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20 महीने बाद याद आया यूजर चार्ज, 1.27 लाख घरों को भेजे बिल
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20 महीने बाद याद आया यूजर चार्ज, 1.27 लाख घरों को भेजे बिल
वसुंधरा। नगर निगम को 20 महीने बीतने के बाद यूजर चार्ज की याद आई है। इतने महीनों का इक्ट्ठा बिल लोगों को भेजा गया है। गृहकर के साथ 1800 रुपये का बिल जुड़कर पहुंचने से जोन के 1.27 लाख गृह स्वामियों की परेशानी बढ़ गई है। निगम की कार्यप्रणाली से लोगों में नाराजगी है।
टीएचए में मोहन नगर व वसुंधरा दो जोन शामिल हैं। वसुंधरा जोन में 1.27 लाख गृह स्वामी है। नगर निगम वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी में 24 प्रतिशत कर, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र से 14 प्रतिशत व इंदिरापुरम से 10 प्रतिशत कर वसूल करता है। वसुंधरा जोन में 250 मिट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। नगर निगम गृह स्वामियों से कूड़ा उठवाने और शहर में निश्चित स्थान में डलवाने को लेकर यूजर चार्ज भी वसूल कर रहा है। हालांकि गृह स्वामियों को पिछले तीन साल से कोई भी यूजर चार्ज का बिल नहीं भेजा गया, लेकिन अब नगर निगम ने तीन साल का बिल एक साथ भेज दिया है। अधिकारी गृह कर के साथ यूजर चार्ज जमा करने का दबाव बना रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो पहले बिल मैनुअल बनते थे। जिसके चलते बिल नहीं बन पाए थे, लेकिन अब कंप्यूटर से बिलों को बनाया गया है। तीन साल के बिलों को बनाकर सभी घरों को भेज दिया गए हैं। लोग इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन भी जमा करा सकते हैं।
कूड़े वाले को देते हैं 50 रुपये
गृहकर व यूजर चार्ज जमा कराने पहुंच रहे गृहस्वामी अशोक कुमार व रामप्यारी का कहना है कि वह हर माह कूड़े वाले को 50 रुपये देते हैं, लेकिन फिर भी यूजर चार्ज का बिल भेजने जाने से दोहरी मार पड़ रही है। नगर निगम को पुराना यूजर चार्ज नहीं वसूलना चाहिए।
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कूड़ा करीब तीन साल से उठाया जा रहा है। पहले बिल बनवाए गए थे, लेकिन बिलों में दर ज्यादा होने की वजह से दोबारा बिल बनवाए गए। नई दर के आधार पर बिल बनवाए गए। नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद दिसंबर में बिल बने थे। इसके चलते दो पुराने वित्तीय वर्ष व एक वर्तमान वित्तीय वर्ष का बिल भेजे गए हैं।
- सरिता सिंह, वसुंधरा जोनल प्रभारी।
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वसुंधरा। नगर निगम को 20 महीने बीतने के बाद यूजर चार्ज की याद आई है। इतने महीनों का इक्ट्ठा बिल लोगों को भेजा गया है। गृहकर के साथ 1800 रुपये का बिल जुड़कर पहुंचने से जोन के 1.27 लाख गृह स्वामियों की परेशानी बढ़ गई है। निगम की कार्यप्रणाली से लोगों में नाराजगी है।
टीएचए में मोहन नगर व वसुंधरा दो जोन शामिल हैं। वसुंधरा जोन में 1.27 लाख गृह स्वामी है। नगर निगम वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी में 24 प्रतिशत कर, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र से 14 प्रतिशत व इंदिरापुरम से 10 प्रतिशत कर वसूल करता है। वसुंधरा जोन में 250 मिट्रिक टन कूड़ा प्रतिदिन निकलता है। नगर निगम गृह स्वामियों से कूड़ा उठवाने और शहर में निश्चित स्थान में डलवाने को लेकर यूजर चार्ज भी वसूल कर रहा है। हालांकि गृह स्वामियों को पिछले तीन साल से कोई भी यूजर चार्ज का बिल नहीं भेजा गया, लेकिन अब नगर निगम ने तीन साल का बिल एक साथ भेज दिया है। अधिकारी गृह कर के साथ यूजर चार्ज जमा करने का दबाव बना रहे हैं। नगर निगम अधिकारियों की मानें तो पहले बिल मैनुअल बनते थे। जिसके चलते बिल नहीं बन पाए थे, लेकिन अब कंप्यूटर से बिलों को बनाया गया है। तीन साल के बिलों को बनाकर सभी घरों को भेज दिया गए हैं। लोग इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन भी जमा करा सकते हैं।
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कूड़े वाले को देते हैं 50 रुपये
गृहकर व यूजर चार्ज जमा कराने पहुंच रहे गृहस्वामी अशोक कुमार व रामप्यारी का कहना है कि वह हर माह कूड़े वाले को 50 रुपये देते हैं, लेकिन फिर भी यूजर चार्ज का बिल भेजने जाने से दोहरी मार पड़ रही है। नगर निगम को पुराना यूजर चार्ज नहीं वसूलना चाहिए।
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कूड़ा करीब तीन साल से उठाया जा रहा है। पहले बिल बनवाए गए थे, लेकिन बिलों में दर ज्यादा होने की वजह से दोबारा बिल बनवाए गए। नई दर के आधार पर बिल बनवाए गए। नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद दिसंबर में बिल बने थे। इसके चलते दो पुराने वित्तीय वर्ष व एक वर्तमान वित्तीय वर्ष का बिल भेजे गए हैं।
- सरिता सिंह, वसुंधरा जोनल प्रभारी।