{"_id":"60b926eb8ebc3ef7893ac11e","slug":"ghaziabad-news-shahibabad-news-gbd219754512","type":"story","status":"publish","title_hn":"70 हजार औद्योगिक कर्मचारियों को टीके का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
70 हजार औद्योगिक कर्मचारियों को टीके का इंतजार
विज्ञापन
70 हजार औद्योगिक कर्मचारियों को टीके का इंतजार
साहिबाबाद। कोरोना का ग्राफ घटने के बाद बेशक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अनलॉक की तैयारी में जुट गए हों लेकिन प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को गति देने वाली बड़ी आबादी अभी भी टीके के इंतजार में है। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 950 इकाइयां, आनंद औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 378, राजेंद्रनगर औद्योगिक क्षेत्र की 800 व लोनी-भोपुरा-ट्रॉनिका सिटी के करीब 700 इकाइयों में 70 हजार कर्मचारी और स्टाफ हैं। यह बड़ी आबादी गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हरियाणा और राजस्थान समेत अलग-अलग राज्यों से आती है। कोरोना की दूसरी लहर में शासन ने तमाम इकाइयों को नियम-शर्तों पर चलाने की अनुमति दी, लेकिन इन इलाकों में न तो कोरोना जांच के लिए कैंप लगे और ना ही वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई।
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के मीडिया कोआर्डिनेटर चरणजीत सिंह ने बताया कि कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच उद्यमियों ने जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलिंडर और खाद्य सामग्री पहुंचाकर मदद की। यह सिलसिला कई दिनों तक चला है। इतना ही नहीं, औद्योगिक क्षेत्र में आइसोलेशन सेंटर बनाकर कर्मचारियों व स्टाफ को राहत देने की भी तैयारी थी। पूरी व्यवस्था के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई नियम व शर्तें देने के बाद यह व्यवस्था भी अधूरी रह गई। इसी तरह मोहननगर के उद्यमियों ने ऑक्सीजन सिलिंडर व जरूरी सामान देकर कर्मचारियों और स्टाफ की मदद की, लेकिन प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की इतनी बड़ी आबादी की सुरक्षा के लिए टीकाकरण नहीं किया जाना असुरक्षित है।
टीका न लगने से अनलॉक में रहेगा खतरा
उद्यमियों का कहना है कि कोरोना प्रॉटोकॉल का पालन करते हुए उद्योग चलाए जा रहे हैं, लेकिन यहां काम करने वाले कर्मचारियों को वैक्सीनेशन करने की जरूरत है। मजदूर दूरदराज से आते हैं और साथ काम करते हैं। इनको टीका नहीं लगाए जाने से खतरा बना रहेगा। उस पर से अनलॉक में और मजदूरों की संख्या बढे़गी तब यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। पता चला कि उद्योगों के मालिकों ने तो टीका लगवा लिया है, लेकिन अधिकांश मजदूर टीका से वंचित हैं।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र इकाइयां कर्मचारी
साहिबाबाद 950 24000
आनंद 378 12000
राजेंद्रनगर 800 19000
लोनी-भोपुरा-ट्रॉनिका सिटी 700 20000
कोट
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में करीब 950 इकाइयां हैं, जिनमें हजारों लोग काम करते हैं। बीते साल यहां पर टेस्टिंग हुई थी। मगर इस बार ना तो टेस्टिंग कैंप लगा और ना ही वैक्सीनेशन की मांग पूरी हुई। अधिकारियों को इस बारे में बताया गया। अनलॉक होने पर बिना वैक्सीनेशन के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
दिनेश मित्तल, चेयरमैन, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4
यहां करीब 350 इकाइयों में पूरे लॉकडाउन काम हुआ। प्रशासन के नियमों को भी ध्यान में रखा गया। कर्मचारियों को बचाव के लिए सैनिटाइजर और मास्क बांटे गए। डीएम को पत्र लिखकर यहां के 10 हजार से अधिक कर्मचारियों व स्टाफ को वैक्सीनेशन कराने की मांग की है। संगठन पूरी व्यवस्था भी कराने को तैयार है।
किरनपाल पांचाल, अध्यक्ष, आनंद औद्योगिक क्षेत्र मोहननगर
दूसरी लहर में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने कोई कैंप नहीं लगाया। जबकि कई बार वैक्सीनेशन के लिए कहा जा चुका है। सभी इकाइयों में दस हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। अभी सैकड़ों कर्मचारी तो गांव से नहीं लौटे हैं। उनके लौटने से पहले वैक्सीनेशन की व्यवस्था करना जरूरी है।
पं. केके शर्मा, अध्यक्ष, राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र
जनपद के किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में अभी तक वैक्सीनेशन कैंप या टेस्टिंग कैंप नहीं लगा। कुछ उद्यमियों ने अपने स्तर से प्रयास कर लॉकडाउन के दौरान ऑक्सीजन की व्यवस्था की थी। मगर ट्रॉनिका सिटी को छोड़कर अभी कहीं वैक्सीनेशन की शुरुआत नहीं हुई। प्रशासन को इस बारे में जल्दी कदम उठाना चाहिए।
अशोक चौधरी, चेयरमैन, उप्र इंडस्ट्रीयल फेडरेशन
विज्ञापन
साहिबाबाद। कोरोना का ग्राफ घटने के बाद बेशक प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अनलॉक की तैयारी में जुट गए हों लेकिन प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को गति देने वाली बड़ी आबादी अभी भी टीके के इंतजार में है। साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में 950 इकाइयां, आनंद औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 378, राजेंद्रनगर औद्योगिक क्षेत्र की 800 व लोनी-भोपुरा-ट्रॉनिका सिटी के करीब 700 इकाइयों में 70 हजार कर्मचारी और स्टाफ हैं। यह बड़ी आबादी गाजियाबाद के अलावा दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, हरियाणा और राजस्थान समेत अलग-अलग राज्यों से आती है। कोरोना की दूसरी लहर में शासन ने तमाम इकाइयों को नियम-शर्तों पर चलाने की अनुमति दी, लेकिन इन इलाकों में न तो कोरोना जांच के लिए कैंप लगे और ना ही वैक्सीनेशन की व्यवस्था की गई।
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के मीडिया कोआर्डिनेटर चरणजीत सिंह ने बताया कि कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच उद्यमियों ने जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलिंडर और खाद्य सामग्री पहुंचाकर मदद की। यह सिलसिला कई दिनों तक चला है। इतना ही नहीं, औद्योगिक क्षेत्र में आइसोलेशन सेंटर बनाकर कर्मचारियों व स्टाफ को राहत देने की भी तैयारी थी। पूरी व्यवस्था के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई नियम व शर्तें देने के बाद यह व्यवस्था भी अधूरी रह गई। इसी तरह मोहननगर के उद्यमियों ने ऑक्सीजन सिलिंडर व जरूरी सामान देकर कर्मचारियों और स्टाफ की मदद की, लेकिन प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की इतनी बड़ी आबादी की सुरक्षा के लिए टीकाकरण नहीं किया जाना असुरक्षित है।
विज्ञापन
टीका न लगने से अनलॉक में रहेगा खतरा
उद्यमियों का कहना है कि कोरोना प्रॉटोकॉल का पालन करते हुए उद्योग चलाए जा रहे हैं, लेकिन यहां काम करने वाले कर्मचारियों को वैक्सीनेशन करने की जरूरत है। मजदूर दूरदराज से आते हैं और साथ काम करते हैं। इनको टीका नहीं लगाए जाने से खतरा बना रहेगा। उस पर से अनलॉक में और मजदूरों की संख्या बढे़गी तब यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाएगा। पता चला कि उद्योगों के मालिकों ने तो टीका लगवा लिया है, लेकिन अधिकांश मजदूर टीका से वंचित हैं।
विज्ञापन
औद्योगिक क्षेत्र इकाइयां कर्मचारी
साहिबाबाद 950 24000
आनंद 378 12000
राजेंद्रनगर 800 19000
लोनी-भोपुरा-ट्रॉनिका सिटी 700 20000
कोट
साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र में करीब 950 इकाइयां हैं, जिनमें हजारों लोग काम करते हैं। बीते साल यहां पर टेस्टिंग हुई थी। मगर इस बार ना तो टेस्टिंग कैंप लगा और ना ही वैक्सीनेशन की मांग पूरी हुई। अधिकारियों को इस बारे में बताया गया। अनलॉक होने पर बिना वैक्सीनेशन के संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
दिनेश मित्तल, चेयरमैन, साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट-4
यहां करीब 350 इकाइयों में पूरे लॉकडाउन काम हुआ। प्रशासन के नियमों को भी ध्यान में रखा गया। कर्मचारियों को बचाव के लिए सैनिटाइजर और मास्क बांटे गए। डीएम को पत्र लिखकर यहां के 10 हजार से अधिक कर्मचारियों व स्टाफ को वैक्सीनेशन कराने की मांग की है। संगठन पूरी व्यवस्था भी कराने को तैयार है।
किरनपाल पांचाल, अध्यक्ष, आनंद औद्योगिक क्षेत्र मोहननगर
दूसरी लहर में प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने कोई कैंप नहीं लगाया। जबकि कई बार वैक्सीनेशन के लिए कहा जा चुका है। सभी इकाइयों में दस हजार से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। अभी सैकड़ों कर्मचारी तो गांव से नहीं लौटे हैं। उनके लौटने से पहले वैक्सीनेशन की व्यवस्था करना जरूरी है।
पं. केके शर्मा, अध्यक्ष, राजेंद्र नगर औद्योगिक क्षेत्र
जनपद के किसी भी औद्योगिक क्षेत्र में अभी तक वैक्सीनेशन कैंप या टेस्टिंग कैंप नहीं लगा। कुछ उद्यमियों ने अपने स्तर से प्रयास कर लॉकडाउन के दौरान ऑक्सीजन की व्यवस्था की थी। मगर ट्रॉनिका सिटी को छोड़कर अभी कहीं वैक्सीनेशन की शुरुआत नहीं हुई। प्रशासन को इस बारे में जल्दी कदम उठाना चाहिए।
अशोक चौधरी, चेयरमैन, उप्र इंडस्ट्रीयल फेडरेशन