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मुंबई के एक और व्यक्ति से ठगे एक करोड़ 32 लाख रुपये
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मुंबई के एक और व्यक्ति से ठगे एक करोड़ 32 लाख रुपये
साहिबाबाद। फर्जी कॉल सेंटर खोलकर रिटायर्ड अधिकारियों व कर्मचारियों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले आरोपी विभिन्न कंपनियों के सिमकार्ड को आठ सौ से एक हजार रुपये में खरीदते थे। वहीं, मुंबई का एक और मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग से 1.32 करोड़ की ठगी की गई। मुंबई पुलिस ने इस मामले में साइबर सेल गाजियाबाद से संपर्क किया है।
सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि सुमित और अंकित दोनों खाते व सिमकार्ड की व्यवस्था करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अधिकांश सिम के लिए वेरिफिकेशन कॉल नहीं आता था। जब कभी कंपनी से वेरिफिकेशन के लिए कॉल आता था तो दस्तावेज की फर्जी जानकारी देकर बच जाते थे। इसी से यह लोग ठगी की वारदात करते थे। इसके बाद सिमकार्ड को तोड़कर फेंक देते थे। इंदिरापुरम पुलिस सर्विलांस की मदद से फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके बाद अन्य जानकारी मिलेगी।
साइबर सेल गाजियाबाद और इंदिरापुरम पुलिस ने शनिवार को रिटायर्ड सरकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को झांसे में लेकर पीएफ की धनराशि और बीमा की राशि निकलवाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस खाते में डलवाकर ठगी करने वाले कॉलसेंटर को पकड़ा था। पुलिस ने घनश्याम, राहुल और धर्मेद्र को गिरफ्तार किया। आरोपी 2012 से अब तक दस हजार लोगों से एक अरब से अधिक रुपये की ठगी कर चुके हैं। जबकि तीन आरोपी अभी तक मामले में फरार हैं। पुलिस जिनकी तलाश कर रही है।
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साहिबाबाद। फर्जी कॉल सेंटर खोलकर रिटायर्ड अधिकारियों व कर्मचारियों से 100 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले आरोपी विभिन्न कंपनियों के सिमकार्ड को आठ सौ से एक हजार रुपये में खरीदते थे। वहीं, मुंबई का एक और मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग से 1.32 करोड़ की ठगी की गई। मुंबई पुलिस ने इस मामले में साइबर सेल गाजियाबाद से संपर्क किया है।
सीओ इंदिरापुरम अभय कुमार मिश्र ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया है कि सुमित और अंकित दोनों खाते व सिमकार्ड की व्यवस्था करते थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अधिकांश सिम के लिए वेरिफिकेशन कॉल नहीं आता था। जब कभी कंपनी से वेरिफिकेशन के लिए कॉल आता था तो दस्तावेज की फर्जी जानकारी देकर बच जाते थे। इसी से यह लोग ठगी की वारदात करते थे। इसके बाद सिमकार्ड को तोड़कर फेंक देते थे। इंदिरापुरम पुलिस सर्विलांस की मदद से फरार आरोपियों की तलाश कर रही है। इसके बाद अन्य जानकारी मिलेगी।
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साइबर सेल गाजियाबाद और इंदिरापुरम पुलिस ने शनिवार को रिटायर्ड सरकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को झांसे में लेकर पीएफ की धनराशि और बीमा की राशि निकलवाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस खाते में डलवाकर ठगी करने वाले कॉलसेंटर को पकड़ा था। पुलिस ने घनश्याम, राहुल और धर्मेद्र को गिरफ्तार किया। आरोपी 2012 से अब तक दस हजार लोगों से एक अरब से अधिक रुपये की ठगी कर चुके हैं। जबकि तीन आरोपी अभी तक मामले में फरार हैं। पुलिस जिनकी तलाश कर रही है।
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