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तगादा करने पर की थी ज्वेलर की गोली मारकर हत्या, केस दर्ज
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तगादा करने पर की थी ज्वेलर की गोली मारकर हत्या, केस दर्ज
गाजियाबाद। नगर कोतवाली क्षेत्र के चौपला बाजार में ज्वेलर संजीव वर्मा की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस ने रिवॉल्वर धारक ज्वेलर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ज्वेलर पर मृतक ज्वेलर की लाखों की देनदारी थी। तगादा करने पर उसने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, घटना के बाद आरोपी ज्वेलर की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मौके से खोखा कारतूस, जिंदा कारतूस व रिवाल्वर बरामद कर ली है।
मृतक संजीव वर्मा के भतीजे गौरांग वर्मा निवासी छत्ता मोहल्ला दिल्ली गेट का कहना है कि उनके चाचा संजीव वर्मा सराफा का कार्य करते थे। चौपला बाजार निवासी ज्वेलर सुनील कुमार के साथ उनका व्यापारिक लेनदेन था। बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे वह अपने चाचा संजीव वर्मा के साथ सुनील कुमार के पास तगादा करने गए थे। आरोप है कि सुनील कुमार उनके चाचा को अपने भतीजे की ज्वेलरी शॉप पर ले गए। गौरांग का कहना है कि वह दुकान के बाहर खड़े रहे और चाचा व सुनील कुमार अंदर चले गए। थोड़ी देर में गोली चलने की आवाज आई। वह भागकर अंदर पहुंचे तो सुनील कुमार के हाथ में रिवाल्वर थी, जबकि उनके चाचा संजीव वर्मा कनपटी पर गोली लगने से नीचे गिर चुके थे। घटना के बाद सुनील कुमार रिवाल्वर छोड़कर मौके से फरार हो गए।
खुद की डाली गोली ही बन गई मौत की वजह
घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस के मुताबिक सुनील की रिवाल्वर में गोली फंस गई थी। उसे सुनील के भतीजे ने निकाल दिया और दोनों गोली व रिवाल्वर थमाकर चला गया। इसके बाद सुनील कुमार ने संजीव वर्मा से ही रिवाल्वर में गोली डलवाई। रिवाल्वर लोड कर संजीव वर्मा ने सुनील कुमार को दे दी। इसके बाद सुनील कुमार ने कनपटी से सटाकर संजीव को गोली मार दी।
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पुलिस को मिली थी डबल मर्डर की सूचना
संजीव के गोली लगकर ढेर होते ही सुनील कुमार भी फर्श पर गिर पड़े। किसी राहगीर ने पास में ही खड़ी पुलिस को डबल मर्डर की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो तब तक सुनील कुमार वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस ने दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर कब्जे में ले ली।
जब लाइसेंस नहीं तो क्यों खरीदेंगे रिवाल्वर
लोगों में चर्चा थी कि सुनील कुमार ने रिवाल्वर बेचने के लिए संजीव वर्मा को बुलाया था। वहीं, मृतक के चचेरे भाई विनय वर्मा का कहना है कि संजीव वर्मा पर शस्त्र लाइसेंस नहीं था। ऐसे में वो रिवाल्वर भला क्यों खरीदेंगे। इसके अलावा रिवाल्वर खरीदने-बेचने की बात गन शॉप पर होती है, किसी ज्वेलरी शॉप पर नहीं। भतीजे गौरांग का कहना है कि पूरी प्लानिंग के साथ उनके चाचा की हत्या की गई है।
डायरी से पता करेंगे कितना था लेन-देन
संजीव वर्मा के परिजनों का कहना है कि आरोपी सुनील कुमार पर लाखों रुपये की देनदारी है। संजीव वर्मा डायरी में लेन-देन का हिसाब लिखते थे। डायरी देखकर पता करेंगे कि सुनील पर कितनी देनदारी थी। जानकारी लगने पर पुलिस को भी सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
दो परिवार की जिम्मेदारी थी संजीव पर
परिजनों का कहना है कि संजीव वर्मा के परिवार में पत्नी, दो बेटी व एक बेटा है। बेटी साक्षी 10वीं, दिव्यांशी 7वीं व बेटा राघव 5वीं में पढ़ता है। वहीं, बड़े भाई मोटापे व भाभी को कैंसर की बीमारी है। लिहाजा दोनों परिवारों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। उनकी हत्या के बाद दो परिवार केसामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ज्वेलर की गिरफ्तारी करने से बच रही पुलिस
घटना के बाद आरोपी ज्वेलर सुनील कुमार का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहीं, पुलिस अभी उसे गिरफ्तार करने से बच रही है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर द्वारा फिट घोषित करने पर ही पुलिस उसे गिरफ्तार करेगी। नगर कोतवाल सत्येंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि मृतक के भतीजे गौरांग की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आला कत्ल बरामद कर लिया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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गाजियाबाद। नगर कोतवाली क्षेत्र के चौपला बाजार में ज्वेलर संजीव वर्मा की गोली लगने से मौत के मामले में पुलिस ने रिवॉल्वर धारक ज्वेलर के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। परिजनों का आरोप है कि आरोपी ज्वेलर पर मृतक ज्वेलर की लाखों की देनदारी थी। तगादा करने पर उसने लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारकर हत्या कर दी। वहीं, घटना के बाद आरोपी ज्वेलर की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद परिजनों ने उसे एमएमजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मौके से खोखा कारतूस, जिंदा कारतूस व रिवाल्वर बरामद कर ली है।
मृतक संजीव वर्मा के भतीजे गौरांग वर्मा निवासी छत्ता मोहल्ला दिल्ली गेट का कहना है कि उनके चाचा संजीव वर्मा सराफा का कार्य करते थे। चौपला बाजार निवासी ज्वेलर सुनील कुमार के साथ उनका व्यापारिक लेनदेन था। बृहस्पतिवार शाम करीब 6 बजे वह अपने चाचा संजीव वर्मा के साथ सुनील कुमार के पास तगादा करने गए थे। आरोप है कि सुनील कुमार उनके चाचा को अपने भतीजे की ज्वेलरी शॉप पर ले गए। गौरांग का कहना है कि वह दुकान के बाहर खड़े रहे और चाचा व सुनील कुमार अंदर चले गए। थोड़ी देर में गोली चलने की आवाज आई। वह भागकर अंदर पहुंचे तो सुनील कुमार के हाथ में रिवाल्वर थी, जबकि उनके चाचा संजीव वर्मा कनपटी पर गोली लगने से नीचे गिर चुके थे। घटना के बाद सुनील कुमार रिवाल्वर छोड़कर मौके से फरार हो गए।
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खुद की डाली गोली ही बन गई मौत की वजह
घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस के मुताबिक सुनील की रिवाल्वर में गोली फंस गई थी। उसे सुनील के भतीजे ने निकाल दिया और दोनों गोली व रिवाल्वर थमाकर चला गया। इसके बाद सुनील कुमार ने संजीव वर्मा से ही रिवाल्वर में गोली डलवाई। रिवाल्वर लोड कर संजीव वर्मा ने सुनील कुमार को दे दी। इसके बाद सुनील कुमार ने कनपटी से सटाकर संजीव को गोली मार दी।
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पुलिस को मिली थी डबल मर्डर की सूचना
संजीव के गोली लगकर ढेर होते ही सुनील कुमार भी फर्श पर गिर पड़े। किसी राहगीर ने पास में ही खड़ी पुलिस को डबल मर्डर की सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची तो तब तक सुनील कुमार वहां से फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस ने दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर कब्जे में ले ली।
जब लाइसेंस नहीं तो क्यों खरीदेंगे रिवाल्वर
लोगों में चर्चा थी कि सुनील कुमार ने रिवाल्वर बेचने के लिए संजीव वर्मा को बुलाया था। वहीं, मृतक के चचेरे भाई विनय वर्मा का कहना है कि संजीव वर्मा पर शस्त्र लाइसेंस नहीं था। ऐसे में वो रिवाल्वर भला क्यों खरीदेंगे। इसके अलावा रिवाल्वर खरीदने-बेचने की बात गन शॉप पर होती है, किसी ज्वेलरी शॉप पर नहीं। भतीजे गौरांग का कहना है कि पूरी प्लानिंग के साथ उनके चाचा की हत्या की गई है।
डायरी से पता करेंगे कितना था लेन-देन
संजीव वर्मा के परिजनों का कहना है कि आरोपी सुनील कुमार पर लाखों रुपये की देनदारी है। संजीव वर्मा डायरी में लेन-देन का हिसाब लिखते थे। डायरी देखकर पता करेंगे कि सुनील पर कितनी देनदारी थी। जानकारी लगने पर पुलिस को भी सूचना उपलब्ध कराई जाएगी।
दो परिवार की जिम्मेदारी थी संजीव पर
परिजनों का कहना है कि संजीव वर्मा के परिवार में पत्नी, दो बेटी व एक बेटा है। बेटी साक्षी 10वीं, दिव्यांशी 7वीं व बेटा राघव 5वीं में पढ़ता है। वहीं, बड़े भाई मोटापे व भाभी को कैंसर की बीमारी है। लिहाजा दोनों परिवारों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी थी। उनकी हत्या के बाद दो परिवार केसामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ज्वेलर की गिरफ्तारी करने से बच रही पुलिस
घटना के बाद आरोपी ज्वेलर सुनील कुमार का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया। तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने अस्पताल में भर्ती करा दिया। वहीं, पुलिस अभी उसे गिरफ्तार करने से बच रही है। बताया जा रहा है कि डॉक्टर द्वारा फिट घोषित करने पर ही पुलिस उसे गिरफ्तार करेगी। नगर कोतवाल सत्येंद्र प्रकाश सिंह का कहना है कि मृतक के भतीजे गौरांग की तहरीर पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर आला कत्ल बरामद कर लिया है। आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।