{"_id":"6019ae638ebc3ec2cb7fb235","slug":"ghaziabad-shahibabad-news-gbd21305882","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि हर शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से बात करेंगे और उनकी समस्याओं को जानकर उनका निस्तारण कराया जाएगा।","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने बताया कि हर शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए लोगों से बात करेंगे और उनकी समस्याओं को जानकर उनका निस्तारण कराया जाएगा।
विज्ञापन
पकड़े गए गैंग के सदस्य।
- फोटो : GHAZIABAD City
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीसेट : सॉल्वर बैठाने वाला गैंग दबोचा
साहिबाबाद। कौशांबी पुलिस ने रुपये देकर दूसरे के नाम पर परीक्षा में बैठाने वाले अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश कर सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी), रेलवे भर्ती और इंडो-तिब्बत बार्डर पुलिस (आईटीबीपी) समेत अन्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से रुपये लेकर उनके स्थान पर दूसरे युवकों को परीक्षा में बैठाते थे। 12वीं पास सरगना पिछले तीन वर्षों से गिरोह को चला रहा था। पुलिस ने उनके पास से प्रिंटर, कंप्यूटर, मुहर, नकली और असली दस्तावेज, मार्कशीट, सनद बरामद की हैं। आरोपियों ने बताया कि गाजियाबाद के नेहरूनगर सेंटर पर उन्होंने छह छात्रों को सीटीईटी की परीक्षा दिलाई थी। पुलिस सभी की पहचान करने में जुटी हुई है। परीक्षा देने वालों की भी तलाश की जा रही है।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कौशांबी पुलिस को सूचना मिली कि सॉल्वर गैंग वैशाली सेक्टर चार में अंबेडकर पार्क के पास घूम रहा है। एसएचओ कौशांबी महेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज सोनवीर सिंह सोलंकी ने पुलिस टीम के साथ चारों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी अजय कुमार निवासी शिकोहाबाद जिला फिरोजाबाद, राजू उर्फ राजीव और राजेश निवासी मकखनपुर जिला फिरोजाबाद, पवन कुमार निवासी बसई मोहम्मदपुर जिला फिरोजाबाद हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए प्रिंटर, कीबोर्ड, कंप्यूटर, मुहर, स्टांप, नकली और असली आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, इंटरनेट डोंगल, कई छात्रों की मार्कशीट और सनद बरामद की है। यह सभी परीक्षा दिलाने के लिए ही गाजियाबाद में आए हुए थे। जबकि इनका एक साथी सूर्यकांत उर्फ लालू निवासी सिरसागंज निवासी फिरोजाबाद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
एक से डेढ़ लाख रुपये लेते थे परीक्षा पास कराने के
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 12वीं पास अजय गिरोह का सरगना है। वह पिछले तीन वर्षों से गैंग चला रहा है। वह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में रुपये लेकर पढ़े लिखे युवक और युवतियों को बैठाकर परीक्षा पास कराता था। इसके लिए वह अभ्यर्थियों से एक से डेढ़ लाख रुपये लेते थे। परीक्षा देने वाले को 50 हजार रुपये देते थे। बाकी खुद रखते थे।
विज्ञापन
कोचिंग सेंटरों के बाहर छात्रों को फंसाते थे
आरोपियों ने बताया कि वह विभिन्न कोचिंग सेंटरों के बाहर पर्चा बांटने के बहाने जाते थे। इसी दौरान बातचीत कर छात्रों को पास कराने का झांसा देकर फंसाते थे। इसके बाद उनसे रुपये लेते थे। फिरोजाबाद निवासी पवन का फोटो स्टूडियो है। वह एडमिट कार्ड पर लगी फोटो को एडिट करके परीक्षा में बैठने वाले छात्र की जगह जिस व्यक्ति से पेपर दिलवाते थे उसका फोटो लगाकर दूसरा एडमिट कार्ड तैयार करता था। साथ ही फोटो शॉप से एडिट करके छात्र और छात्रा के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो भी बदल कर फर्जी आईडी प्रूफ तैयार करता था। जिससे परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान आईडी भी परीक्षा देने वाली की लगे।
विज्ञापन
साहिबाबाद। कौशांबी पुलिस ने रुपये देकर दूसरे के नाम पर परीक्षा में बैठाने वाले अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग का पर्दाफाश कर सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी), रेलवे भर्ती और इंडो-तिब्बत बार्डर पुलिस (आईटीबीपी) समेत अन्य विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा पास कराने के नाम पर अभ्यर्थियों से रुपये लेकर उनके स्थान पर दूसरे युवकों को परीक्षा में बैठाते थे। 12वीं पास सरगना पिछले तीन वर्षों से गिरोह को चला रहा था। पुलिस ने उनके पास से प्रिंटर, कंप्यूटर, मुहर, नकली और असली दस्तावेज, मार्कशीट, सनद बरामद की हैं। आरोपियों ने बताया कि गाजियाबाद के नेहरूनगर सेंटर पर उन्होंने छह छात्रों को सीटीईटी की परीक्षा दिलाई थी। पुलिस सभी की पहचान करने में जुटी हुई है। परीक्षा देने वालों की भी तलाश की जा रही है।
एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि कौशांबी पुलिस को सूचना मिली कि सॉल्वर गैंग वैशाली सेक्टर चार में अंबेडकर पार्क के पास घूम रहा है। एसएचओ कौशांबी महेंद्र सिंह, चौकी इंचार्ज सोनवीर सिंह सोलंकी ने पुलिस टीम के साथ चारों आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपी अजय कुमार निवासी शिकोहाबाद जिला फिरोजाबाद, राजू उर्फ राजीव और राजेश निवासी मकखनपुर जिला फिरोजाबाद, पवन कुमार निवासी बसई मोहम्मदपुर जिला फिरोजाबाद हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर फर्जी दस्तावेज तैयार करने के लिए प्रिंटर, कीबोर्ड, कंप्यूटर, मुहर, स्टांप, नकली और असली आधार कार्ड, वोटर कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, फोटो, सिम कार्ड, मेमोरी कार्ड, इंटरनेट डोंगल, कई छात्रों की मार्कशीट और सनद बरामद की है। यह सभी परीक्षा दिलाने के लिए ही गाजियाबाद में आए हुए थे। जबकि इनका एक साथी सूर्यकांत उर्फ लालू निवासी सिरसागंज निवासी फिरोजाबाद अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।
विज्ञापन
एक से डेढ़ लाख रुपये लेते थे परीक्षा पास कराने के
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि 12वीं पास अजय गिरोह का सरगना है। वह पिछले तीन वर्षों से गैंग चला रहा है। वह विभिन्न प्रतियोगी परीक्षा में रुपये लेकर पढ़े लिखे युवक और युवतियों को बैठाकर परीक्षा पास कराता था। इसके लिए वह अभ्यर्थियों से एक से डेढ़ लाख रुपये लेते थे। परीक्षा देने वाले को 50 हजार रुपये देते थे। बाकी खुद रखते थे।
विज्ञापन
कोचिंग सेंटरों के बाहर छात्रों को फंसाते थे
आरोपियों ने बताया कि वह विभिन्न कोचिंग सेंटरों के बाहर पर्चा बांटने के बहाने जाते थे। इसी दौरान बातचीत कर छात्रों को पास कराने का झांसा देकर फंसाते थे। इसके बाद उनसे रुपये लेते थे। फिरोजाबाद निवासी पवन का फोटो स्टूडियो है। वह एडमिट कार्ड पर लगी फोटो को एडिट करके परीक्षा में बैठने वाले छात्र की जगह जिस व्यक्ति से पेपर दिलवाते थे उसका फोटो लगाकर दूसरा एडमिट कार्ड तैयार करता था। साथ ही फोटो शॉप से एडिट करके छात्र और छात्रा के आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस की फोटो भी बदल कर फर्जी आईडी प्रूफ तैयार करता था। जिससे परीक्षा केंद्र पर जांच के दौरान आईडी भी परीक्षा देने वाली की लगे।