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खोदकर छोड़े दस फुट गहरे गड्ढे में गिरकर युवक की मौत
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खोदकर छोड़े दस फुट गहरे गड्ढे में गिरकर युवक की मौत
लोनी। ट्रॉनिका सिटी के अगरौला गांव के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर दस फुट गहरे गड्ढे में गिरकर लाखन (26) की मौत हो गई। हादसे का सबब बना यह गड्ढा कई दिन पहले पिलर डालने के लिए खोदा गया था। इसके बाद भरा नहीं गया। लाखन के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दे दी है।
हादसा रविवार की रात करीब दस बजे हुआ। पंचलोक गांव निवासी लाखन ट्रॉनिका सिटी में एक फैक्टरी में काम करता था। वह पैदल जा रहा था। माना जा रहा है कि अंधेरे के कारण गड्ढा दिखा नहीं होगा। आसपास कोई स्ट्रीट लाइट नहीं है। इसके बाद वहां से गुजर रहे एक युवक ने आवाज आने पर गड्ढे में झांककर देखा तो उसे लगा कि कोई अंदर गिरा हुआ है।
उसने और लोगों को बुलाकर लाखन को बाहर निकाला। वह बुरी तरह से घायल हो चुका था। गंभीर हालत में परिजन दिल्ली से गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई।
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छिन गया परिवार का सहारा
लाखन के परिवार में गर्भवती पत्नी राजकुमारी, बेटा धविश और पिता हरभगवान हैं। पिता बीमारी से जूझ रहे हैं। पूरे परिवार का सहारा लाखन ही था। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है। घर में कोहराम मचा है।
पुलिस ने कहा, गड्ढा किसका-पता नहीं
लाखन के परिजनों ने तहरीर में कहा है कि एनएचएआई और एमटीएनएल ने गड्ढे खोदकर छोड़ रखे हैं। इनकी वजह से ही हादसा हुआ। इस पर ट्रॉनिका सिटी के थाना प्रभारी का कहना है कि हादसे की वजह बना गड्ढा किस विभाग का है, इसकी जानकारी नहीं है। यह जांच में साफ होगा।
दस दिन में गड्ढों से दूसरी मौत
दस दिन के भीतर गड्ढे की वजह से किसी की मौत हो जाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 21 अगस्त को दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोरटा में गड्ढे से स्कूटी पलट जाने के कारण 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
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लोनी। ट्रॉनिका सिटी के अगरौला गांव के सामने दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर दस फुट गहरे गड्ढे में गिरकर लाखन (26) की मौत हो गई। हादसे का सबब बना यह गड्ढा कई दिन पहले पिलर डालने के लिए खोदा गया था। इसके बाद भरा नहीं गया। लाखन के परिजनों ने पुलिस को तहरीर दे दी है।
हादसा रविवार की रात करीब दस बजे हुआ। पंचलोक गांव निवासी लाखन ट्रॉनिका सिटी में एक फैक्टरी में काम करता था। वह पैदल जा रहा था। माना जा रहा है कि अंधेरे के कारण गड्ढा दिखा नहीं होगा। आसपास कोई स्ट्रीट लाइट नहीं है। इसके बाद वहां से गुजर रहे एक युवक ने आवाज आने पर गड्ढे में झांककर देखा तो उसे लगा कि कोई अंदर गिरा हुआ है।
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उसने और लोगों को बुलाकर लाखन को बाहर निकाला। वह बुरी तरह से घायल हो चुका था। गंभीर हालत में परिजन दिल्ली से गुरु तेग बहादुर अस्पताल ले गए। वहां उपचार के दौरान मंगलवार सुबह मौत हो गई।
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छिन गया परिवार का सहारा
लाखन के परिवार में गर्भवती पत्नी राजकुमारी, बेटा धविश और पिता हरभगवान हैं। पिता बीमारी से जूझ रहे हैं। पूरे परिवार का सहारा लाखन ही था। उसकी मौत से पूरा परिवार टूट गया है। घर में कोहराम मचा है।
पुलिस ने कहा, गड्ढा किसका-पता नहीं
लाखन के परिजनों ने तहरीर में कहा है कि एनएचएआई और एमटीएनएल ने गड्ढे खोदकर छोड़ रखे हैं। इनकी वजह से ही हादसा हुआ। इस पर ट्रॉनिका सिटी के थाना प्रभारी का कहना है कि हादसे की वजह बना गड्ढा किस विभाग का है, इसकी जानकारी नहीं है। यह जांच में साफ होगा।
दस दिन में गड्ढों से दूसरी मौत
दस दिन के भीतर गड्ढे की वजह से किसी की मौत हो जाने का यह दूसरा मामला है। इससे पहले 21 अगस्त को दिल्ली-मेरठ हाईवे पर मोरटा में गड्ढे से स्कूटी पलट जाने के कारण 53 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए थे।