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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में नहीं निगेटिव ग्रुप का खून
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में बचा सिर्फ 40 यूनिट रक्त
गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण काल में लोग रक्तदान करने से डर रहे हैं। इस का परिणाम यह है कि जिला अस्पताल में सिर्फ 40 यूनिट रक्त ही शेष है। जबकि इसकी क्षमता 1250 यूनिट रक्त की है।
संक्रमण बढ़ने के बाद जिले में करीब दो महीने से एक भी रक्तदान शिविर नहीं लगाया गया। परिणामस्वरूप अब भर्ती मरीजों के लिए रक्त की किल्लत होगी। इस संक्रमण काल में भी प्रतिदिन 12 से 15 यूनिट खून की जरूरत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय और हादसे में घायलों को पड़ रही है।
एक मई से 18 से 44 साल तक के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। ब्लड बैंक पहुंचने वाले रक्तदाताओं में इसी आयु वर्ग के लोगों की संख्या भी अधिक होती है। रक्तदाताओं के मन में कोरोना काल का डर बैठ गया है। ऐसे में खून देने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं।
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रक्तदान करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
रक्तदान महादान है। कोरोना काल में तमाम सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए रक्तदान किया जा सकता है। रक्तदान के कई फायदे भी हैं। यह शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। सेहतमंद रखता है। रक्तदान से हृदयाघात की आशंका भी कम होती है।
इसलिए जरूरी रक्तदान
अभी सामान्य सर्जरी पर रोक लगी है, लेकिन कोरोना संक्रमितों सहित थैलेसिमिया, कैंसर, गर्भवती, सड़क दुर्घटना आदि मामलों में खून की तत्काल जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक में रखा ब्लड 35 दिन बाद एक्सपायर हो जाता है। हालांकि जिला अस्पताल में अभी तक ऐसी स्थिति नहीं बनी है।
हर माह इतनी ब्लड की जरूरत
प्रसव के दौरान - 300 से 350 यूनिट
सामान्य ऑपरेशन व किसी हादसे में घायल - 150 से 200
एनीमिया के मरीज - 300 से 350 यूनिट
थैलेसिमिया मरीज - 80 से 100 यूनिट
-----------------
ब्लड बैंक में मौजूद रक्त की स्थिति
ए पॉजिटिव - 7 यूनिट
ए निगेटिव- 0 यूनिट
बी पॉजिटिव - 19 यूनिट
बी निगेटिव - 0 यूनिट
एबी पॉजिटिव - 09 यूनिट
एबी निगेटिव - 00 यूनिट
ओ पॉजिटिव - 05 यूनिट
ओ निगेटिव - 0 यूनिट
----------
- ब्लड बैंक में रक्त स्टोरेज की क्षमता - 1250 यूनिट
- मौजूद समय में खून की कमी से दो बड़े रेफ्रिजरेटर बंद
- 350 यूनिट क्षमता का रेफ्रिजरेटर संचालित
- मौजूदा ब्लड - 40 यूनिट
- निगेटिव ग्रुप का ब्लड - 00
--------------
ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप का एक भी यूनिट खून नहीं है। कई बार बड़ी परेशानी होती है जब प्रसव के दौरान महिलाओं को खून की जरूरत पड़ती है और उनका ब्लड ग्रुप निगेटिव होता है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - डॉ. एके सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी
---------
संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर 18 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग के लोगों को टीकाकरण हो रहा है। कोविड संक्रमण काल में भी सुरक्षित रह कर रक्तदान किया जा सकता है। कोरोना टीकाकरण के पहले या दोनों डोज लेने के 14 दिनों बाद रक्तदान कर सकते हैं। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
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कोरोना का संक्रमण अब बहुत कम हो गयां है इसलिए बिना डरे रक्तदान के लिए आगे आएं। युवाओं और स्वयं सेवी संस्थाओं से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करें और दूसरों का जीवन बचाएं। - अजय शंकर पांडेय जिलाधिकारी
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गाजियाबाद। कोरोना संक्रमण काल में लोग रक्तदान करने से डर रहे हैं। इस का परिणाम यह है कि जिला अस्पताल में सिर्फ 40 यूनिट रक्त ही शेष है। जबकि इसकी क्षमता 1250 यूनिट रक्त की है।
संक्रमण बढ़ने के बाद जिले में करीब दो महीने से एक भी रक्तदान शिविर नहीं लगाया गया। परिणामस्वरूप अब भर्ती मरीजों के लिए रक्त की किल्लत होगी। इस संक्रमण काल में भी प्रतिदिन 12 से 15 यूनिट खून की जरूरत गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय और हादसे में घायलों को पड़ रही है।
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एक मई से 18 से 44 साल तक के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। ब्लड बैंक पहुंचने वाले रक्तदाताओं में इसी आयु वर्ग के लोगों की संख्या भी अधिक होती है। रक्तदाताओं के मन में कोरोना काल का डर बैठ गया है। ऐसे में खून देने के लिए लोग नहीं आ रहे हैं।
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रक्तदान करना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक
रक्तदान महादान है। कोरोना काल में तमाम सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए रक्तदान किया जा सकता है। रक्तदान के कई फायदे भी हैं। यह शरीर में नई रक्त कोशिकाओं का निर्माण करता है। सेहतमंद रखता है। रक्तदान से हृदयाघात की आशंका भी कम होती है।
इसलिए जरूरी रक्तदान
अभी सामान्य सर्जरी पर रोक लगी है, लेकिन कोरोना संक्रमितों सहित थैलेसिमिया, कैंसर, गर्भवती, सड़क दुर्घटना आदि मामलों में खून की तत्काल जरूरत पड़ती है। ब्लड बैंक में रखा ब्लड 35 दिन बाद एक्सपायर हो जाता है। हालांकि जिला अस्पताल में अभी तक ऐसी स्थिति नहीं बनी है।
हर माह इतनी ब्लड की जरूरत
प्रसव के दौरान - 300 से 350 यूनिट
सामान्य ऑपरेशन व किसी हादसे में घायल - 150 से 200
एनीमिया के मरीज - 300 से 350 यूनिट
थैलेसिमिया मरीज - 80 से 100 यूनिट
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ब्लड बैंक में मौजूद रक्त की स्थिति
ए पॉजिटिव - 7 यूनिट
ए निगेटिव- 0 यूनिट
बी पॉजिटिव - 19 यूनिट
बी निगेटिव - 0 यूनिट
एबी पॉजिटिव - 09 यूनिट
एबी निगेटिव - 00 यूनिट
ओ पॉजिटिव - 05 यूनिट
ओ निगेटिव - 0 यूनिट
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- ब्लड बैंक में रक्त स्टोरेज की क्षमता - 1250 यूनिट
- मौजूद समय में खून की कमी से दो बड़े रेफ्रिजरेटर बंद
- 350 यूनिट क्षमता का रेफ्रिजरेटर संचालित
- मौजूदा ब्लड - 40 यूनिट
- निगेटिव ग्रुप का ब्लड - 00
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ब्लड बैंक में निगेटिव ग्रुप का एक भी यूनिट खून नहीं है। कई बार बड़ी परेशानी होती है जब प्रसव के दौरान महिलाओं को खून की जरूरत पड़ती है और उनका ब्लड ग्रुप निगेटिव होता है। इसके बारे में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। - डॉ. एके सिंह, ब्लड बैंक प्रभारी
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संक्रमण की रोकथाम के लिए बड़े पैमाने पर 18 वर्ष या इससे अधिक आयुवर्ग के लोगों को टीकाकरण हो रहा है। कोविड संक्रमण काल में भी सुरक्षित रह कर रक्तदान किया जा सकता है। कोरोना टीकाकरण के पहले या दोनों डोज लेने के 14 दिनों बाद रक्तदान कर सकते हैं। - डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ
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कोरोना का संक्रमण अब बहुत कम हो गयां है इसलिए बिना डरे रक्तदान के लिए आगे आएं। युवाओं और स्वयं सेवी संस्थाओं से अपील है कि अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर रक्तदान करें और दूसरों का जीवन बचाएं। - अजय शंकर पांडेय जिलाधिकारी