमान में झांसी के मंडलायुक्त) का करीबी बताकर 27 लोगों से लगभग दो करोड़ रुपये ठग लिए। वह सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम लेता है और फिर उसे हड़प लेता है। ठगी के शिकार लोगों में से छह ने उसके खिलाफ यह आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया, ललित खुद को हापुड़ का ब्लॉक प्रमुख बताता है। उसके साथ हमेशा चार-पांच लोग रहते हैं। वे झांसा देते हैं कि वह कई लोगों की सरकारी नौकरी लगवा चुका है। मंत्री और अधिकारी उसकी सिफारिश मानते हैं। झांसे में आने वाले लोगों में से किसी के सामने वह खुद को राजनाथ सिंह और किसी के सामने अजय शंकर पांडेय का रिश्तेदार बताता है। नौकरी के अलावा शस्त्र लाइसेंस बनवाने के नाम पर भी उसने रकम ऐंठी। उसने हाईकोर्ट में लिपिक, दिल्ली पुलिस में सिपाही, आरपीएफ में दरोगा, कॉलेज में लाइब्रेरियन की नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी की। गिरोह में सात लोग हैं। इनमें ललित का बेटा भरत भी शामिल है।
केस-1 दरोगा की नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख ठगे
विजयनगर के क्रिश्चियन नगर बागू निवासी नावेश से 2019 में आठ लाख ठगे। ललित ने खुद को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का करीबी बताया था। नावेश का कहना है कि ललित ने झांसा दिया था कि दरोगा के लिए चयनित लोगों की लिस्ट में उसका नाम जुड़वा दिया गया है। जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा।
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केस- 2 : सात लाख लेकर थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
विजयनगर बागू निवासी रामकिशन ने बताया कि ललित केन ने खुद को हापुड़ का ब्लॉक प्रमुख बताते हुए कई मंत्रियों से अपनी जान-पहचान बताई। उनके बेटे अमित की हापुड़ के एक कॉलेज में लाइब्रेरियन की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख हड़प लिए। बेटे को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। वह कॉलेज पहुंचा तो ठगी का पता चला।
केस-3 : लिपिक की नौकरी दिलाने का दिया झांसा
बागपत के पखरपुर निवासी दीपक को इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिपिक की नौकरी लगवाने की बात कही और इसकी एवज में जनवरी 2018 में 8 लाख रुपये ठग लिए। दीपक का आरोप है कि पिछले माह उसके घर जाने पर रकम मांगी तो ललित केन और उसके बेटे भरत ने पिस्टल दिखाकर हत्या की धमकी दी।
केस-4 : पिस्टल का लाइसेंस बनवाने के नाम पर ठगी
सिद्धार्थ विहार बागू निवासी प्रदीप से पिस्टल का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ढाई लाख रुपये ठग लिए। उससे कहा था कि तत्कालीन डीएम अजय शंकर पांडेय से उसकी जान-पहचान है। डीएम का ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने ललित को टोका तो वह टरकाने लगा।
केस पांच : जमीन बेचकर पुलिस की नौकरी के लिए दिए दस लाख
हापुड़ के गांव हाफिजपुर निवासी रचना सागर का कहना है कि ललित केन और उसके भाई सुनील ने उनके भाई संदीप की नौकरी दिल्ली पुलिस में लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठग लिए। जमीन बेचकर व कर्ज लेकर उन्होंने रुपये दिए। तगादा करने पर सिर्फ 3 लाख रुपये वापस किए। बाकी रकम मांगने पर ललित और उसके भाई ने हत्या कर शव नाले में फेंकने की धमकी दी।
केस-6: खुद को ब्लॉक प्रमुख बता उधार लिए सात लाख, लौटाने से किया इनकार
सिद्धार्थ विहार बागू निवासी मान सिंह का कहना है कि ललित केन ने खुद को हापुड़ का ब्लॉक प्रमुख बताया था। एक दिन कहा कि उसके खाते में 7.65 करोड़ रुपये जमा हैं, लेकिन चुनाव के चलते सरकार ने खाता सीज कर दिया है। मान सिंह का आरोप है कि ललित ने मकान बनाने और मां के इलाज का हवाला देकर उनसे साढ़े 7 लाख रुपये हड़प लिए।
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गाजियाबाद। विजयनगर के निवासी ललित केन ने खुद को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और गाजियाबाद के डीएम रहे अजय शंकर पांडेय ( वर्तमान में झांसी के मंडलायुक्त) का करीबी बताकर 27 लोगों से लगभग दो करोड़ रुपये ठग लिए। वह सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम लेता है और फिर उसे हड़प लेता है। ठगी के शिकार लोगों में से छह ने उसके खिलाफ यह आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस अब उसकी तलाश कर रही है।
पीड़ितों ने पुलिस को बताया, ललित खुद को हापुड़ का ब्लॉक प्रमुख बताता है। उसके साथ हमेशा चार-पांच लोग रहते हैं। वे झांसा देते हैं कि वह कई लोगों की सरकारी नौकरी लगवा चुका है। मंत्री और अधिकारी उसकी सिफारिश मानते हैं। झांसे में आने वाले लोगों में से किसी के सामने वह खुद को राजनाथ सिंह और किसी के सामने अजय शंकर पांडेय का रिश्तेदार बताता है। नौकरी के अलावा शस्त्र लाइसेंस बनवाने के नाम पर भी उसने रकम ऐंठी। उसने हाईकोर्ट में लिपिक, दिल्ली पुलिस में सिपाही, आरपीएफ में दरोगा, कॉलेज में लाइब्रेरियन की नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी की। गिरोह में सात लोग हैं। इनमें ललित का बेटा भरत भी शामिल है।
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केस-1 दरोगा की नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख ठगे
विजयनगर के क्रिश्चियन नगर बागू निवासी नावेश से 2019 में आठ लाख ठगे। ललित ने खुद को केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह का करीबी बताया था। नावेश का कहना है कि ललित ने झांसा दिया था कि दरोगा के लिए चयनित लोगों की लिस्ट में उसका नाम जुड़वा दिया गया है। जल्द ही ज्वाइनिंग लेटर मिल जाएगा।
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केस- 2 : सात लाख लेकर थमा दिया फर्जी नियुक्ति पत्र
विजयनगर बागू निवासी रामकिशन ने बताया कि ललित केन ने खुद को हापुड़ का ब्लॉक प्रमुख बताते हुए कई मंत्रियों से अपनी जान-पहचान बताई। उनके बेटे अमित की हापुड़ के एक कॉलेज में लाइब्रेरियन की नौकरी लगवाने के नाम पर सात लाख हड़प लिए। बेटे को फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। वह कॉलेज पहुंचा तो ठगी का पता चला।
केस-3 : लिपिक की नौकरी दिलाने का दिया झांसा
बागपत के पखरपुर निवासी दीपक को इलाहाबाद हाईकोर्ट में लिपिक की नौकरी लगवाने की बात कही और इसकी एवज में जनवरी 2018 में 8 लाख रुपये ठग लिए। दीपक का आरोप है कि पिछले माह उसके घर जाने पर रकम मांगी तो ललित केन और उसके बेटे भरत ने पिस्टल दिखाकर हत्या की धमकी दी।
केस-4 : पिस्टल का लाइसेंस बनवाने के नाम पर ठगी
सिद्धार्थ विहार बागू निवासी प्रदीप से पिस्टल का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ढाई लाख रुपये ठग लिए। उससे कहा था कि तत्कालीन डीएम अजय शंकर पांडेय से उसकी जान-पहचान है। डीएम का ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने ललित को टोका तो वह टरकाने लगा।
केस पांच : जमीन बेचकर पुलिस की नौकरी के लिए दिए दस लाख
हापुड़ के गांव हाफिजपुर निवासी रचना सागर का कहना है कि ललित केन और उसके भाई सुनील ने उनके भाई संदीप की नौकरी दिल्ली पुलिस में लगवाने का झांसा देकर 10 लाख रुपये ठग लिए। जमीन बेचकर व कर्ज लेकर उन्होंने रुपये दिए। तगादा करने पर सिर्फ 3 लाख रुपये वापस किए। बाकी रकम मांगने पर ललित और उसके भाई ने हत्या कर शव नाले में फेंकने की धमकी दी।
केस-6: खुद को ब्लॉक प्रमुख बता उधार लिए सात लाख, लौटाने से किया इनकार
सिद्धार्थ विहार बागू निवासी मान सिंह का कहना है कि ललित केन ने खुद को हापुड़ का ब्लॉक प्रमुख बताया था। एक दिन कहा कि उसके खाते में 7.65 करोड़ रुपये जमा हैं, लेकिन चुनाव के चलते सरकार ने खाता सीज कर दिया है। मान सिंह का आरोप है कि ललित ने मकान बनाने और मां के इलाज का हवाला देकर उनसे साढ़े 7 लाख रुपये हड़प लिए।