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टावर लगवाने के नाम पर ठगने वाला गैंग बेनकाब, दो गिरफ्तार
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टावर लगवाने के नाम पर ठगने वाला गिरोह बेनकाब
गाजियाबाद। मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर दर्जनों लोगों से लाखों ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नगर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस सेल ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान थाना निवाड़ी के गांव सौंदा निवासी रवि तथा थाना कोतवाली हरिद्वार के मंशादेवी रोड ब्रह्मपुरी निवासी रजत के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने उनके मोबाइल व बाइक बरामद की है। नगर कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी फर्जी कॉल सेंटर के जरिये लोगों को झांसे में लेते थे।
नगर कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि रमतेराम रोड स्थित प्रेमपुरी निवासी अमरेन्द्र कुमार सिंह ने 22 दिसंबर 2020 को केस दर्ज कराया था। उनका कहना है कि उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई और मोबाइल टावर लगवाने का झांसा दिया। मुनाफेकी बात जानकर वह टावर लगवाने के लिए तैयार हो गए। अमरेंद्र कुमार सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर उनसे 3.88 लाख रुपये ठग लिए। काफी समय बाद भी टावर न लगने पर उन्होंने आरोपियों के नंबर मिलाए तो वह बंद मिले। नगर कोतवाल का कहना है कि सर्विलांस सेल की मदद से गैंग को ट्रेस कर रवि और रजत को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
लाखों रुपये एडवांस, मोटा किराया और नौकरी का देते था झांसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को फंसाने के लिए फर्जी कॉल सेंटर से कॉल करते थे। झांसे में लेने के लिए वह हर महीने मोटा किराया, लाखों रुपये एडवांस और टावर पर एक व्यक्ति की नौकरी लगने की बात कहते थे। प्रोसेसिंग फीस व अन्य तरीकों से एडवांस रकम लेकर लोगों के साथ ठगी करते थे। लोगों को कॉल करने के लिए आरोपी फर्जी आईडी पर लिए सिम का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें रकम ट्रांसफर कराते थे। इसके बदले में खाताधारकों को पांच से 10 हजार रुपये देते थे। गिरोह ने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है।
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गाजियाबाद। मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर दर्जनों लोगों से लाखों ठगने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए नगर कोतवाली पुलिस और सर्विलांस सेल ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान थाना निवाड़ी के गांव सौंदा निवासी रवि तथा थाना कोतवाली हरिद्वार के मंशादेवी रोड ब्रह्मपुरी निवासी रजत के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने उनके मोबाइल व बाइक बरामद की है। नगर कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी फर्जी कॉल सेंटर के जरिये लोगों को झांसे में लेते थे।
नगर कोतवाल संदीप सिंह ने बताया कि रमतेराम रोड स्थित प्रेमपुरी निवासी अमरेन्द्र कुमार सिंह ने 22 दिसंबर 2020 को केस दर्ज कराया था। उनका कहना है कि उनके पास अज्ञात नंबर से कॉल आई और मोबाइल टावर लगवाने का झांसा दिया। मुनाफेकी बात जानकर वह टावर लगवाने के लिए तैयार हो गए। अमरेंद्र कुमार सिंह का आरोप है कि आरोपियों ने मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर उनसे 3.88 लाख रुपये ठग लिए। काफी समय बाद भी टावर न लगने पर उन्होंने आरोपियों के नंबर मिलाए तो वह बंद मिले। नगर कोतवाल का कहना है कि सर्विलांस सेल की मदद से गैंग को ट्रेस कर रवि और रजत को गिरफ्तार कर लिया गया। जबकि गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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लाखों रुपये एडवांस, मोटा किराया और नौकरी का देते था झांसा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को फंसाने के लिए फर्जी कॉल सेंटर से कॉल करते थे। झांसे में लेने के लिए वह हर महीने मोटा किराया, लाखों रुपये एडवांस और टावर पर एक व्यक्ति की नौकरी लगने की बात कहते थे। प्रोसेसिंग फीस व अन्य तरीकों से एडवांस रकम लेकर लोगों के साथ ठगी करते थे। लोगों को कॉल करने के लिए आरोपी फर्जी आईडी पर लिए सिम का इस्तेमाल करते थे। इसके अलावा बैंक खाते किराए पर लेकर उनमें रकम ट्रांसफर कराते थे। इसके बदले में खाताधारकों को पांच से 10 हजार रुपये देते थे। गिरोह ने दर्जनों लोगों से लाखों रुपये की ठगी की है।
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