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शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी का खाता सीज होने से बढ़ीं मुसीबतें
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शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी का खाता सीज होने से बढ़ीं मुसीबतें
साहिबाबाद। कभी एओए विवाद तो कभी मेंटेनेंस कार्य न होने पर बिल्डर के खिलाफ हंगामा और प्रदर्शन से विवादों में रही अहिंसाखंड की शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी के लोग परेशानी झेल रहे हैं। सोसायटी की सिक्योरिटी और मेंटेनेंस पर कब्जा करने के बावजूद सोसायटी रेजिडेंट्स की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही। दो गुटों के आपसी विवाद की वजह से अब सोसायटी का खाता सीज हो चुका है, जिसकी वजह से सोसायटी के बड़े मेंटेनेंस कार्य जिसमें अधिक रकम खर्च होनी है, नहीं हो पा रहे हैं।
शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी में तकरीबन 1200 फ्लैट हैं जिनमें लोग रह रहे हैं। लंबे समय से बिल्डर को मेंटेनेंस का बिल जमा करने के बावजूद सोसायटी में समस्याएं जस की तस बनी हुई थी। जिसकी वजह से पिछले दिनों सोसायटी के लोगों ने सिक्योरिटी और मेंटेनेंस दफ्तर पर अपना कब्जा कर लिया। सोसायटी रेजिडेंट्स ने सोचा कि अब शायद उनकी समस्याएं कम होंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सोसायटी के पूर्व एओए पदाधिकारी कोर्ट चले गए जिसकी वजह से सोसायटी का खाता सीज हो चुका है। वर्तमान सोसायटी एओए पदाधिकारियों का कहना है कि मेंटेनेंस बिल जमा करने के बावजूद पूर्व में बिल्डर द्वारा सोसायटी में कोई काम नहीं कराया गया। अब जब उन लोगों ने सिक्योरिटी और मेंटेनेंस पर अपना कब्जा किया भी तो बेवजह कुछ लोगों ने जिला प्रशासन में शिकायत की ओर अब कोर्ट में मामला चल रहा है। इसकी वजह से जिन कार्यों में मोटा बजट खर्च होना है, वह नहीं हो पा रहा।
पिछले कई वर्षों से मेंटेनेंस बिल जमा करने के बावजूद हम लोग परेशान हैं। पानी से लेकर लिफ्ट तक की समस्या सोसायटी में बनी हुई है। समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। अब मेंटेनेंस वर्क हो भी रहा है तो वह छोटे-मोटे स्तर पर हो रहा है जबकि लिफ्ट की रिपेयरिंग अभी नहीं हो सकी है। मंजू गुप्ता
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जिला प्रशासन को चाहिए कि सोसायटी के इस तरह के विवाद को पूरी तरह से खात्मा कराए लेकिन लंबे अर्से तक मामला फंसा रहता है, जिससे लोग परेशान होते हैं। प्रत्येक ब्लॉक में पचास फीसदी से अधिक लिफ्ट खराब पड़ी हैं। गौरव अरोड़ा
सोसायटी की 20 से अधिक लिफ्ट खराब है। हम लोग पूर्व में भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन बिल्डर द्वारा काम नहीं कराया गया। अब हम लोगों ने मेंटेनेंस दफ्तर पर अधिकार भी जमा लिया तो खाता सीज होने की वजह से काम नहीं हो पा रहा। हिना मेहता
हम लोग अब काम करा रहे हैं लेकिन खाता सीज होने की वजह से मोटे बजट का काम नहीं हो सकता। छोटे-मोटे मेंटनेंस व सिक्योरिटी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हम लोग प्रयास में हैं कि जल्द से जल्द यह विवाद खत्म हो और लोगों को सुविधाएं मिल सकें। प्रिया बिष्ट, एओए पदाधिकारी
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साहिबाबाद। कभी एओए विवाद तो कभी मेंटेनेंस कार्य न होने पर बिल्डर के खिलाफ हंगामा और प्रदर्शन से विवादों में रही अहिंसाखंड की शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी के लोग परेशानी झेल रहे हैं। सोसायटी की सिक्योरिटी और मेंटेनेंस पर कब्जा करने के बावजूद सोसायटी रेजिडेंट्स की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रही। दो गुटों के आपसी विवाद की वजह से अब सोसायटी का खाता सीज हो चुका है, जिसकी वजह से सोसायटी के बड़े मेंटेनेंस कार्य जिसमें अधिक रकम खर्च होनी है, नहीं हो पा रहे हैं।
शिप्रा कृष्णा विस्टा सोसायटी में तकरीबन 1200 फ्लैट हैं जिनमें लोग रह रहे हैं। लंबे समय से बिल्डर को मेंटेनेंस का बिल जमा करने के बावजूद सोसायटी में समस्याएं जस की तस बनी हुई थी। जिसकी वजह से पिछले दिनों सोसायटी के लोगों ने सिक्योरिटी और मेंटेनेंस दफ्तर पर अपना कब्जा कर लिया। सोसायटी रेजिडेंट्स ने सोचा कि अब शायद उनकी समस्याएं कम होंगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ और सोसायटी के पूर्व एओए पदाधिकारी कोर्ट चले गए जिसकी वजह से सोसायटी का खाता सीज हो चुका है। वर्तमान सोसायटी एओए पदाधिकारियों का कहना है कि मेंटेनेंस बिल जमा करने के बावजूद पूर्व में बिल्डर द्वारा सोसायटी में कोई काम नहीं कराया गया। अब जब उन लोगों ने सिक्योरिटी और मेंटेनेंस पर अपना कब्जा किया भी तो बेवजह कुछ लोगों ने जिला प्रशासन में शिकायत की ओर अब कोर्ट में मामला चल रहा है। इसकी वजह से जिन कार्यों में मोटा बजट खर्च होना है, वह नहीं हो पा रहा।
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पिछले कई वर्षों से मेंटेनेंस बिल जमा करने के बावजूद हम लोग परेशान हैं। पानी से लेकर लिफ्ट तक की समस्या सोसायटी में बनी हुई है। समस्याएं बढ़ती ही जा रही हैं। अब मेंटेनेंस वर्क हो भी रहा है तो वह छोटे-मोटे स्तर पर हो रहा है जबकि लिफ्ट की रिपेयरिंग अभी नहीं हो सकी है। मंजू गुप्ता
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जिला प्रशासन को चाहिए कि सोसायटी के इस तरह के विवाद को पूरी तरह से खात्मा कराए लेकिन लंबे अर्से तक मामला फंसा रहता है, जिससे लोग परेशान होते हैं। प्रत्येक ब्लॉक में पचास फीसदी से अधिक लिफ्ट खराब पड़ी हैं। गौरव अरोड़ा
सोसायटी की 20 से अधिक लिफ्ट खराब है। हम लोग पूर्व में भी कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं लेकिन बिल्डर द्वारा काम नहीं कराया गया। अब हम लोगों ने मेंटेनेंस दफ्तर पर अधिकार भी जमा लिया तो खाता सीज होने की वजह से काम नहीं हो पा रहा। हिना मेहता
हम लोग अब काम करा रहे हैं लेकिन खाता सीज होने की वजह से मोटे बजट का काम नहीं हो सकता। छोटे-मोटे मेंटनेंस व सिक्योरिटी का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। हम लोग प्रयास में हैं कि जल्द से जल्द यह विवाद खत्म हो और लोगों को सुविधाएं मिल सकें। प्रिया बिष्ट, एओए पदाधिकारी