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Ghaziabad : डंपिंग ग्राउंड न हटाने पर एनजीटी ने निगम और जीडीए पर लगाया 200 करोड़ का जुर्माना
Fri, 09 Sep 2022 06:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 09 Sep 2022 06:35 AM IST
सार
Ghaziabad :दोनों विभागों को एक माह के अंदर जुर्माना जमा करने और छह माह के भीतर डंपिंग ग्राउंड हटाए जाने के आदेश दिए गए हैं। छह सितंबर को हुई सुनवाई में जुर्माने का यह आदेश जारी किया गया जो बृहस्पतिवार को एनजीटी की साइट पर अपलोड हुआ।
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विस्तार
आदेश के बावजूद शक्तिखंड चार से डंपिंग ग्राउंड न हटाए जाने पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने नगर निगम पर 150 करोड़ और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) पर 50 करोड़ रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति का जुर्माना लगाया है। दोनों विभागों को एक माह के अंदर जुर्माना जमा करने और छह माह के भीतर डंपिंग ग्राउंड हटाए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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छह सितंबर को हुई सुनवाई में जुर्माने का यह आदेश जारी किया गया जो बृहस्पतिवार को एनजीटी की साइट पर अपलोड हुआ। इंदिरापुरम के शक्ति खंड-चार आवासीय इलाके में 35 हजार वर्ग मीटर जमीन पर लंबे समय से कूड़ा डाला जा रहा है। इसके विरोध में कंफेडरेशन आफ ट्रांस हिडन आरडब्ल्यूए गाजियाबाद की ओर से वर्ष 2018 में एनजीटी में याचिका दायर की गई थी।
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संस्था के पदाधिकारी कुलदीप सक्सेना ने बताया कि डंपिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के बाद आए दिन उसमें आग लगा दी जाती थी। इससे उठने वाला धुआं और दुर्गंध कॉलोनियों व बहुमंजिला इमारतों में प्रदूषण को बढ़ा रहा था। आवासीय इलाके में डंपिंग ग्राउंड के विरोध में स्थानीय निवासियों ने पिछले वषों में दर्जनों बार प्रदर्शन किया।
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2018 में पहली बार हुआ था विरोध
याचिकाकर्ता कुलदीप सक्सेना ने बताया कि प्लॉट पर वर्ष 2017 से कूड़ा डलने लगा था। दुर्गंध बढ़ी तो स्थानीय लोगों ने पहली बार जनवरी 2018 में विरोध में सड़क पर उतरे थे। विरोध प्रदर्शन और शिकायतों के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई तो एनजीटी में याचिका दायर की।