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साहिबाबाद में बनकर तैयार होगी विश्व की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा
सार
साहिबाबाद में बनकर तैयार होगी विश्व की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमासाहिबाबाद।यह भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे ऊंची राम की प्रतिमा होगी।सरयू नदी के किनारे भूमि खरीदने की प्रक्रिया चल रही है, जहां प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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विस्तार
साहिबाबाद में बनकर तैयार होगी विश्व की सबसे ऊंची भगवान राम की प्रतिमा
साहिबाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा बनकर तैयार होगी। यह भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे ऊंची राम की प्रतिमा होगी। भगवान राम की इस प्रतिमा को मशहूर मूर्तिकार पद्मभूषण रामसुतार बनाएंगे।
रामसुतार के बेटे अनिल सुतार ने बताया कि अभी टेंडर जारी होने का इंतजार किया जा रहा है, उसके बाद राम की प्रतिमा को बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूर्ति का डिजाइन साल 2018 में ही मुख्यमंत्री योगी के सामने पेश किया गया था, जो पास हो गया है। तभी से ही इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अनिल सुतार ने बताया कि भगवान राम की प्रतिमा को सरयू नदी के किनारे लगाया जाएगा और इसे बनाने में चार साल का समय लगेगा। इसमें दो हजार से ज्यादा कारीगर एक साथ काम करेंगे। प्रतिमा को बनाने में कांस्य धातु का प्रयोग किया जाएगा। सरयू नदी के किनारे भूमि खरीदने की प्रक्रिया चल रही है, जहां प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
एक महीने में बनकर तैयार हुई 14 टन की वीणा
अनिल सुतार ने बताया कि अयोध्या में नया घाट चौराहे के लता स्मृति चौक पर जो वीणा लगाई गई है, उसका निर्माण भी फैक्टरी में ही हुआ है। करीब 14 टन वजन की वीणा को बनाने में एक महीने का समय लगा है, जिसे 60 कारीगरों ने मिलकर तैयार किया।
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स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को भी कर चुके हैं तैयार
मशहूर मूर्तिकार रामसुतार को साल 2016 में पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के नाम से प्रसिद्ध सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को भी तैयार किया था। इसके साथ ही वह छत्रपति शिवाजी महाराज की 212 मीटर और बाबा साहब की 137.2 मीटर ऊंची प्रतिमा भी तैयार कर रहे हैं। वहीं कर्नाटक में बन रही भगवान शिव की प्रतिमा को भी रामसुतार ही बना रहे है, जो करीब 46.6 मीटर ऊंची होगी।
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साहिबाबाद। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में भगवान राम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा बनकर तैयार होगी। यह भारत की ही नहीं बल्कि विश्व की सबसे ऊंची राम की प्रतिमा होगी। भगवान राम की इस प्रतिमा को मशहूर मूर्तिकार पद्मभूषण रामसुतार बनाएंगे।
रामसुतार के बेटे अनिल सुतार ने बताया कि अभी टेंडर जारी होने का इंतजार किया जा रहा है, उसके बाद राम की प्रतिमा को बनाने का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मूर्ति का डिजाइन साल 2018 में ही मुख्यमंत्री योगी के सामने पेश किया गया था, जो पास हो गया है। तभी से ही इस प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। अनिल सुतार ने बताया कि भगवान राम की प्रतिमा को सरयू नदी के किनारे लगाया जाएगा और इसे बनाने में चार साल का समय लगेगा। इसमें दो हजार से ज्यादा कारीगर एक साथ काम करेंगे। प्रतिमा को बनाने में कांस्य धातु का प्रयोग किया जाएगा। सरयू नदी के किनारे भूमि खरीदने की प्रक्रिया चल रही है, जहां प्रतिमा स्थापित की जाएगी।
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एक महीने में बनकर तैयार हुई 14 टन की वीणा
अनिल सुतार ने बताया कि अयोध्या में नया घाट चौराहे के लता स्मृति चौक पर जो वीणा लगाई गई है, उसका निर्माण भी फैक्टरी में ही हुआ है। करीब 14 टन वजन की वीणा को बनाने में एक महीने का समय लगा है, जिसे 60 कारीगरों ने मिलकर तैयार किया।
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स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को भी कर चुके हैं तैयार
मशहूर मूर्तिकार रामसुतार को साल 2016 में पद्मभूषण से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी के नाम से प्रसिद्ध सरदार पटेल की 182 मीटर ऊंची प्रतिमा को भी तैयार किया था। इसके साथ ही वह छत्रपति शिवाजी महाराज की 212 मीटर और बाबा साहब की 137.2 मीटर ऊंची प्रतिमा भी तैयार कर रहे हैं। वहीं कर्नाटक में बन रही भगवान शिव की प्रतिमा को भी रामसुतार ही बना रहे है, जो करीब 46.6 मीटर ऊंची होगी।