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वन विभाग के कर्मियों से भी पुलिस करेगी पूछताछ
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वन विभाग के कर्मियों से भी पुलिस करेगी पूछताछ
लोनी। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के बेटे नागेश द्वारा हर्ष फायरिंग की वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस वन विभाग के अधिकारी के बाद वन विभाग के कर्मियों से भी पूछताछ करेगी। वहीं अधिकारी के पिस्टल से फायरिंग की पुष्टि होने पर लाइसेंस को निरस्त किया जाएगा। पुलिस मामले में वीडियो समेत अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
एसपी देहात डॉ. इराज राजा ने बताया कि फायरिंग की वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लोगों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि बरामद पिस्टल को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच में अगर इस पिस्टल से फायरिंग होना पाया गया तो वन विभाग के अधिकारी अशोक गुप्ता का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारी ने अपने बयान थाने में दर्ज करा दिए हैं। अब पुलिस उन लोगों की सूची बना रही है, जो लोग वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में जो वन विभाग के कर्मी खड़े है, उन्हें भी थाने में बयान देने के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
6 जुलाई को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बेटे नागेश ने पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान पिस्टल से फायरिंग की थी। नागेश को पिस्टल वन विभाग के अधिकारी ने दी थी। फायरिंग का वीडियो बनाया गया जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान में लेकर नागेश और अशोक गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले में लोनी विधायक और वन विभाग के अधिकारी ने एयरगन से फायरिंग होने की बात कही थी। लेकिन पुलिस जांच में फायरिंग पिस्टल से होना पाया गया था।
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लोनी। भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के बेटे नागेश द्वारा हर्ष फायरिंग की वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस वन विभाग के अधिकारी के बाद वन विभाग के कर्मियों से भी पूछताछ करेगी। वहीं अधिकारी के पिस्टल से फायरिंग की पुष्टि होने पर लाइसेंस को निरस्त किया जाएगा। पुलिस मामले में वीडियो समेत अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
एसपी देहात डॉ. इराज राजा ने बताया कि फायरिंग की वीडियो वायरल होने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। पुलिस ने लोगों के बयान लेने शुरू कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि बरामद पिस्टल को जांच के लिए भेजा जा रहा है। जांच में अगर इस पिस्टल से फायरिंग होना पाया गया तो वन विभाग के अधिकारी अशोक गुप्ता का शस्त्र लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वन विभाग के अधिकारी ने अपने बयान थाने में दर्ज करा दिए हैं। अब पुलिस उन लोगों की सूची बना रही है, जो लोग वीडियो में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में जो वन विभाग के कर्मी खड़े है, उन्हें भी थाने में बयान देने के लिए बुलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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6 जुलाई को लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर के बेटे नागेश ने पौधरोपण कार्यक्रम के दौरान पिस्टल से फायरिंग की थी। नागेश को पिस्टल वन विभाग के अधिकारी ने दी थी। फायरिंग का वीडियो बनाया गया जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद अधिकारियों ने संज्ञान में लेकर नागेश और अशोक गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले में लोनी विधायक और वन विभाग के अधिकारी ने एयरगन से फायरिंग होने की बात कही थी। लेकिन पुलिस जांच में फायरिंग पिस्टल से होना पाया गया था।
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