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विवाहिता की हत्या में पति व ससुर को 10-10 वर्ष की सजाᅠ
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विवाहिता की हत्या में पति और ससुर को 10-10 वर्ष की सजा
गाजियाबाद। अदालत ने दहेज की मांग पूरी न होने पर फांसी लगाकर विवाहिता की हत्या करने वाले पति और ससुर को दस-दस और सास व ननद को सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर 4.80 लाख हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त धनराशि में से 75 फीसदी मृतका के पिता को दिया जाए। मंगलवार को एडीजे कोर्ट के जज राजेंद्र कुमार ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए सभी को सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कौशिक ने बताया कि हाथरस निवासी अनिल पुंडीर ने बेटी नीतू की शादी 6 दिसंबर 2013 को गाजियाबाद के कविनगर थाना (वर्तमान मधुबन-बापूधाम थाना) क्षेत्र के कूर्परीपुरम निवासी पवन के साथ की थी। शादी में मिले दहेज से पवन का परिवार संतुष्ट नहीं था। वह 10 लाख रुपये और एक प्लॉट की मांग कर रहा था। नीतू ने कई बार ससुरालियों से कहा कि वह और दहेज नहीं ला सकती। साथ ही आए दिन प्रताड़ित करने की जानकारी मायके वालों को दी। नीतू के पिता ने कई बार रिश्ता निभाने के लिए बेटी की ससुराल वालों से विनती भी की। इसके बावजूद 16 नवंबर 2014 को ससुराल वालों ने नीतू की फांसी लगाकर हत्या कर दी। मामले की सूचना पड़ोस वालों ने दी। मौके पर पहुंचे नीतू के पिता अनिल ने उसके पति पवन सिसौदिया, ससुर राजेंद्र सिसौदिया, सास माया देवी और ननद प्रियंका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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गाजियाबाद। अदालत ने दहेज की मांग पूरी न होने पर फांसी लगाकर विवाहिता की हत्या करने वाले पति और ससुर को दस-दस और सास व ननद को सात-सात साल की सजा सुनाई है। अदालत ने सभी पर 4.80 लाख हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि जुर्माने से प्राप्त धनराशि में से 75 फीसदी मृतका के पिता को दिया जाए। मंगलवार को एडीजे कोर्ट के जज राजेंद्र कुमार ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए सभी को सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुनील कौशिक ने बताया कि हाथरस निवासी अनिल पुंडीर ने बेटी नीतू की शादी 6 दिसंबर 2013 को गाजियाबाद के कविनगर थाना (वर्तमान मधुबन-बापूधाम थाना) क्षेत्र के कूर्परीपुरम निवासी पवन के साथ की थी। शादी में मिले दहेज से पवन का परिवार संतुष्ट नहीं था। वह 10 लाख रुपये और एक प्लॉट की मांग कर रहा था। नीतू ने कई बार ससुरालियों से कहा कि वह और दहेज नहीं ला सकती। साथ ही आए दिन प्रताड़ित करने की जानकारी मायके वालों को दी। नीतू के पिता ने कई बार रिश्ता निभाने के लिए बेटी की ससुराल वालों से विनती भी की। इसके बावजूद 16 नवंबर 2014 को ससुराल वालों ने नीतू की फांसी लगाकर हत्या कर दी। मामले की सूचना पड़ोस वालों ने दी। मौके पर पहुंचे नीतू के पिता अनिल ने उसके पति पवन सिसौदिया, ससुर राजेंद्र सिसौदिया, सास माया देवी और ननद प्रियंका के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर चारों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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