दिल्ली-एनसीआर वाले सावधान: मिनटों में कर लेते हैं लाखों की गाड़ी की चोरी, सरगना समेत दो गिरफ्तार
गाजियाबाद में पुलिस ने ऑन डिमांड गाड़ियां चुराने वाले गिरोह का खुलासा किया है। सरगना समेत दो गिरफ्तार हो गए हैं। दिल्ली-एनसीआर से अब तक 200 लग्जरी कारें चोरी की है। लिंक रोड पुलिस ने सरगना समेत दोनों के कब्जे से तीन गाड़ियां बरामद की हैं।
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लिंक रोड पुलिस ने जंगी एप पर योजना बनाकर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में ऑन डिमांड करीब 200 लग्जरी गाड़ियां चुराने वाले गिरोह के सरगना समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य सोसायटी और कॉलोनियों से लग्जरी गाड़ियां चोरी करते थे। भागने वाला सदस्य मेहराज लैपटॉप या टैबलेट की मदद से सेंट्रल सिस्टम वाली गाड़ियों के लॉक खोलकर उन्हें चोरी करने में मदद करता था। दोनों के पास दिल्ली, लिंक रोड और गुरुग्राम से चोरी की गईं तीन गाड़ियां बरामद हुई हैं। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
डीसीपी निमिष पाटिल ने बताया कि थानाध्यक्ष प्रीति सिंह ने स्वॉट टीम के साथ गुलफाम उर्फ कटोरा पुत्र वहीद निवासी घोसीपुर थाना लोहिया नगर मेरठ और जाहुल पुत्र जुम्मा निवासी रूपडाका थाना हथीम जिला पलवल हरियाणा को सूर्यनगर के रंगोली तिराहे से गिरफ्तार किया है। दोनों ने पूछताछ में बताया कि गिरोह के कई सदस्य मोबाइल में जंगी एप इंस्टॉल करके अस्थायी नंबर से आपस में जुड़ जाते थे।
इसी एप पर ऑन डिमांड दिल्ली-एनसीआर से लग्जरी गाड़ियां चुराने की योजना बनाने से लेकर उसे बेचने तक की बात होती थी। इस एप पर सभी सदस्य आपस में चैट भी करते थे। ये यूनिक नंबर ऐसे होते थे, जिनका किसी दूसरे व्यक्ति को पता नहीं होता था लेकिन, जब कभी भी इन्हें पुलिस के पीछा करने या ट्रैक करने का पता चलता था तो सदस्य जंगी एप को अनस्टॉल कर देते थे।
इससे इनका अस्थायी नंबर अपने आप डिलीट हो जाता और सभी एक दूसरे से कुछ समय के लिए दूर हो जाते थे। वाहन चोरी की घटना के लिए सभी आमने-सामने मिलने पर दोबारा एप इंस्टॉल करते थे और यूनिक नंबर से नई आईडी बना लेते थे। पूछताछ में दोनों ने दिल्ली-एनसीआर से करीब 200 गाड़ियां चोरी करना कबूल किया है।
सूनसान रास्ते पर तोड़ते थे जीपीएस
एसीपी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि गुलफाम उर्फ कटोरा और जाहुल क्रेटा, स्विफ्ट, ब्रेजा, बलेनो आदि गाड़ियां ही चोरी करते थे। घटना के दौरान मेहराज गाड़ी चोरी कराने के बाद उसे सूनसान जगह पर ले जाकर ठिकाने लगवाता है। बाद में वहीं मौका मिलने पर जीपीएस तोड़कर गाड़ी को मेरठ और अन्य जगह पर सस्ते दाम में बेच देता था। पूछताछ में पता चला कि गिरोह के सदस्य सोसायटी और कालोनियों में घर के बाहर खड़ी गाड़ियों को ही निशाना बनाते थे। इनका चोरी का समय रात दो बजे से सुबह सात बजे के बीच तय था।
गाजियाबाद की सीमा में करते थे चोरी
पुलिस ने जब गुलफाम से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह कभी गाड़ी चोरी करने गाजियाबाद नहीं आया था। पुलिस ने जब उससे ट्रांस हिंडन की जगह बताई तो तब उसे गाजियाबाद के बारे में पता चला। गुलफाम 2013 से गाड़ियां चोरी करता है, जबकि जाहुल और फरार मेहराज निवासी डिग्गी मकबरा रेलवे रोड मेरठ व पहलवान उर्फ मोहसीन पुत्र रज्जाक निवासी नाहल थाना मसूरी भी उसके साथ जुड़कर घटना करने लगे। पुलिस ने बताया कि गुलफाम पर लिंक रोड, कविनगर, सिहानीगेट, विजयनगर, मेरठ में बह्मपुरी समेत दिल्ली के विभिन्न थानों में 19 मुकदमे दर्ज हैं। जाहुल पर दिल्ली और गाजियाबाद के थानों में 11 मुकदमे दर्ज हैं।
चोरी के दौरान नहीं रखते थे फोन
थानाध्यक्ष प्रीति सिंह ने बताया कि सरगना गुलफाम इतना शातिर है कि वह गाड़ी चोरी करने के दौरान किसी को भी अपने साथ फोन नहीं रखने देता था। उसे डर था कि पुलिस सर्विलांस लोकेशन और टावर से नेटवर्क का पता कर उसके साथियों को कभी भी गिरफ्तार कर लेगी। ऐसे में सभी जंगी एप पर ही इंटरनेट कॉल करते थे। मेहराज गाड़ियां बेचने के बाद रकम का बंटवारा करता था। फिलहाल लिंक रोड थाना क्षेत्र से चोरी की बलेनो, हरियाणा के गुरुग्राम सदर से ब्रेजा और दिल्ली से एक स्विफ्ट कार को बरामद किया है।