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45 दिन में 60 दंपतियों के दूर किये गिले-शिकवे
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45 दिन में 60 दंपतियों के दूर किये गिले-शिकवे
गाजियाबाद। छोटी-छोटी बातों पर रूठकर अलग हुए 60 दंपतियों को परिवार परामर्श केंद्र के मनोवैज्ञानिकों ने एक कर घर की राह दिखा दी है। राजी हुए इन दंपतियों को शराब पीने, खर्चा नहीं देने जैसी कई शिकायतें थीं। दो से तीन काउंसिलिंग के बाद ये दंपती शिकवे गिले भुलाकर एक साथ रहने के लिए राजी हो गए हैं।
महिला थाने में पिछले डेढ़ महीने में 60 मामलों में समझौते हुए। जनवरी में थाने में 1400 मामलों में काउंसिलिंग हुई, जिनमें से 40 मामलों में समझौता हुआ। वहीं, फरवरी अभी तक 20 दंपती ने आपसी मनमुटाव को भुला कर साथ रहने का फैसला किया। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी नेहा चौहान ने बताया कि कई बार छोटी-छोटी बातों को लेकर मामला थाने तक पहुंच जाता है। हमारी कोशिश यही होती है कि परिवारों को मिला दिया जाए, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाता है।
केस-1 अब नहीं पीऊंगा शराब, करूंगा प्यार
विजयनगर की रहने वाली युवती से लोनी में रहने वाले युवक से शादी हुई थी। एक साल शादी को होते ही मामला महिला थाने पहुंच गया। इसमें महिला का आरोप था कि पति शराब पीता है और रोजाना लड़ाई झगड़ा करता है। काउंसिलिंग के दौरान जब दोनों पक्ष की बातें सुनी गई तो पति ने स्वीकार किया कि वह पत्नी को काफी चाहता है लेकिन शराब की वजह से ही लड़ाई होती थी। पत्नी का भी कहना था कि इसके अलावा पति से कोई शिकायत नहीं। समझाने पर पति ने शराब छोड़ने का वादा किया और प्यार करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोनों का समझौता हो गया।
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केस- 2 : पति को देंगी समय, फोन पर नहीं करेंगी ज्यादा बाद
शादी के छह महीने के भीतर दिल्ली के युवक और प्रताप विहार की युवती का मामला महिला थाने में आया। पति की शिकायत थी कि पत्नी हमेशा फोन पर बातेें करने में लगी रहती है। उसका आरोप था कि वह उसे समय नहीं देती दिन भर फोन पर बातें करने में लगी रहती है। पत्नी का कहना था कि वह अपने माता-पिता और दोस्तों से बात करती है तो पति को क्या परेशानी है। पति का कहना था कि वह अपने माता-पिता से बात ना करे। काउंसिलर ने इस मामले में दोनों को समझाया। पत्नी को समझाया कि वह पति जब घर पर हो तो उसे समय दिया करे वहीं पति को भी समझाया कि पत्नी एकदम से अपने माता को नहीं छोड़ सकती। समय के साथ धीरे-धीरे घर की जिम्मेदारियों के बाद वह खुद ही बातचीत कम कर देगी।
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गाजियाबाद। छोटी-छोटी बातों पर रूठकर अलग हुए 60 दंपतियों को परिवार परामर्श केंद्र के मनोवैज्ञानिकों ने एक कर घर की राह दिखा दी है। राजी हुए इन दंपतियों को शराब पीने, खर्चा नहीं देने जैसी कई शिकायतें थीं। दो से तीन काउंसिलिंग के बाद ये दंपती शिकवे गिले भुलाकर एक साथ रहने के लिए राजी हो गए हैं।
महिला थाने में पिछले डेढ़ महीने में 60 मामलों में समझौते हुए। जनवरी में थाने में 1400 मामलों में काउंसिलिंग हुई, जिनमें से 40 मामलों में समझौता हुआ। वहीं, फरवरी अभी तक 20 दंपती ने आपसी मनमुटाव को भुला कर साथ रहने का फैसला किया। परिवार परामर्श केंद्र प्रभारी नेहा चौहान ने बताया कि कई बार छोटी-छोटी बातों को लेकर मामला थाने तक पहुंच जाता है। हमारी कोशिश यही होती है कि परिवारों को मिला दिया जाए, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाता है।
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केस-1 अब नहीं पीऊंगा शराब, करूंगा प्यार
विजयनगर की रहने वाली युवती से लोनी में रहने वाले युवक से शादी हुई थी। एक साल शादी को होते ही मामला महिला थाने पहुंच गया। इसमें महिला का आरोप था कि पति शराब पीता है और रोजाना लड़ाई झगड़ा करता है। काउंसिलिंग के दौरान जब दोनों पक्ष की बातें सुनी गई तो पति ने स्वीकार किया कि वह पत्नी को काफी चाहता है लेकिन शराब की वजह से ही लड़ाई होती थी। पत्नी का भी कहना था कि इसके अलावा पति से कोई शिकायत नहीं। समझाने पर पति ने शराब छोड़ने का वादा किया और प्यार करने का भरोसा दिलाया। इसके बाद दोनों का समझौता हो गया।
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केस- 2 : पति को देंगी समय, फोन पर नहीं करेंगी ज्यादा बाद
शादी के छह महीने के भीतर दिल्ली के युवक और प्रताप विहार की युवती का मामला महिला थाने में आया। पति की शिकायत थी कि पत्नी हमेशा फोन पर बातेें करने में लगी रहती है। उसका आरोप था कि वह उसे समय नहीं देती दिन भर फोन पर बातें करने में लगी रहती है। पत्नी का कहना था कि वह अपने माता-पिता और दोस्तों से बात करती है तो पति को क्या परेशानी है। पति का कहना था कि वह अपने माता-पिता से बात ना करे। काउंसिलर ने इस मामले में दोनों को समझाया। पत्नी को समझाया कि वह पति जब घर पर हो तो उसे समय दिया करे वहीं पति को भी समझाया कि पत्नी एकदम से अपने माता को नहीं छोड़ सकती। समय के साथ धीरे-धीरे घर की जिम्मेदारियों के बाद वह खुद ही बातचीत कम कर देगी।