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मुझे दुख है कि अभी तक एमएसपी पर बात नहीं हुई है-वीएम सिंह

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2021 12:50 AM IST
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Ghaziabad
एमएसपी पर बात न होना दुखद : वीएम सिंह
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साहिबाबाद। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएम सिंह ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को लागू करने पर रोक लगा दी गई है लेकिन दुख की बात ये है कि अभी तक एमएसपी पर बात नहीं हुई है। ये आंदोलन एमएसपी को लेकर शुरू हुआ था। एमएसपी पर कानून बनेगा तो देश के सभी किसानों को इसका फायदा होगा।

वीएम सिंह ने कहा कि किसानों को एमएसपी पर गारंटी चाहिए। इसको लेकर हल वार्ता से ही निकलेगा। जब सरकार से वार्ता हो रही थी तो एमएसी के मुद्दे को उठाना चाहिए था। एमएसपी पर फसल बिकेगी तो किसान को फायदा होगा। तीनों कृषि कानूनों पर स्टे लगने के बाद भी किसान एमएसपी के नीचे ही अपनी फसल बेचेगा। किसान अभी भी नुकसान में ही है। उन्होंने कहा कि कमेटी के लोगों ने बताया कि सरकार ने हमसे कहा कि एमएसपी पर बात करो लेकिन हमने नहीं की। अगर एमएसपी पर किसान की फसल की खरीद की गारंटी मिल जाती तो सरकार डाउन हो जाती है। कोर्ट का जो निर्णय हुआ है उसको लेकर कोर कमेटी के साथ बैठक की जाएगी। उसके बाद ही कुछ कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि इस बार ऐसा नहीं होगा कि पंजाब जो कहेगा हम उसके साथ चलेंगे। अगर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों के फायदे की बात होगी तो हम साथ होंगे। अगर हमारे फायदे की बात नहीं होगी तो हम साथ नहीं चलेंगे। पंजाब के किसानों को तो एमएसपी मिल रहा है। उनका धान और गेहूं एमएसपी पर बिक रहा है। जबकि हमारा गेहूं करीब 1500 रुपये क्विंटल पर आ गया है। हमें एमएसपी पर गारंटी चाहिए। उन्होंने कहा कि गाजीपुर आंदोलन में युवा इस उम्मीद से आया है कि उन्हें नौकरी मिले या ना मिले लेकिन आजीविका जरूर मिले। यहां लोग लंगर खाने या मेला देखने नहीं आए हैं। यह लोग एक दूसरे की ताकत बढ़ाने आए हैं। वह मानते हैं कि अगर एमएसपी पर गारंटी मिलती है तो हर एकड़ पर किसान को 14 हजार का फायदा धान पर मिलेगा। जबकि दस या पांच हजार रुपये का फायदा गेहूं पर मिलेगा। किसानों की आय में बीस हजार का फर्क पड़ेगा तो कौन सा किसान लड्डू नहीं बांटेगा। जब हम डीजल एक रुपये कम में नहीं ले सकते तो हमारा धान भी हम से एक रुपया कम में कोई नहीं ले सकता। हमें एमएसपी नहीं उस पर कानून चाहिए। यह लोग अपना हक लेने आए हैं।
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