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26 घंटे बाद रेलवे लाइन के किनारे मिला डेढ़ वर्षीय अगवा बच्चा
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26 घंटे बाद रेलवे लाइन के किनारे मिला डेढ़ वर्षीय अगवा बच्चा
साहिबाबाद। कड़कड़ मॉडल गांव से सोमवार शाम छह बजे अपहृत डेढ़ वर्षीय किट्टू को लिंकरोड पुलिस और स्थानीय लोगों ने मंगलवार रात करीब आठ बजे बृज विहार रेलवे लाइन किनारे से सकुशल बरामद कर लिया। अभी तक सीसीटीवी फुटेज में बच्चे को पांच रुपये का सिक्का देकर अपने साथ ले जाते दिखे युवक का कोई पता नहीं चला है। पुलिस यह पता करने में जुटी है कि 26 घंटे तक बच्चा कहां था और उसे अगवा करने का मकसद क्या था।
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डेढ़ वर्षीय बच्चे किट्टू उर्फ आरव के लापता होने के मामले में लिंकरोड थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। बच्चे की तलाश के लिए दो टीमें अलग-अलग तलाश कर रही थी। रात आठ बजे बृज विहार रेलवे लाइन के पास फाटक किनारे कुछ लोगों की भीड़ लगी थी। पुलिस वहां पहुंची तो एक बच्चा मिला। उसकी पहचान किट्टू निवासी कड़कड़ मॉडल के रूप में हुई। बच्चा काफी छोटा होने की वजह से कुछ बता नहीं पा रहा है। पुलिस ने बच्चे को उसे रात 8:30 बजे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उनका कहना है कि बच्चे का अपहरण हुआ था या वह कैसे रेलवे लाइन के किनारे पहुंच गया, इसकी जांच कर रहे हैं।
किसके पास था किट्टू
किट्टू के सकुशल मिलने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पिता प्रशांत, मां किरन और लिंकरोड पुलिस यह जानने में लगी हैं कि 26 घंटे तक किट्टू किसके पास था। रात में जब वह भूख से रोया होगा तो उसे पीने के लिए दूध या खाने के लिए चीज किसने दी होगी। इतना ही नहीं, बच्चे को सर्द रात में किसने अपने घर या झोपड़ी में रखा था। फिलहाल किट्टू अभी पूरी तरह से स्वस्थ है, मां की गोद से उतर नहीं रहा। मां किरन ने बताया कि वह दोपहर से लेकर शाम तक वह बेटे के इंतजार में थाने में रहीं। पुलिस टीम और परिवार के लोगों के अलावा पड़ोसी किट्टू को हर जगह तलाश कर रहे थे। फिर शाम साढ़े सात बजे उन्हें महिला पुलिसकर्मी ने घर जाने के लिए कह दिया। वह और पति प्रशांत दोनों ऑटो में बैठकर घर जा रहे थे। तभी पड़ोस की महिला का फोन आया कि किट्टू की मम्मी कहां हो, आरव मिल गया है जल्दी घर आ जाओ।
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रेलवे फाटक पर कैसे पहुंचा किट्टू
सीओ साहिबाबाद पूनम मिश्रा ने बताया कि किट्टू रेलवे फाटक के पास कैसे पहुंचा। वहां किसने उसकी देखभाल की या रात में खाने-पीने के लिए उसे क्या दिया गया। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
एटा का रहने वाला है परिवार
प्रशांत मूलरूप से एटा के जलेश्वर के रहने वाले हैं। दो साल पहले ही कड़कड़ मॉडल गांव में रहने आए थे। वह साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की निजी कंपनी में काम करते हैं। परिवार में उनकी तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा है।
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साहिबाबाद। कड़कड़ मॉडल गांव से सोमवार शाम छह बजे अपहृत डेढ़ वर्षीय किट्टू को लिंकरोड पुलिस और स्थानीय लोगों ने मंगलवार रात करीब आठ बजे बृज विहार रेलवे लाइन किनारे से सकुशल बरामद कर लिया। अभी तक सीसीटीवी फुटेज में बच्चे को पांच रुपये का सिक्का देकर अपने साथ ले जाते दिखे युवक का कोई पता नहीं चला है। पुलिस यह पता करने में जुटी है कि 26 घंटे तक बच्चा कहां था और उसे अगवा करने का मकसद क्या था।
पुलिस अधीक्षक द्वितीय ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि डेढ़ वर्षीय बच्चे किट्टू उर्फ आरव के लापता होने के मामले में लिंकरोड थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज किया था। बच्चे की तलाश के लिए दो टीमें अलग-अलग तलाश कर रही थी। रात आठ बजे बृज विहार रेलवे लाइन के पास फाटक किनारे कुछ लोगों की भीड़ लगी थी। पुलिस वहां पहुंची तो एक बच्चा मिला। उसकी पहचान किट्टू निवासी कड़कड़ मॉडल के रूप में हुई। बच्चा काफी छोटा होने की वजह से कुछ बता नहीं पा रहा है। पुलिस ने बच्चे को उसे रात 8:30 बजे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उनका कहना है कि बच्चे का अपहरण हुआ था या वह कैसे रेलवे लाइन के किनारे पहुंच गया, इसकी जांच कर रहे हैं।
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किसके पास था किट्टू
किट्टू के सकुशल मिलने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। पिता प्रशांत, मां किरन और लिंकरोड पुलिस यह जानने में लगी हैं कि 26 घंटे तक किट्टू किसके पास था। रात में जब वह भूख से रोया होगा तो उसे पीने के लिए दूध या खाने के लिए चीज किसने दी होगी। इतना ही नहीं, बच्चे को सर्द रात में किसने अपने घर या झोपड़ी में रखा था। फिलहाल किट्टू अभी पूरी तरह से स्वस्थ है, मां की गोद से उतर नहीं रहा। मां किरन ने बताया कि वह दोपहर से लेकर शाम तक वह बेटे के इंतजार में थाने में रहीं। पुलिस टीम और परिवार के लोगों के अलावा पड़ोसी किट्टू को हर जगह तलाश कर रहे थे। फिर शाम साढ़े सात बजे उन्हें महिला पुलिसकर्मी ने घर जाने के लिए कह दिया। वह और पति प्रशांत दोनों ऑटो में बैठकर घर जा रहे थे। तभी पड़ोस की महिला का फोन आया कि किट्टू की मम्मी कहां हो, आरव मिल गया है जल्दी घर आ जाओ।
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रेलवे फाटक पर कैसे पहुंचा किट्टू
सीओ साहिबाबाद पूनम मिश्रा ने बताया कि किट्टू रेलवे फाटक के पास कैसे पहुंचा। वहां किसने उसकी देखभाल की या रात में खाने-पीने के लिए उसे क्या दिया गया। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
एटा का रहने वाला है परिवार
प्रशांत मूलरूप से एटा के जलेश्वर के रहने वाले हैं। दो साल पहले ही कड़कड़ मॉडल गांव में रहने आए थे। वह साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की निजी कंपनी में काम करते हैं। परिवार में उनकी तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा है।