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ग्रैप : कागजों में दूसरा चरण... बढ़ रहा प्रदूषण
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ग्रैप : कागजों में दूसरा चरण... बढ़ रहा प्रदूषण
साहिबाबाद। ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का दूसरा चरण लागू हो गया है लेकिन एनसीआर में प्रदूषण के खराब श्रेणी से हालत जस के तस बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को लोनी स्टेशन का एक्यूआई रेड जोन में 300 रहा जबकि शहर में भी हवा की गति धीमी होने से प्रदूषण स्तर 276 पर मापा गया। लोनी में प्रदूषण खुले में जल रहे ई-वेस्ट और कूड़े से बढ़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़े में जनपद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 276 दर्ज हुआ। मंगलवार को यह 254 रिकॉर्ड हुआ था। प्रदूषण की इस बढ़ोतरी में पीएम10 मानकों से डेढ़ गुना ज्यादा हो गया। अधिकारियों का मानना है कि प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण सड़क पर खुले में पड़े कूड़े को जलाना और लगातार उड़ रही धूल है। पीसीबी की मॉनिटरिंग साइट में स्टेशन लगातार तीसरे दिन भी खराब श्रेणी में 300 पर दर्ज हुआ। यहां निर्माण स्थलों पर ग्रैप के नियमों के तहत पानी का छिड़काव, सड़कों से उड़ रही धूल को स्वीपिंग मशीन से साफ न कराना बड़ी वजह सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोनी नगर पालिका परिषद धूल-मिट्टी के कणों को रोकने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने में लापरवाही बरत रही है। आरोप यह भी है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों लोनी नगर पालिका समेत 22 विभागों के अधिकारियों को 10 इलाकों में प्रदूषण बढ़ने के मुख्य 29 कारण बता कर उनका समाधान करने के लिए कहा था। जिन पर पालिका की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा इंदिरापुरम स्टेशन दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां एक्यूआई 264 तो वसुंधरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक तीसरे नंबर पर 261 प्राप्त हुआ। इसी तरह संजय नगर स्टेशन पर भी वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब श्रेणी में 232 अंक बढ़ गई है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में सभी विभागों को लगातार पानी का छिड़काव करने और अन्य नियमों को लागू कराने के लिए कहा जा रहा है।
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साहिबाबाद। ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का दूसरा चरण लागू हो गया है लेकिन एनसीआर में प्रदूषण के खराब श्रेणी से हालत जस के तस बने हुए हैं। बृहस्पतिवार को लोनी स्टेशन का एक्यूआई रेड जोन में 300 रहा जबकि शहर में भी हवा की गति धीमी होने से प्रदूषण स्तर 276 पर मापा गया। लोनी में प्रदूषण खुले में जल रहे ई-वेस्ट और कूड़े से बढ़ रहा है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़े में जनपद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 276 दर्ज हुआ। मंगलवार को यह 254 रिकॉर्ड हुआ था। प्रदूषण की इस बढ़ोतरी में पीएम10 मानकों से डेढ़ गुना ज्यादा हो गया। अधिकारियों का मानना है कि प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण सड़क पर खुले में पड़े कूड़े को जलाना और लगातार उड़ रही धूल है। पीसीबी की मॉनिटरिंग साइट में स्टेशन लगातार तीसरे दिन भी खराब श्रेणी में 300 पर दर्ज हुआ। यहां निर्माण स्थलों पर ग्रैप के नियमों के तहत पानी का छिड़काव, सड़कों से उड़ रही धूल को स्वीपिंग मशीन से साफ न कराना बड़ी वजह सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लोनी नगर पालिका परिषद धूल-मिट्टी के कणों को रोकने के लिए सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने में लापरवाही बरत रही है। आरोप यह भी है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पिछले दिनों लोनी नगर पालिका समेत 22 विभागों के अधिकारियों को 10 इलाकों में प्रदूषण बढ़ने के मुख्य 29 कारण बता कर उनका समाधान करने के लिए कहा था। जिन पर पालिका की तरफ से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा इंदिरापुरम स्टेशन दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा प्रदूषित रहा। यहां एक्यूआई 264 तो वसुंधरा में वायु गुणवत्ता सूचकांक तीसरे नंबर पर 261 प्राप्त हुआ। इसी तरह संजय नगर स्टेशन पर भी वायु गुणवत्ता की स्थिति खराब श्रेणी में 232 अंक बढ़ गई है। पीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी उत्सव शर्मा का कहना है कि प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में सभी विभागों को लगातार पानी का छिड़काव करने और अन्य नियमों को लागू कराने के लिए कहा जा रहा है।
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