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कमेटी के डेढ़ लाख रुपये मांगने पर हुई थी महबूब की हत्या
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कमेटी के डेढ़ लाख रुपये मांगने पर हुई थी महबूब की हत्या
साहिबाबाद। लोनी के मेन बाजार से लापता फल आढ़ती महबूब कुरैशी (50) की हत्या मामले में शुक्रवार को टीला मोड़ थाना पुलिस ने सगे भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि कमेटी के डेढ़ लाख रुपये को लेकर महबूब बार-बार लोनी निवासी आरिफ से तकादा करता था। इससे परेशान होकर उसने दोस्त अनीश उर्फ सोनू व नदीम के साथ मिलकर हत्या की योजना तैयार की। आरोपी ने महबूब को शराब में नशीली गोलियां मिलाकर खिला दी। नशे के ओवरडोज से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो, मृतक का पर्स, डेबिट कार्ड व जूते बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फल एवं सब्जी के आढ़ती महबूब कुरेशी कमेटी डालते थे। उसमें लोनी निवासी आरिफ समेत अन्य लोग भी जुड़े थे। आरिफ ने डेढ़ लाख रुपये की पहली कमेटी उठा ली। फिर उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस पर महबूब रोजाना आरिफ के पास कमेटी के लिए तकादा करने जाता था। इससे परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई। 9 अक्तूबर को जब महबूब आरोपी आरिफ के बंथला रोड स्थित कैफे पर पैसे मांगने गया तो वहां दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस बीच आरिफ ने दोस्त नदीम और अनीश उर्फ सोनू को बुलाकर एक साथ सभी ने बैठकर शराब पी। इस बीच आरोपियों ने महबूब की शराब में नशीली गोलियां मिला दी।
सगे भाई ने ऑटो से ठिकाने लगाया आढ़ती का शव :
करीब एक महीने बाद पुलिस ने केस में दोबारा से जांच शुरू की तो उसमें आरिफ के सगे भाई नदीम का रोल भी सामने आया। थाना प्रभारी भुवनेश कुमार का कहना है कि हत्या के बाद आरिफ ने सगे भाई नदीम को बुलाया। वह ऑटो चालक है। फिर दोस्त नदीम व सोनू के साथ मिलकर शव ऑटो में रखवा कर चारों ने आढ़ती की बॉडी को बंथला नहर रोड पर किनारे फेंक दिया। इतना ही नहीं, हत्या का केस पलटने के लिए आरोपियों ने आढ़ती महबूब की शर्ट उतारकर उसकी पेंट खोलकर झाड़ियों में डाल दिया। घटना के बाद आरोपी मृतक महबूब का पर्स, डेबिट कार्ड व जूते लेकर फरार हो गए।
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बिसरा रिजर्व में हुआ ओवरडोज का खुलासा :
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आढ़ती महबूब कुरैशी की मौत का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने बिसरा रिजर्व कर उसे जांच के लिए भेज दिया। उसमें शराब के साथ नशीली गोलियों के ओवरडोज से हत्या का कारण स्पष्ट हुआ। टीला मोड़ पुलिस को महबूब के भाई आबिद कुरैशी ने तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। जिस पर पुलिस अलर्ट होकर जांच में जुटी और घटना का खुलासा हो गया। बता दें कि 9 अक्तूबर को परिजनों ने टीला मोड़ थाने में आढ़ती के गुमशुदा होने की शिकायत दी थी। 10 अक्तूबर को शव मिलने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। शुरुआत में छह लाख रुपये के विवाद का मामला सामने आया था।
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साहिबाबाद। लोनी के मेन बाजार से लापता फल आढ़ती महबूब कुरैशी (50) की हत्या मामले में शुक्रवार को टीला मोड़ थाना पुलिस ने सगे भाई समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता चला कि कमेटी के डेढ़ लाख रुपये को लेकर महबूब बार-बार लोनी निवासी आरिफ से तकादा करता था। इससे परेशान होकर उसने दोस्त अनीश उर्फ सोनू व नदीम के साथ मिलकर हत्या की योजना तैयार की। आरोपी ने महबूब को शराब में नशीली गोलियां मिलाकर खिला दी। नशे के ओवरडोज से उसकी मौत हो गई। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त ऑटो, मृतक का पर्स, डेबिट कार्ड व जूते बरामद किए हैं।
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि फल एवं सब्जी के आढ़ती महबूब कुरेशी कमेटी डालते थे। उसमें लोनी निवासी आरिफ समेत अन्य लोग भी जुड़े थे। आरिफ ने डेढ़ लाख रुपये की पहली कमेटी उठा ली। फिर उसने पैसे देने से इनकार कर दिया। इस पर महबूब रोजाना आरिफ के पास कमेटी के लिए तकादा करने जाता था। इससे परेशान होकर उसने हत्या की योजना बनाई। 9 अक्तूबर को जब महबूब आरोपी आरिफ के बंथला रोड स्थित कैफे पर पैसे मांगने गया तो वहां दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस बीच आरिफ ने दोस्त नदीम और अनीश उर्फ सोनू को बुलाकर एक साथ सभी ने बैठकर शराब पी। इस बीच आरोपियों ने महबूब की शराब में नशीली गोलियां मिला दी।
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सगे भाई ने ऑटो से ठिकाने लगाया आढ़ती का शव :
करीब एक महीने बाद पुलिस ने केस में दोबारा से जांच शुरू की तो उसमें आरिफ के सगे भाई नदीम का रोल भी सामने आया। थाना प्रभारी भुवनेश कुमार का कहना है कि हत्या के बाद आरिफ ने सगे भाई नदीम को बुलाया। वह ऑटो चालक है। फिर दोस्त नदीम व सोनू के साथ मिलकर शव ऑटो में रखवा कर चारों ने आढ़ती की बॉडी को बंथला नहर रोड पर किनारे फेंक दिया। इतना ही नहीं, हत्या का केस पलटने के लिए आरोपियों ने आढ़ती महबूब की शर्ट उतारकर उसकी पेंट खोलकर झाड़ियों में डाल दिया। घटना के बाद आरोपी मृतक महबूब का पर्स, डेबिट कार्ड व जूते लेकर फरार हो गए।
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बिसरा रिजर्व में हुआ ओवरडोज का खुलासा :
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आढ़ती महबूब कुरैशी की मौत का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया। इसके बाद पुलिस ने बिसरा रिजर्व कर उसे जांच के लिए भेज दिया। उसमें शराब के साथ नशीली गोलियों के ओवरडोज से हत्या का कारण स्पष्ट हुआ। टीला मोड़ पुलिस को महबूब के भाई आबिद कुरैशी ने तीन आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। जिस पर पुलिस अलर्ट होकर जांच में जुटी और घटना का खुलासा हो गया। बता दें कि 9 अक्तूबर को परिजनों ने टीला मोड़ थाने में आढ़ती के गुमशुदा होने की शिकायत दी थी। 10 अक्तूबर को शव मिलने पर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। शुरुआत में छह लाख रुपये के विवाद का मामला सामने आया था।