{"_id":"61102a258ebc3efce322920b","slug":"ghaziabad-news-shahibabad-news-gbd2237936148","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जीवाड़ा कर पूर्व डीजी की पत्नी के फ्लैट पर कब्जा करने की कोशिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जीवाड़ा कर पूर्व डीजी की पत्नी के फ्लैट पर कब्जा करने की कोशिश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जीवाड़ा कर पूर्व डीजी की पत्नी के फ्लैट पर कब्जा करने की कोशिश
साहिबाबाद। कौशांबी स्थित यूपी पुलिस के रिटायर्ड डीजी योगेश कुमार मिश्र की पत्नी के फ्लैट का फर्जीवाड़ा कर कब्जा करने का मामला सामने आया है। दो वर्षों से फ्लैट को बेचने के लिए प्रयासरत थे। पीड़ित परिवार की ओर से एसएसपी गाजियाबाद को मामले में शिकायत दी गई। इसमें तीन नामजद और एक अज्ञात महिला के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
वड़ोदरा निवासी केके ओझा पूर्व डीजी योगेश कुमार मिश्र के दामाद हैं। उनकी ओर से एसएसपी गाजियाबाद अमित पाठक को एक शिकायत दी गई है। जिसमें आरोप लगाया है कि सास नीना मिश्रा के नाम से वर्ष 2003 में कौशांबी थाना क्षेत्र के गंगा अपार्टमेंट में एक फ्लैट खरीदा था। वे फ्लैट को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। उन्होंने फ्लैट को देखने के लिए इसी सोसायटी निवासी एक व्यक्ति के पास इसकी चाबी रखी थी। इस बीच लखनऊ निवासी डीलर हनी सिंह ने फ्लैट बिकवाने के लिए परिवार से संपर्क किया था। हनी ने आरडी वर्मा को फ्लैट का खरीदार बताकर परिवार से मिलवाया। फ्लैट खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए आरडी वर्मा ने इसके लिए कुछ धनराशि भी दी। अगस्त में रजिस्ट्री कराने के लिए समय निर्धारित किया गया। इसी दौरान गत दो अगस्त को एक व्यक्ति अमित सिंह कुछ लोगों के साथ नीना मिश्रा के फ्लैट को अपना बताकर सोसायटी में घुसने लगा। सुरक्षा गार्ड ने सोसायटी में फ्लैट की चाबी रखने वाले व्यक्ति को सूचना दी। उन्होंने गार्ड को बताया कि फ्लैट की बिक्री के संबंध में उनको कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद वह लोग चले गए। दूसरे दिन फिर से कुछ लोग सोसायटी में आए लेकिन घुस नहीं पाए। इसके बाद इस फर्जीवाड़ा का पता चला।
आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर की गई रजिस्ट्री
पुलिस जांच में सामने आया है कि फ्लैट मालकिन का नाम नीना मिश्रा है। लेकिन आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर मीना मिश्रा कर दिया। जानकारी करने पर पता चला कि फ्लैट की रजिस्ट्री किसी मीना मिश्रा ने कर दी है, साथ ही पता भी बदला हुआ था। जबकि नीना मिश्रा ने किसी को फ्लैट अभी तक बेचा नहीं है। कौशांबी पुलिस ने हनी सिंह, आरडी वर्मा, अमित और एक अज्ञात महिला के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
साहिबाबाद। कौशांबी स्थित यूपी पुलिस के रिटायर्ड डीजी योगेश कुमार मिश्र की पत्नी के फ्लैट का फर्जीवाड़ा कर कब्जा करने का मामला सामने आया है। दो वर्षों से फ्लैट को बेचने के लिए प्रयासरत थे। पीड़ित परिवार की ओर से एसएसपी गाजियाबाद को मामले में शिकायत दी गई। इसमें तीन नामजद और एक अज्ञात महिला के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।
वड़ोदरा निवासी केके ओझा पूर्व डीजी योगेश कुमार मिश्र के दामाद हैं। उनकी ओर से एसएसपी गाजियाबाद अमित पाठक को एक शिकायत दी गई है। जिसमें आरोप लगाया है कि सास नीना मिश्रा के नाम से वर्ष 2003 में कौशांबी थाना क्षेत्र के गंगा अपार्टमेंट में एक फ्लैट खरीदा था। वे फ्लैट को बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे थे। उन्होंने फ्लैट को देखने के लिए इसी सोसायटी निवासी एक व्यक्ति के पास इसकी चाबी रखी थी। इस बीच लखनऊ निवासी डीलर हनी सिंह ने फ्लैट बिकवाने के लिए परिवार से संपर्क किया था। हनी ने आरडी वर्मा को फ्लैट का खरीदार बताकर परिवार से मिलवाया। फ्लैट खरीदने की इच्छा जाहिर करते हुए आरडी वर्मा ने इसके लिए कुछ धनराशि भी दी। अगस्त में रजिस्ट्री कराने के लिए समय निर्धारित किया गया। इसी दौरान गत दो अगस्त को एक व्यक्ति अमित सिंह कुछ लोगों के साथ नीना मिश्रा के फ्लैट को अपना बताकर सोसायटी में घुसने लगा। सुरक्षा गार्ड ने सोसायटी में फ्लैट की चाबी रखने वाले व्यक्ति को सूचना दी। उन्होंने गार्ड को बताया कि फ्लैट की बिक्री के संबंध में उनको कोई जानकारी नहीं है। इसके बाद वह लोग चले गए। दूसरे दिन फिर से कुछ लोग सोसायटी में आए लेकिन घुस नहीं पाए। इसके बाद इस फर्जीवाड़ा का पता चला।
विज्ञापन
आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर की गई रजिस्ट्री
पुलिस जांच में सामने आया है कि फ्लैट मालकिन का नाम नीना मिश्रा है। लेकिन आधार कार्ड में फर्जीवाड़ा कर मीना मिश्रा कर दिया। जानकारी करने पर पता चला कि फ्लैट की रजिस्ट्री किसी मीना मिश्रा ने कर दी है, साथ ही पता भी बदला हुआ था। जबकि नीना मिश्रा ने किसी को फ्लैट अभी तक बेचा नहीं है। कौशांबी पुलिस ने हनी सिंह, आरडी वर्मा, अमित और एक अज्ञात महिला के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विज्ञापन